Navratri Garba Entry Rules: महाराष्ट्र में इस बार नवरात्रि के दौरान गरबा और डांडिया आयोजनों को लेकर माहौल गरमा गया है।
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने राज्यभर के गरबा मंडपों के लिए कुछ नए और सख्त नियम जारी किए हैं।
विहिप का कहना है कि गरबा पंडालों में गैर-हिंदुओं, खास तौर पर मुस्लिम समुदाय के लोगों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
इस व्यवस्था को लागू करने के लिए विहिप ने आयोजकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं।

आधार कार्ड देखकर ही मिलेगी एंट्री, निगरानी दस्ते रहेंगे तैनात
पंडाल में आने वाले हर व्यक्ति के आधार कार्ड की जांच की जाएगी।
इसके साथ ही, हिंदू पहचान की पुष्टि के लिए माथे पर तिलक लगाना अनिवार्य किया गया है।
विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ता मंडपों के बाहर निगरानी दस्ते के रूप में मौजूद रहेंगे, ताकि कोई पहचान छिपाकर अंदर न जा सके।

नायर बोले— नियम किसी समुदाय के खिलाफ नहीं
विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीराज नायर के अनुसार, यह कोई मनोरंजन का नाच-गाना नहीं, बल्कि मां दुर्गा की भक्ति और साधना का पावन पर्व है।
उन्होंने साफ किया कि इन पाबंदियों का मकसद किसी समुदाय का विरोध करना नहीं, बल्कि ‘लव जिहाद’ जैसी घटनाओं और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को रोकना है।
इसे एक एहतियाती कदम बताया गया है।

मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में 30 हजार से ज्यादा मंडल
महाराष्ट्र में नवरात्रि का त्योहार बहुत बड़े पैमाने पर मनाया जाता है।
राज्यभर में करीब 25 से 30 हजार सार्वजनिक गरबा मंडल सजते हैं, जबकि अकेले मुंबई महानगर में ऐसे 3 हजार से ज्यादा आयोजन होते हैं।
इसके अलावा, मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई जैसे इलाकों में दर्जनों बड़े व्यावसायिक गरबा इवेंट्स होते हैं, जहां हर दिन 10 हजार से लेकर 40 हजार तक लोग जुटते हैं।

बीते कुछ सालों में मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों में पहचान छिपाकर गरबा पंडालों में घुसने की शिकायतें सामने आई थीं, जिसके बाद वहां भी पुलिस और प्रशासन की मदद से पहचान पत्र जांचे गए थे।
अब इसी तर्ज पर महाराष्ट्र में भी यह नया नियम लागू करने की तैयारी है।
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