MP Assembly Monsoon Session: मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान एक ही दिन में 8 महत्वपूर्ण विधेयक (Bills) पास हुए।
साथ ही सरकार ने 7,765 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट (Supplementary Budget) भी पेश किया।
सदन में हंगामे और विपक्ष (कांग्रेस) के वॉकआउट के बीच ये सारे काम निपटाए गए।
आइए जानते हैं कि इससे आपकी जिंदगी पर क्या असर पड़ेगा।
क्या है पूरा मामला?
मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का दूसरा दिन काफी गहमागहमी भरा रहा।
सदन में एक तरफ जहां विपक्षी दल कांग्रेस ने विभिन्न मुद्दों पर जमकर हंगामा किया, वहीं दूसरी तरफ सरकार ने विधायी कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया।
कांग्रेस के विधायकों ने कुछ बिलों पर चर्चा में भाग लिया, तो कुछ मुद्दों पर विरोध दर्ज कराते हुए सदन से वॉकआउट (बहिर्गमन) कर दिया।
विपक्ष के वॉकआउट के बावजूद सरकार ने एक ही दिन में समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक समेत कुल 8 महत्वपूर्ण बिलों को पास करवा लिया।
इसके साथ ही प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 7,765.06 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट भी सदन के पटल पर रखा।
1. बिना विपक्ष के पास हुए ये 4 बिल
कांग्रेस के सदन से बाहर चले जाने के कारण 4 विधेयकों पर सिर्फ सत्ता पक्ष (भाजपा) के विधायकों ने अपनी बात रखी और वे एकतरफा पास हो गए:
* मध्य प्रदेश ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक 2026: राज्य में व्यापार को आसान बनाने के लिए।
* मध्य प्रदेश उपकर (Cess) संशोधन विधेयक 2026: कर व्यवस्था में संशोधन हेतु।
* धनवंतरी स्वास्थ्य विश्वविद्यालय विधेयक 2026: नई मेडिकल यूनिवर्सिटी के गठन के लिए।
* मध्य प्रदेश वैट (VAT) संशोधन विधेयक 2026: टैक्स प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए।
पक्ष और विपक्ष दोनों की चर्चा के बाद पास हुए 3 बिल
इन तीन बिलों पर कांग्रेस विधायकों ने भी बहस में हिस्सा लिया और अपने सुझाव व विरोध दर्ज कराए, जिसके बाद इन्हें सर्वसम्मति/बहुमत से पास किया गया:
* मध्य प्रदेश राजमार्ग (संशोधन) विधेयक 2026
* मध्य प्रदेश अग्निशमन और आपातकालीन सेवाएं विधेयक 2026
* मध्य प्रदेश कार्यस्थल सशक्तिकरण (श्रम शक्ति) संहिता विधेयक 2026
ऐतिहासिक UCC बिल भी हुआ पास
इसी हंगामे के बीच मध्य प्रदेश समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक 2026 को भी सदन की मंजूरी मिल गई।
पास हुए प्रमुख कानूनों से आपकी जिंदगी में क्या बदलेगा?
1. स्टेट हाईवे पर लगेगा टोल, सरकार का बढ़ेगा नियंत्रण
राजमार्ग संशोधन विधेयक पास होने के बाद अब राज्य सरकार को यह अधिकार मिल गया है कि वह किसी भी सड़क को ‘स्टेट हाईवे’ घोषित कर सकती है।
* टोल टैक्स (User Charge): सरकार अब स्टेट हाईवे के रख-रखाव और विकास के लिए गाड़ियों से टोल वसूल सकेगी।
* अतिक्रमण पर रोक: हाईवे के किनारे की जमीनों के इस्तेमाल और वहां होने वाले अवैध कब्जों पर सरकार का सीधा नियंत्रण रहेगा।
* नए एक्सप्रेस-वे: अब ‘एरियल डिस्टेंस’ (सीधी दूरी) के आधार पर नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे बनाना बेहद आसान हो जाएगा।
अब 24 घंटे खुल सकेंगी दुकानें, गिग वर्करों को अधिकार
कार्यस्थल सशक्तिकरण (श्रम शक्ति) संहिता के लागू होने से व्यापार और नौकरियों के नियम बदलेंगे:
* 24/7 दुकानें: राज्य में दुकानें अब दिन-रात यानी 24 घंटे खुली रह सकती हैं।
* शिफ्ट और फ्लेक्सिबिलिटी: कर्मचारियों से 8-8 घंटे की शिफ्ट में काम लिया जाएगा। इसके अलावा, हफ्ते में 4 दिन 48 घंटे काम करने का विकल्प भी मालिक और कर्मचारी आपसी सहमति से चुन सकेंगे।
* सुरक्षा और अधिकार: डिलीवरी बॉय या राइडर्स (गिग वर्कर) को भी श्रम कानूनों के दायरे में लाया गया है। वहीं, कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा के लिए कार्यस्थल पर CCTV कैमरे लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।
आग से लापरवाही पड़ी भारी तो जाना होगा जेल
अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं विधेयक के तहत फायर सेफ्टी को लेकर नियम बहुत सख्त कर दिए गए हैं:
* नया कैडर: नगर निगमों/निकायों के तहत नया फायर सर्विस कैडर बनेगा, जो फायर सेफ्टी डायरेक्टर के नीचे काम करेगा।
* भारी जुर्माना व सजा: फायर सेफ्टी नियम तोड़ने पर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगेगा। अगर किसी ने आग की झूठी अफवाह या सूचना दी, तो उस पर 20,000 रुपये की चपत लगेगी।
* लापरवाही पर जेल: अगर फायर ब्रिगेड या सुरक्षा से जुड़ा कोई कर्मचारी काम में लापरवाही बरतता है, तो उसे 3 महीने की जेल या 3 महीने के वेतन के बराबर जुर्माना भरना पड़ेगा।
उज्जैन में खुलेगी ‘धनवंतरी स्वास्थ्य विश्वविद्यालय’
प्रदेश में मेडिकल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए उज्जैन में एक नई मेडिकल यूनिवर्सिटी बनाई जा रही है।
* अधिकार क्षेत्र: इंदौर, उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर और चंबल संभाग के मेडिकल कॉलेज इसके दायरे में आएंगे।
* कुलगुरु पद: इस यूनिवर्सिटी में ‘कुलपति’ शब्द की जगह ‘कुलगुरु’ शब्द का इस्तेमाल होगा। कुलगुरु वही व्यक्ति बन सकेगा जिसे किसी मेडिकल कॉलेज में कम से कम 10 साल प्रोफेसर के रूप में पढ़ाने का अनुभव हो।
7,765 करोड़ के अनुपूरक बजट में किसको क्या मिला?
सरकार को अपनी चालू योजनाओं को चलाने और नए विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त बजट की जरूरत थी। इस अनुपूरक बजट में मुख्य आवंटन इस प्रकार हैं:
विभाग / योजना | आवंटित राशि (करोड़ रुपये में)
नर्मदा घाटी विकास (सिंचाई व भूमि अधिग्रहण) | ₹3,000.00 करोड़
राजस्व विभाग (NDRF से मिली राशि) | ₹397.54 करोड़
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा | ₹101.00 करोड़
ICJS (क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम) | ₹98.83 करोड़
प्रतिभाशाली छात्रों को लैपटॉप वितरण | ₹58.07 करोड़
पुलिस आधुनिकीकरण (Modernization) | ₹58.32 करोड़
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