MP BJP Leaders Statement: देश के पांच राज्यों के चुनावी नतीजे और रुझान जैसे-जैसे सामने आ रहे हैं, राजनीति के गलियारों में बयानबाजी का दौर भी तेज हो गया है।
वैसे तो चुनाव पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में हैं, लेकिन इसका सीधा असर मध्य प्रदेश की सियासत पर भी देखने को मिल रहा है।
भोपाल से लेकर इंदौर तक, बीजेपी के बड़े नेताओं ने मोर्चा संभाल लिया है और जीत के दावों के साथ विपक्षी दलों पर निशाना साध रहे हैं।
विशेष रूप से पश्चिम बंगाल के शुरुआती रुझानों ने बीजेपी नेताओं को उत्साहित कर दिया है।

डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा का बड़ा वार
मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने चुनावी रुझानों पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में लंबे समय से चल रहे ‘जंगलराज’ और ‘गुंडाराज’ का अब अंत होने जा रहा है।
उन्होंने ममता बनर्जी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि बंगाल में फर्जी वोटरों के दम पर जो सत्ता चलाई जा रही थी, अब जनता ने उसे उखाड़ फेंकने का मन बना लिया है।

देवड़ा ने जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकास नीतियों और गृह मंत्री अमित शाह की रणनीति को दिया।
उन्होंने एक महत्वपूर्ण बात यह भी कही कि ममता बनर्जी ने महिला आरक्षण बिल का विरोध किया था, जिसका खामियाजा उन्हें इस चुनाव में भुगतना पड़ रहा है।

देवड़ा के अनुसार, जैसे ही फर्जी वोटरों के नाम लिस्ट से हटे, वैसे ही असली तस्वीर साफ होने लगी है।
मंत्री विश्वास सारंग और गौतम टेटवाल का बयान
मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने इसे ‘मोदी लहर’ का परिणाम बताया।
उन्होंने कहा कि बंगाल में अब ‘ममता दीदी’ का भय समाप्त हो गया है और लोगों के मन में ‘नरेंद्र मोदी’ के प्रति भरोसा और मजबूत हुआ है।
सारंग ने दावा किया कि बंगाल में अब “डबल इंजन” की सरकार बनने जा रही है।

उन्होंने कहा कि बंगाल का जो गौरवशाली इतिहास ममता शासन के दौरान धूमिल हुआ था, उसे भाजपा सरकार फिर से बहाल करेगी।
वहीं, मंत्री गौतम टेटवाल ने कहा कि देशभर में पीएम मोदी के नेतृत्व को स्वीकार किया जा रहा है।
रुझान साफ बता रहे हैं कि जनता अराजकता से मुक्ति चाहती है और विकास के साथ चलना चाहती है।
उनके मुताबिक, बंगाल के ये नतीजे पूरे देश की राजनीति को एक बड़ा और नया संदेश देंगे।

इंदौर मेयर का ‘लकी’ संयोग और चुनावी गणित
इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने चुनावी परिणामों को एक बेहद दिलचस्प संयोग से जोड़कर देखा।
उन्होंने अपनी देपालपुर यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि जब वे पिछली बार स्वच्छता टीम की घोषणा के दिन देपालपुर गए थे, तब बिहार चुनाव के नतीजे आए थे और बीजेपी जीती थी।
आज फिर वही संयोग बन रहा है। भार्गव का मानना है कि देपालपुर का बदला हुआ मिजाज और बंगाल के रुझान एक नई राजनीतिक इबारत लिखने वाले हैं।

उन्होंने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि बंगाल में इस बार कमल खिलना और इतिहास रचा जाना तय है।
सांसद शंकर लालवानी ने घेरा ‘जंगलराज’ को
इंदौर के सांसद शंकर लालवानी ने ममता सरकार पर तीखे आरोप लगाए।
उन्होंने कहा कि पिछले 15 सालों से बंगाल में अराजकता का माहौल था।
खासकर उन्होंने हिंदुओं पर हुए अत्याचारों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि वहां “राम” नाम बोलने पर भी पाबंदी जैसी स्थिति बना दी गई थी।

लालवानी ने दावा किया कि इस बार जनता ने प्रधानमंत्री मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को चुना है।
अन्य राज्यों पर नजर: केरल और तमिलनाडु
सिर्फ बंगाल ही नहीं, बीजेपी नेताओं ने अन्य राज्यों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी।
शंकर लालवानी ने कहा कि असम में भाजपा की फिर से वापसी जनता के अटूट विश्वास का प्रमाण है।
तमिलनाडु में उन्होंने गठबंधन के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई।
केरल के बारे में उन्होंने यथार्थवादी रुख अपनाते हुए कहा कि वहां पार्टी अभी अपनी जड़ें जमा रही है, लेकिन भविष्य में वहां से भी सुखद परिणाम देखने को मिलेंगे।

क्या बदलेगी सत्ता?
फिलहाल ये शुरुआती रुझान हैं और बयानबाजी का दौर चरम पर है।
बीजेपी के नेता पूरी तरह आश्वस्त हैं कि इस बार पूर्वोत्तर से लेकर दक्षिण तक भगवा रंग देखने को मिलेगा।
हालांकि, चुनावी नतीजों की अंतिम तस्वीर साफ होने में अभी कुछ घंटों का समय और है, लेकिन मध्य प्रदेश के बीजेपी नेताओं ने जीत का जश्न मनाना शुरू कर दिया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अगर ये रुझान नतीजों में बदलते हैं, तो यह भारतीय राजनीति के लिए एक टर्निंग पॉइंट साबित होगा।
