Carbide gun Diwali ban MP: दीपावली का पर्व खुशियों, रोशनी और उत्साह का प्रतीक होता है, लेकिन थोड़ी सी लापरवाही और रोमांच के चक्कर में यह खुशियां मातम में बदल सकती हैं।
इस बार मध्य प्रदेश में दिवाली के दौरान ‘कार्बाइड गन’ (Carbide Gun) का इस्तेमाल करना लोगों को भारी पड़ सकता है।
राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन ने इसे लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है।
कार्बाइड गन चलाने या बेचने वालों के खिलाफ सीधे एफआईआर (FIR) दर्ज कर जेल भेजने की तैयारी कर ली गई है।

ग्वालियर और अशोकनगर में प्रशासन की कड़ी कार्रवाई
मध्य प्रदेश के ग्वालियर और अशोकनगर जिलों में पुलिस ने विशेष अभियान छेड़ दिया है।
ग्वालियर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) धर्मवीर सिंह के निर्देश पर पुलिस महकमा पूरी तरह सक्रिय हो गया है।
ग्वालियर में 40 से ज्यादा पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो अलग-अलग इलाकों में जाकर दुकानों की ताबड़तोड़ जांच कर रही हैं।
यह जांच सिर्फ पटाखों की दुकानों तक सीमित नहीं है, बल्कि हार्डवेयर, फैब्रिकेशन यूनिट्स, वेल्डिंग शॉप्स और केमिकल बेचने वाले प्रतिष्ठानों को भी रडार पर लिया गया है।
दुकानदारों से पूछा जा रहा है कि उनके पास कौन-कौन सी सामग्री उपलब्ध है और उन्होंने अब तक कितनी बिक्री की है।

पुलिस प्रतिबंधित सामान के आने के मुख्य स्रोतों का भी पता लगा रही है।
दूसरी ओर, अशोकनगर पुलिस ने भी कार्बाइड गन और कार्बाइड लैम्प को लेकर एक सख्त एडवाइजरी जारी की है।
अशोकनगर के एसपी राजीव कुमार मिश्रा ने साफ किया है कि इन खतरनाक उपकरणों के अवैध निर्माण, भंडारण, बिक्री और उपयोग करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

आर्म्स एक्ट और एक्सप्लोसिव एक्ट के तहत होगी कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि जो लोग भी कार्बाइड गन का इस्तेमाल करते पकड़े जाएंगे, उनके खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज की जाएगी।
यह कार्रवाई मामूली नहीं होगी, बल्कि उन पर आर्म्स एक्ट (Arms Act) और एक्सप्लोसिव एक्ट (Explosive Act) जैसी गंभीर धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज किए जाएंगे।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि पुराने समय में ऐसे कई हादसे सामने आ चुके हैं, जिनमें कार्बाइड गन के धमाके से कई मासूम बच्चों की आंखों की रोशनी हमेशा के लिए चली गई या उनके चेहरे बुरी तरह झुलस गए।

ऐसे में पुलिस कोई भी जोखिम उठाने के मूड में नहीं है।
‘ऑपरेशन ईगल’ और सोशल मीडिया पर पैनी नजर
आजकल युवाओं में सोशल मीडिया पर स्टंट करने और रील्स बनाने का भारी क्रेज देखा जाता है।
इसी को ध्यान में रखते हुए ग्वालियर पुलिस ने ‘ऑपरेशन ईगल’ की शुरुआत की है।
इस विशेष अभियान के तहत पुलिस की साइबर सेल और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीमें उन लोगों पर कड़ी नजर रख रही हैं जो कार्बाइड गन के साथ फोटो, वीडियो या रील बनाकर शेयर कर रहे हैं।
यदि कोई व्यक्ति सोशल मीडिया पर इस खतरनाक गन का प्रचार करता या रील अपलोड करता पाया गया, तो उस पर भी कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।
पुलिस की अपील है कि कुछ सेकंड की लोकप्रियता या रील के चक्कर में अपना भविष्य और करियर दांव पर न लगाएं।

ऑनलाइन बिक्री पर भी लगाम
केवल स्थानीय दुकानें ही नहीं, बल्कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म (ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट्स) भी जांच के दायरे में हैं।
पुलिस ऑनलाइन सामान बेचने वाली कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर रही है।
इन कंपनियों से साफ कह दिया गया है कि वे अपने प्लेटफॉर्म से कार्बाइड गन की लिस्टिंग तुरंत हटाएं।
साथ ही, अब तक जिन लोगों ने ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से यह खतरनाक हथियार खरीदा है, उनका पूरा डेटा और जानकारी भी पुलिस द्वारा मांगी जा रही है, ताकि प्रतिबंधित सामान घरों तक न पहुंच सके।

कार्बाइड गन से क्यों है इतना खतरा?
विशेषज्ञों और पुलिस का मानना है कि कार्बाइड गन से होने वाला धमाका बेहद खतरनाक होता है।
इससे कई तरह के बड़े खतरे जुड़े हुए हैं:
* शारीरिक चोट और झुलसना:
इसके इस्तेमाल से अचानक तेज आग लग सकती है, जिससे चेहरा, हाथ और शरीर के अन्य हिस्से गंभीर रूप से झुलस सकते हैं।
* सुनने की क्षमता प्रभावित होना:
इससे निकलने वाली आवाज बहुत तेज और कान के परदे फाड़ने वाली होती है, जिससे सुनने की क्षमता हमेशा के लिए कम हो सकती है।
* सांस लेने में दिक्कत:
कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रक्रिया से निकलने वाली गैस और धुआं जहरीला हो सकता है, जिससे सांस लेने में भारी परेशानी और दम घुटने जैसी स्थिति बन सकती है।
* आंखों को नुकसान:
धमाके के दौरान निकलने वाले कण सीधे आंखों में जा सकते हैं, जिससे आंखों की रोशनी जाने का भारी खतरा रहता है।

मुख्यमंत्री के कड़े निर्देश
राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कानून-व्यवस्था की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए थे कि प्रदेश में दिवाली की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों से कहा है कि वे अपने-अपने इलाकों में कार्बाइड गन और कार्बाइड लैम्प की बिक्री और इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध सुनिश्चित करें।
इसके साथ ही, पटाखों की दुकानों के लाइसेंस और वहां सुरक्षा मानकों की भी बारिकी से जांच की जा रही है।

पुलिस और प्रशासन की आम जनता से अपील
प्रशासन ने सभी अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों को कार्बाइड गन के खतरों के बारे में बताएं और उन्हें ऐसी चीजों से दूर रखें।
दुकानदारों से कहा गया है कि वे मुनाफे के लालच में इस तरह के खतरनाक और प्रतिबंधित सामान की बिक्री न करें।
दीपावली खुशियों, दीपों और आपसी भाईचारे का त्योहार है, न कि जानलेवा हादसों का।
थोड़ी सी समझदारी दिखाकर हम अपने परिवार, बच्चों और समाज को सुरक्षित रख सकते हैं।
इसलिए इस दिवाली पटाखों और सुरक्षित तरीकों से पर्व मनाएं, और कार्बाइड गन जैसी खतरनाक चीजों से तौबा करें।
#CarbideGun #DiwaliSafety #MadhyaPolice #GwaliorPolice #Ashoknagar #OperationEagle #SafeDiwali #MPNews
