Homeन्यूजMP में मानसून पर अल-नीनो का ग्रहण: 20 जून के बाद होगी...

MP में मानसून पर अल-नीनो का ग्रहण: 20 जून के बाद होगी एंट्री, सूखे के संकट से जूझ सकते हैं 47 जिले

और पढ़ें

Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

MP Monsoon 2026 Forecast: मध्य प्रदेश के लोगों के लिए इस बार गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद थोड़ी धुंधली पड़ती दिख रही है।

अगर आप सोच रहे थे कि जून की शुरुआत होते ही झमाझम बारिश होगी और मौसम सुहाना हो जाएगा, तो मौसम विभाग की नई रिपोर्ट आपको थोड़ा मायूस कर सकती है।

इस साल मध्य प्रदेश में मानसून न सिर्फ देरी से आ रहा है, बल्कि यह सामान्य से काफी कमजोर भी रहने वाला है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इसके पीछे सबसे बड़ी वजह ‘अल-नीनो’ का असर है।

Monsoon 2025, monsoon, Kerala, Monsoon in Kerala, monsoon arrives early, monsoon arrives,
Monsoon in Kerala

आइए आसान शब्दों में समझते हैं कि देश और खासकर मध्य प्रदेश में इस बार मानसून का मिजाज कैसा रहने वाला है।

केरल के तट पर अटका मानसून, एंट्री में होगी देरी

आमतौर पर देश में मानसून की एंट्री 1 जून को केरल के रास्ते होती है। पहले अनुमान लगाया गया था कि यह 26 मई तक ही आ जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

श्रीलंका के ऊपर चलने वाली तूफानी और कम दबाव की हवाओं ने मानसून की रफ्तार को रोक दिया है। यह पिछले पांच दिनों से केरल के तट से महज 30-35 किलोमीटर दूर अटका हुआ है।

मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, अब देश में मानसून अपनी तय तारीख से लगभग 7 दिन की देरी से पहुंचेगा।

Monsoon in Kerala

जून-जुलाई में भी झेलनी होगी झुलसाने वाली गर्मी

मानसून के लेट होने का सीधा असर हमारे रोजमर्रा के तापमान पर पड़ने वाला है।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस बार जून और जुलाई के महीनों में भी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़, गुजरात और आंध्र प्रदेश के साथ-साथ मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भीषण लू (हीटवेव) चलेगी।

आमतौर पर इन महीनों में बारिश शुरू होने से तापमान 30 से 35 डिग्री के आसपास आ जाता है, लेकिन इस साल पारा सामान्य से 3 डिग्री तक ज्यादा रहने की आशंका है।

MP Weather Update, Heat Wave Alert Madhya Pradesh, MP Rain Alert March 2026, Ratlam Temperature, Indore Weather, Bhopal Rain Forecast, MP Weather News Hindi, लू का अलर्ट मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश में कब होगी मानसून की दस्तक और कितनी होगी बारिश?

मध्य प्रदेश की बात करें तो यहाँ मानसून 20 जून के बाद ही एंट्री ले पाएगा, यानी तय समय से करीब 5 से 8 दिन की देरी से।

इसके अलावा, बारिश का कोटा भी इस बार कम रहने वाला है। राज्य में हर साल औसतन 37.3 इंच बारिश होती है, लेकिन इस बार सिर्फ 30 से 32 इंच पानी गिरने का अनुमान है।

भोपाल, इंदौर और जबलपुर समेत प्रदेश के कुल 47 जिलों में इस बार सामान्य से कम पानी बरसेगा।

इंदौर, उज्जैन, सागर और चंबल संभाग के केवल 8 जिलों में ही स्थिति थोड़ी ठीक रहेगी, जहाँ सामान्य बारिश के संकेत हैं।

जून के महीने में तो पानी बहुत कम गिरेगा, हालांकि जुलाई में मानसून की स्थिति में थोड़ा सुधार हो सकता है।

आपके जिले का क्या रहेगा हाल?

मौसम विभाग ने जिलों के हिसाब से जो अनुमान लगाया है, वह इस प्रकार है:

सामान्य या अच्छी बारिश वाले जिले: ग्वालियर, भिंड, नीमच, दमोह, अनूपपुर, उज्जैन, आलीराजपुर और बड़वानी। यहाँ बादल ठीक-ठाक बरसेंगे।

10 से 15% कम बारिश वाले जिले: अशोकनगर, सागर, नर्मदापुरम, रायसेन, मंडला, डिंडौरी, खरगोन, बुरहानपुर और नरसिंहपुर। यहाँ सामान्य से कम पानी गिरेगा।

बाकी जिले: मध्य प्रदेश के बचे हुए अन्य जिलों में सामान्य के मुकाबले सिर्फ 90% तक ही बारिश होने की उम्मीद है।

Heatwave Alert, Weather Update, India Weather, MP Weather, Khajuraho Temperature, School Holiday, MP News, IMD Alert, Madhya Pradesh, Summer Precautions, लू का अलर्ट, मध्य प्रदेश, मौसम समाचार

कम बारिश से फसलों और पानी का संकट

पिछले दो सालों (2024 और 2025) में मध्य प्रदेश में बहुत अच्छी बारिश हुई थी, जिससे किसानों के चेहरे खिले हुए थे।

अच्छी बारिश के कारण सोयाबीन का उत्पादन प्रति हेक्टेयर 2 क्विंटल तक बढ़ गया था और गेहूं-चने की भी रिकॉर्ड पैदावार हुई थी।

बंपर पैदावार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सरकार ने ही समर्थन मूल्य पर 104 टन से ज्यादा गेहूं खरीदा था।

लेकिन इस साल कम बारिश की वजह से फसलों के उत्पादन में भारी गिरावट आ सकती है।

MP Weather Update, Heat Wave Alert Madhya Pradesh, MP Rain Alert March 2026, Ratlam Temperature, Indore Weather, Bhopal Rain Forecast, MP Weather News Hindi, लू का अलर्ट मध्य प्रदेश

इसके साथ ही आने वाले दिनों में लोगों को पीने के पानी (पेयजल) की किल्लत और खेतों की सिंचाई के लिए बड़े संकट का सामना करना पड़ सकता है।

पूरे देश की बात करें तो इस साल औसतन 78 सेंटीमीटर बारिश का अनुमान है, जो कि सामान्य औसत (87 सेंटीमीटर) से लगभग 10% कम है।

- Advertisement -spot_img