MP IPS transfer list: मध्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कसावट को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल किए हैं।
हाल ही में गृह विभाग ने देर रात आदेश जारी करते हुए 12 भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं।
इस फेरबदल के तहत राज्य के पांच महत्वपूर्ण जिलों—बैतूल, नर्मदापुरम, पन्ना, हरदा और आलीराजपुर—में नए पुलिस अधीक्षकों (SP) की तैनाती की गई है।
इसके अलावा कुछ अधिकारियों को पुलिस मुख्यालय और अन्य इकाइयों में अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
प्रशासनिक फेरबदल की मुख्य बातें
सरकार की इस ट्रांसफर सूची के अनुसार, कई सीनियर आईपीएस अधिकारियों के कार्यक्षेत्र बदले गए हैं।
बैतूल के एसपी रहे वीरेंद्र जैन को अब राजधानी भोपाल में पुलिस उपायुक्त (ट्रैफिक) की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
उनकी जगह पर पीएचक्यू में सहायक पुलिस महानिरीक्षक के पद पर कार्यरत अमित सक्सेना को बैतूल का नया एसपी बनाया गया है।
इसी प्रकार, नर्मदापुरम में कानून-व्यवस्था की स्थिति और किसान आंदोलनों को संभालने में कथित विफलताओं के बाद प्रशासनिक स्तर पर कड़े कदम उठाए गए हैं।
नर्मदापुरम के एसपी रहे साईकृष्ण एस. थोटा को वहां से हटाकर पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक (AIG) बना दिया गया है।
उनकी जगह उज्जैन की 32वीं वाहिनी के कमांडेंट दीपक कुमार शुक्ला को नर्मदापुरम का नया एसपी नियुक्त किया गया है।
पन्ना जिले में भी बड़ा बदलाव किया गया है। इंदौर में साइबर एसपी के रूप में सेवाएं दे रहे सब्यसाची सराफ को अब पन्ना का नया एसपी बनाया गया है।
वहीं, पन्ना की पूर्व एसपी निवेदिता नायडू को वहां से हटाकर सागर स्थित विसबल की 10वीं वाहिनी का कमांडेंट पदस्थ किया गया है।
हरदा जिले के एसपी शशांक को भी उनके पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय, भोपाल में एआईजी की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि हरदा में नए एसपी के रूप में भोपाल के रेल एसपी रहे अंकित जायसवाल को भेजा गया है।
क्यों हो रही हैं ये कार्यवाहियां?
हालिया तबादलों को राजनीतिक और प्रशासनिक नजरिए से काफी अहम माना जा रहा है।
जानकारों के अनुसार, पिछले कुछ समय में राज्य के अलग-अलग हिस्सों में उपजे किसान आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों को स्थानीय पुलिस व प्रशासनिक अमला प्रभावी ढंग से नियंत्रित नहीं कर पाया था।
उदाहरण के तौर पर, नर्मदापुरम में किसान आंदोलन को सही से न संभाल पाने के कारण पहले कलेक्टर सोमेश मिश्रा पर गाज गिरी थी, और अब एसपी को भी बदल दिया गया है।
ठीक इसी तरह, केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट के विरोध को लेकर किसानों को समझाने में नाकामी के चलते पन्ना की कलेक्टर और एसपी दोनों को हटाया जा चुका है।
इसके अलावा, करीब दो महीने पहले हरदा और नर्मदापुरम के किसानों के अचानक भोपाल कूच करने और राजधानी की यातायात व्यवस्था तथा जनजीवन के अस्त-व्यस्त होने की घटना को भी इन प्रशासनिक बदलावों की एक बड़ी वजह माना जा रहा है।
जहरीली शराब कांड के बाद भी हुए थे फेरबदल
इस फेरबदल से ठीक तीन दिन पहले राज्य सरकार ने जहरीली शराब से हुई मौतों के मामलों पर सख्त रुख अपनाते हुए देवास और सागर जिलों के कलेक्टर्स और एसपी को भी बदल दिया था।
देवास में जिला आबकारी अधिकारी सहित तीन आबकारी अधिकारियों को निलंबित भी किया गया था।
देवास के तत्कालीन एसपी पुनीत गहलोत और सागर के एसपी अनुराग सुजानिया को पीएचक्यू में एआईजी बनाकर भेजा गया था।
प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सरकार का यह सिलसिला लगातार जारी है।
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