IPAC ED Raid Kolkata: 2026 के विधानसभा चुनावों की आहट के बीच कोलकाता में गुरुवार को बड़ा राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला।
दरअसल प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 8 जनवरी को TMC के लिए चुनावी रणनीति बनाने वाली फर्म I-PAC (Indian Political Action Committee) के प्रमुख प्रतीश जैन के आवास और कार्यालयों पर एक साथ छापेमारी की।
लेकिन यह रेड तब एक राजनीतिक अखाड़े में बदल गई जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यहां एंट्री ली और इसे केंद्र बनाम राज्य की लड़ाई में बदल दिया।
ममता बनर्जी ने पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन और धरने का ऐलान कर दिया है और TMC कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे सड़कों पर उतरें।
It’s ED vs TMC all out in open. Whole IPAC office is surrounded by Police Forces amidst the ongoing raids. CM Mamata Banerjee is also present here now. pic.twitter.com/caumxSR94R
— Sudhanidhi Bandyopadhyay (@SudhanidhiB) January 8, 2026
छापेमारी की वजह क्या है
ED की यह कार्रवाई कथित तौर पर कोयला घोटाले (Coal Pilferage Scheme) और मनी लॉन्ड्रिंग के पुराने मामलों से जुड़ी है।
जांच एजेंसी के सूत्रों का दावा है कि कोयला तस्करी से अर्जित अवैध धन का इस्तेमाल चुनावी अभियानों में किया गया था।
विशेष रूप से 2022 के गोवा विधानसभा चुनावों के दौरान I-PAC को किए गए भुगतानों और दिल्ली में दर्ज कुछ वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों से इसके तार जोड़े जा रहे हैं।
🚨 BIG! ED officials conducted a raid at the IPAC office in Salt Lake.
Following the action, West Bengal CM Mamata Banerjee visited the residence of Pratik Jain, director of IPAC. pic.twitter.com/o0cLQ2FYhJ
— Megh Updates 🚨™ (@MeghUpdates) January 8, 2026
इसके अलावा, कुछ रिपोर्टों में इसे ‘फर्जी सरकारी नौकरी घोटाले’ से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
ED यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या राजनीतिक सलाहकार फर्म के माध्यम से अवैध धन को सफेद करने (Money Laundering) का प्रयास किया गया था।

ममता बनर्जी की एंट्री और हाई-वोल्टेज ड्रामा
छापेमारी की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपने पूरे दलबल के साथ प्रतीक जैन के आवास (7 लाउडन स्ट्रीट) पर पहुंच गईं।
उनके साथ राज्य के डीजीपी राजीव कुमार, पुलिस कमिश्नर मनोज वर्मा और कई वरिष्ठ मंत्री भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री का इस तरह किसी निजी फर्म के प्रमुख के घर छापेमारी के दौरान पहुंचना भारतीय राजनीति में एक दुर्लभ घटना है।
“ED took all our SIR data, party policy data, candidate list, booth president list from IPAC office and Pratik Jain’s house.”
– Bengal CM Mamata Banerjee after ED raid at IPAC office pic.twitter.com/rgJNgtB3sf
— News Arena India (@NewsArenaIndia) January 8, 2026
मुख्यमंत्री ने न केवल वहां मौजूद केंद्रीय सुरक्षाकर्मियों और अधिकारियों का सामना किया, बल्कि लाउडन स्ट्रीट से लेकर सेक्टर-5 स्थित I-PAC कार्यालय तक भाजपा सरकार पर जमकर प्रहार किए।
उन्होंने आरोप लगाया कि ED के अधिकारी कानून की आड़ में टीएमसी के गोपनीय दस्तावेज, उम्मीदवारों की सूची और आईटी सेल की हार्ड डिस्क चोरी कर रहे हैं।
ED tried to seize TMC’s internal data during raid at I-PAC chief’s house, alleges Mamatahttps://t.co/iLqVY1V42C#EDRaid #Kolkata #IPAC #PratikJain #WestBengal #MamataBanerjee #TMC #MoneyLaundering pic.twitter.com/pBFqNG3SBc
— NewsDrum (@thenewsdrum) January 8, 2026
भाजपा एक ‘डकैत’ पार्टी है- ममता
माइक थामकर ममता बनर्जी ने सीधे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर हमला बोला।
उन्होंने कहा, “यह सब गृह मंत्री की लिखी गई स्क्रिप्ट के तहत हो रहा है। वह देश की सुरक्षा करने में नाकाम हैं और उनका पूरा ध्यान हमारी पार्टी के दस्तावेजों को चुराने में लगा है। क्या ED का काम पार्टियों का डेटा चोरी करना है?”
