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ममता बनर्जी की भतीजी ब्रिष्टी घर में फंदे से लटकी मिली, जांच में जुटी पुलिस; शिक्षक भर्ती घोटाले में गई थी नौकरी

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Mamata Banerjee niece death: पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली खबर सामने आई है।

राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भतीजी और तृणमूल कांग्रेस नेता निहार मुखर्जी की बेटी ब्रिष्टी मुखर्जी अपने घर में फांसी के फंदे से लटकी पाई गईं।

शुरुआती जांच और पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक, यह मामला आत्महत्या का माना जा रहा है।

शिक्षक भर्ती घोटाले की गाज और डिप्रेशन की मार

ब्रिष्टि बीरभूम जिले के कुसुंबा गांव में स्थित अपने मकान में रह रही थीं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 28 वर्षीय ब्रिष्टी मुखर्जी बोलपुर के एक उच्च प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका के रूप में कार्यरत थीं।

हालांकि, पश्चिम बंगाल के चर्चित शिक्षक भर्ती घोटाले के कारण 2024 में उनकी नौकरी चली गई थी।

अचानक नौकरी छूट जाने के बाद से ही वह काफी मानसिक तनाव महसूस कर रही थीं और पिछले दो सालों से डिप्रेशन का शिकार थीं।

क्या है 2016 का भर्ती घोटाला?

इस पूरे घटनाक्रम के तार 2016 के राज्य स्तरीय चयन परीक्षा (SLCT) घोटाले से जुड़े हुए हैं।

2016 में सरकार ने करीब 24,640 रिक्त पदों के लिए भर्तियां निकाली थीं, जिसमें लाखों युवाओं ने भाग लिया था।

लेकिन बाद में इस भर्ती में 5 से 15 लाख रुपये तक रिश्वत लेने और भारी अनियमितता के गंभीर आरोप लगे।

CBI कार्रवाई और हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) की कार्रवाई के दौरान राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी, उनकी करीबी अर्पिता मुखर्जी और स्कूल सर्विस कमीशन (SSC) के कई बड़े अधिकारियों की गिरफ्तारी भी हुई थी।

मामले की सुनवाई करते हुए 22 अप्रैल 2024 को कलकत्ता हाईकोर्ट ने अवैध रूप से दी गई कुल 25,753 नौकरियां एक झटके में रद्द कर दी थीं।

कोर्ट ने न केवल भर्तियां रद्द कीं, बल्कि अवैध तरीके से काम कर रहे लोगों को ब्याज सहित अपनी सैलरी लौटाने का सख्त आदेश भी सुना दिया था।

हालांकि, बाद में मार्च 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने करीब 26,000 प्रभावित शिक्षकों को अंतरिम राहत दी थी कि जब तक नई चयन प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक वे पढ़ाना जारी रख सकते हैं।

मानसिक तनाव ने ली जान, पुलिस जांच में जुटी

नौकरी जाने के इस सदमे और लगातार मानसिक दबाव को ब्रिष्टी बर्दाश्त नहीं कर सकीं और अंततः उन्होंने यह कठोर कदम उठा लिया।

फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।

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