Monsoon in India: आखिरकार भीषण गर्मी से परेशान देशवासियों के लिए एक अच्छी खबर आ ही गई। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने केरल के रास्ते भारत में दस्तक दे दी है।
हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार मानसून अपने तय समय से 3 दिन की देरी से पहुंचा है।
आमतौर पर मानसून 1 जून तक केरलम के तट को छू लेता है, लेकिन इस बार यह थोड़ा लेट आया है।
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, भले ही मानसून आने में कुछ दिन की देरी हुई हो, लेकिन इसके आगे बढ़ने की रफ्तार अच्छी है।

अगले 7 दिनों तक केरलम, तमिलनाडु और कर्नाटक के कई इलाकों में मूसलाधार बारिश होने की संभावना जताई गई है।
अगले कुछ दिनों में कहाँ पहुँचेगा मानसून?
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों के भीतर मानसून तेजी से आगे बढ़ेगा।
यह जल्द ही पूरे गोवा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के बचे हुए हिस्सों को कवर कर लेगा।
इसके साथ ही पूर्वोत्तर (North-East) के राज्यों और बंगाल की खाड़ी के कुछ और इलाकों में भी इसके सक्रिय होने की उम्मीद है।

आमतौर पर केरलम पहुंचने के बाद मानसून को पूरे देश में फैलने में करीब डेढ़ महीने का समय लगता है।
इसके बाद, 17 सितंबर के आसपास राजस्थान के रास्ते इसकी वापसी शुरू होती है, जो 15 अक्टूबर तक पूरी हो जाती है।
10 साल में 7वीं बार लेट हुआ मानसून
अगर हम पिछले कुछ सालों का रिकॉर्ड देखें, तो मानसून की यह ‘लेट-लतीफी’ कोई नई बात नहीं है।
पिछले 10 वर्षों में यह 7वां मौका है जब मानसून अपने तय समय से देरी से पहुंचा है।
मौसम विभाग के पिछले 150 सालों के आंकड़ों पर नजर डालें, तो मानसून के आने की तारीखों में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है।

इतिहास में सबसे पहले मानसून साल 1918 में 11 मई को ही आ गया था, जबकि साल 1972 में यह सबसे ज्यादा लेट हुआ था, जब इसने 18 जून को केरल में कदम रखा था।
मध्य प्रदेश में प्री-मानसून का धमाल
भले ही मध्य प्रदेश में असली मानसून 20 जून के बाद ही एंट्री करेगा, लेकिन उससे पहले ही राज्य में ‘प्री-मानसून’ गतिविधियों ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है।
पिछले 24 घंटों में एमपी के लगभग 29 जिलों में तेज आंधी, बारिश और कुछ जगहों पर ओले गिरने की खबरें आई हैं।
श्योपुर जिले में सबसे ज्यादा करीब पौने दो इंच बारिश दर्ज की गई, जिससे कई निचले इलाकों में पानी भर गया।

राजधानी भोपाल में भी बुधवार रात से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला गुरुवार सुबह तक जारी रहा।
इसके अलावा मंडला, नर्मदापुरम और राजगढ़ में भी अच्छी-खासी बारिश हुई है।
गुना, सागर, दमोह, उमरिया और शाजापुर समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ पानी गिरा, जिससे लोगों को चुभती गर्मी से बड़ी राहत मिली है।
पचमढ़ी में सबसे ज्यादा ठंडक, भोपाल का पारा गिरा
बारिश और ठंडी हवाओं के चलने से मध्य प्रदेश के तापमान में भारी गिरावट आई है।
भोपाल का न्यूनतम तापमान गिरकर 20 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, जो सामान्य से 5 डिग्री कम है।
राज्य का इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा इलाका रहा, जहां न्यूनतम तापमान 18.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में भी तापमान में कमी दर्ज की गई है, जिससे मौसम सुहावना हो गया है।
24 राज्यों में अलर्ट, बादलों का ‘पावरहाउस’ एक्टिव
मौसम विभाग ने देश के 24 राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है।
- राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों में भारी बारिश के साथ ओले गिरने की चेतावनी दी गई है।
- दिल्ली में भी दो दिनों के लिए ‘यलो अलर्ट’ जारी किया गया है।
- वैज्ञानिकों के मुताबिक, आसमान में ‘क्यूम्युलोनिम्बस क्लाउड्स’ यानी मौसम के पावरहाउस कहे जाने वाले बादल बन रहे हैं।
- इन बादलों के कारण 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है और बिजली कड़कने के साथ भारी बारिश हो सकती है।
- केरलम के अलप्पुझा, कोट्टायम और एर्नाकुलम में 11 से 20 सेंटीमीटर तक की बहुत भारी बारिश (ऑरेंज अलर्ट) का अनुमान है।

हालांकि, उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात और पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में अभी भी पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार बना हुआ है, जहां जल्द ही राहत मिलने की उम्मीद है।