ममता ने आगे कहा कि भाजपा एक ‘डकैत’ पार्टी है जो एजेंसियों के जरिए लोकतंत्र की हत्या कर रही है।
ED raids IPAC Chief Pratik Jain offices
The agency has been working with TMC since past decade.CM Mamata Banerjee reaches his residence and hits out at HM Amit Shah. pic.twitter.com/qhdZYH7aTK
— MANOGYA LOIWAL मनोज्ञा लोईवाल (@manogyaloiwal) January 8, 2026
उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ बंगाल में मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं और दूसरी तरफ टीएमसी की चुनावी रणनीति को बाधित करने के लिए I-PAC को निशाना बनाया जा रहा है।
I-PAC का इतिहास और महत्व
I-PAC वह संस्था है जिसकी नींव कभी प्रशांत किशोर ने रखी थी।
2021 के बंगाल चुनाव में टीएमसी की प्रचंड जीत के पीछे इसी संस्था की चुनावी रणनीति को मुख्य माना जाता है।
वर्तमान में प्रतीक जैन इसके प्रमुख हैं।
चूंकि 2026 के चुनाव करीब हैं और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा भी बंगाल के दौरे पर हैं, ऐसे में चुनावी रणनीतिकारों पर रेड को टीएमसी ‘राजनीतिक उत्पीड़न’ के रूप में देख रही है।
#WATCH | Kolkata | On the ED raids at the IPAC office in Kolkata, West Bengal CM Mamata Banerjee says, “Agar Amit Shah aapko Bengal jeetna hai aur aap mein himmat hai toh aap election mein ladai karke aaiye…”
She also says, “Why did you raid our party’s IT sector and take all… pic.twitter.com/rMYlNjeNFQ
— ANI (@ANI) January 8, 2026
भाजपा का पलटवार: ‘जांच में बाधा डाल रही हैं मुख्यमंत्री’
दूसरी ओर, भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी के इस कदम की कड़ी आलोचना की।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री केंद्रीय एजेंसियों के काम में बाधा डाल रही हैं, जो पूरी तरह असंवैधानिक है।
उन्होंने सवाल उठाया कि एक निजी फर्म के ऑफिस में सरकारी फाइलें और वोटर लिस्ट क्या कर रही थीं?
भाजपा का तर्क है कि अगर प्रतीक जैन ने कुछ गलत नहीं किया है, तो ममता बनर्जी इतनी परेशान क्यों हैं?
#WATCH | Kolkata | On the ED raids at the IPAC office in Kolkata, West Bengal LoP Suvendu Adhikari says, “I will not comment on the raid; ED will answer why the raid is going on. CM Mamata Banerjee has a history of disrupting the work of the central agencies. What Mamata did… pic.twitter.com/CEV5Hcvipp
— ANI (@ANI) January 8, 2026
2026 के रण का आगाज़
कोलकाता में हुआ यह घटनाक्रम साफ संकेत देता है कि आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति और अधिक आक्रामक होने वाली है।
यह मामला अब केवल भ्रष्टाचार की जांच तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह अस्मिता, चुनावी डेटा की सुरक्षा और संवैधानिक मर्यादाओं की लड़ाई बन गया है।
अब देखना यह होगा कि ED को इन छापों में क्या मिलता है और ममता बनर्जी के विरोध प्रदर्शन का बंगाल की जनता पर क्या असर पड़ता है।
