MP Congress reshuffle: मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी को नए सिरे से मजबूत करने के लिए संगठन स्तर पर बहुत बड़ा कदम उठाया गया है।
पार्टी के ‘संगठन सृजन अभियान’ के तहत अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के मध्य प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने 5 अगस्त को एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया।
इस फैसले के तहत मध्य प्रदेश कांग्रेस के सभी विभागों, प्रकोष्ठों (सेल्स) और उनकी जिला व ब्लॉक स्तर की इकाइयों को तुरंत प्रभाव से भंग कर दिया गया है।
दिल्ली में लगातार दो दिनों तक चली हाई-लेवल समीक्षा बैठक के बाद यह कड़ा फैसला लिया गया है, जिससे मध्य प्रदेश के राजनीतिक माहौल में काफी हलचल मच गई है।

नए कार्यकर्ताओं को मिलेगी जिम्मेदारी
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई संगठन के बड़े स्तर पर पुनर्गठन का पहला चरण है।
आने वाले समय में होने वाली राजनीतिक चुनौतियों और चुनावों की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।
अब पार्टी का ध्यान ऐसे कार्यकर्ताओं को आगे लाने पर है जो जमीन पर सक्रिय हैं और पार्टी के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं।
निष्क्रिय हो चुके नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा और नई ऊर्जा वाले नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

पूरी प्रदेश कार्यकारिणी भंग होने के आसार
विभागों और प्रकोष्ठों को भंग करने के बाद अब चर्चा है कि जल्द ही मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (MPCC) की मौजूदा प्रदेश कार्यकारिणी को भी भंग कर दिया जाएगा।
इसके बाद एक बिल्कुल नई और नई सोच वाली कार्यकारिणी की घोषणा होगी, जो राज्य में पार्टी के कामकाज को गति देगी।

रिपोर्ट कार्ड के आधार पर होगी छंटनी
कांग्रेस नेतृत्व ने पिछले साल अगस्त में नियुक्त किए गए जिलाध्यक्षों के कामकाज का एक विस्तृत रिपोर्ट कार्ड तैयार किया है।
इसी रिपोर्ट कार्ड के आधार पर अब गाज गिरने वाली है।
जिलाध्यक्षों के प्रदर्शन को A, B, C और D चार श्रेणियों में बांटा गया है:
* A और B ग्रेड: अच्छा काम करने वाले नेताओं को पद पर बनाए रखा जाएगा या नई जिम्मेदारियां दी जाएंगी।
* D ग्रेड: सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले करीब आधा दर्जन (6) जिलाध्यक्षों को पद से हटाना तय माना जा रहा है। दिल्ली की बैठक में इस पर सहमति बन चुकी है और उनके हटाने के आदेश कभी भी जारी हो सकते हैं।

जीतू पटवारी का बयान
इस पूरे घटनाक्रम पर मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि राहुल गांधी के मार्गदर्शन में ‘संगठन सृजन अभियान’ चलाया जा रहा है।
समीक्षा के बाद ही शीर्ष नेतृत्व ने सभी विभाग और प्रकोष्ठ की सभी इकाइयों को भंग करने का निर्णय लिया है।
उन्होंने साफ किया कि संगठन को नए और मजबूत स्वरूप में तैयार किया जा रहा है ताकि आम जनता के मुद्दों को और प्रमुखता से उठाया जा सके।

शीर्ष नेतृत्व को भेजी गई आदेश की प्रति
संगठन को भंग करने और नए सिरे से गठित करने से जुड़ा यह आधिकारिक आदेश कांग्रेस के सभी प्रमुख नेताओं को भेज दिया गया है।
इनमें कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल, एमपी कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार शामिल हैं।
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