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मांडू से महेश्वर तक ‘नो रूम’: MP में मानसून और सावन की वजह से छोटे पड़े टूरिस्ट स्पॉट! बिना बुकिंग घूमने न निकलें

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

MP Sawan Nagpanchami Crowd: मध्य प्रदेश में इस समय कुदरत और आस्था का एक अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।

एक तरफ जहां मानसून की रिमझिम बारिश ने राज्य के पहाड़ों, झरनों, ऐतिहासिक किलों और वादियों की खूबसूरती में चार चांद लगा दिए हैं, वहीं दूसरी तरफ सावन के पवित्र महीने ने धार्मिक नगरियों में अलग ही रौनक बिखेर दी है।

मौसम के सुहावने मिजाज और धार्मिक मौकों के एक साथ आने से मध्य प्रदेश के लगभग सभी बड़े टूरिस्ट और धार्मिक स्थलों पर सैलानियों और श्रद्धालुओं का तांता लग गया है।

पचमढ़ी, मांडू, महेश्वर से लेकर उज्जैन और दतिया तक—हर तरफ सिर्फ गाड़ियों की कतारें और होटल के बाहर ‘हाउसफुल’ के बोर्ड नजर आ रहे हैं।

उज्जैन: सावन सोमवार और नागपंचमी का महासंयोग, जुटेंगे 6 लाख लोग

बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में इस वीक-एंड पर श्रद्धालुओं का ऐसा सैलाब उमड़ने की उम्मीद है, जैसा अमूमन बेहद खास मौकों पर ही दिखता है।

* भीड़ का अनुमान: सामान्य शनिवार और रविवार को ही यहाँ 3 से 4 लाख लोग पहुँच रहे हैं, लेकिन इस बार सावन सोमवार और नागपंचमी एक ही दिन पड़ने के कारण यह आंकड़ा 5 से 6 लाख को पार कर सकता है।

* होटल और किराए का हाल: महाकाल लोक के आसपास के लगभग सभी होटल, गेस्ट हाउस और होम-स्टे हफ़्तों पहले ही पूरी तरह बुक हो चुके हैं।

* किराया: मांग बढ़ते ही किराए में भी उछाल आया है। जो कमरे आम दिनों में 1500 रुपये के मिलते थे, वे अब 2000 रुपये या उससे अधिक में दिए जा रहे हैं।

बड़े होटलों ने अपने दामों में 15 से 35 प्रतिशत तक का इजाफा किया है। जयसिंहपुरा जैसे रिहायशी इलाकों में लोगों ने अपने घरों को होम-स्टे में तब्दील कर दिया है, फिर भी जगह कम पड़ रही है।

मांडू: बारिश के रोमांस के बीच ‘नो-रूम’ की स्थिति

धार जिले में स्थित ऐतिहासक शहर मांडू बारिश के दिनों में किसी स्वर्ग से कम नहीं लगता।

हरियाली की चादर ओढ़े मांडू की वादियों को निहारने के लिए प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर से लोग पहुंच रहे हैं।

* कमरों की किल्लत: मांडू में 2 सरकारी और 20 प्राइवेट होटलों समेत कुल 2 धर्मशालाएं हैं, जिनमें कुल मिलाकर लगभग 800 कमरे हैं। वीक-एंड (14 से 16 अगस्त) के लिए यहाँ एक भी कमरा खाली नहीं है।

* किराया: ठहरने की जगह का किराया 500 रुपये से शुरू होकर 10,000 रुपये प्रति रात तक पहुँच गया है।

धर्मशालाओं में भी किराया 2,000 रुपये के आसपास चल रहा है।

* प्रमुख आकर्षण: जहाज महल, रानी रूपमती महल, बाज बहादुर महल, होशंग शाह का मकबरा और ईको पॉइंट पर पर्यटकों का हुजूम उमड़ रहा है।

महेश्वर: सादगी से लेकर 60 हजार रुपये तक का लग्जरी अनुभव

नर्मदा नदी के पावन तट पर बसा महेश्वर अपनी शांत आबोहवा, अहिल्या बाई होलकर के ऐतिहासिक किले और खूबसूरत घाटों के लिए जाना जाता है।

* पर्याप्त विकल्प, फिर भी बढ़ी मांग: महेश्वर में होटलों, होम-स्टे और रिसॉर्ट्स के 120 से ज्यादा विकल्प मौजूद हैं।

* कमरों का किराया: यहाँ सामान्य यात्रियों के लिए 1200 रुपये से कमरे मिलना शुरू हो जाते हैं, लेकिन हेरिटेज और लग्जरी रिसॉर्ट्स में रॉयल रूम का एक रात का किराया 60,000 रुपये तक वसूला जा रहा है।

* कनेक्टिविटी: महेश्वर आने वाले पर्यटक अक्सर ओंकारेश्वर, मांडू और उज्जैन का भी रुख करते हैं, जिससे इस पूरे रूट पर ट्रैफिक बढ़ गया है।

दतिया और नलखेड़ा: माता रानी के दरबार में उमड़ा आस्था का समंदर

* दतिया (पीतांबरा पीठ): दतिया के मां पीतांबरा पीठ में दर्शन के लिए दिल्ली, हरियाणा, दक्षिण भारत और छत्तीसगढ़ से लगातार भक्त पहुँच रहे हैं।

यहाँ के लगभग 90 होटलों और धर्मशालाओं के 95% कमरे पहले ही बुक हो चुके हैं। अचानक पहुँचने वाले यात्रियों को ठिकानों के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।

* नलखेड़ा (मां बगलामुखी मंदिर): आगर-मालवा जिले में स्थित नलखेड़ा के मां बगलामुखी मंदिर में भी शनिवार और रविवार को भारी भीड़ जुट रही है।

शहर के 45 से ज्यादा होटलों में ऑनलाइन बुकिंग्स लगभग पूरी हो चुकी हैं। यहाँ कमरों का किराया 500 से 4500 रुपये के बीच है।

ओरछा और खजुराहो: वीक-एंड पर रौनक, लेकिन खजुराहो में ढीली रफ्तार

पर्यटन स्थल | होटल विकल्प | कमरों का किराया (रुपये में) | मुख्य आकर्षण व स्थिति

  • ओरछा: 85 (होटल + होम स्टे) | ₹3,000 से ₹15,000 | राजा राम मंदिर, किला। यूपी, बिहार और महाराष्ट्र से भारी भीड़
  • खजुराहो: 200 (फाइव/थ्री स्टार + अन्य) | ₹5,000 से ₹60,000 | विश्व प्रसिद्ध मंदिर। मानसून में सीजन थोड़ा कमजोर, फिर भी वीक-एंड पर भीड़

पर्यटकों और यात्रियों के लिए ज़रूरी सलाह (Travel Advisory)

अगर आप भी इस सुहावने मानसून या सावन के पावन अवसर पर मध्य प्रदेश की इन खूबसूरत वादियों या धार्मिक स्थलों की सैर का मन बना रहे हैं, तो इन बातों का विशेष ध्यान रखें:

* बिना एडवांस बुकिंग के घर से न निकलें: मांडू, दतिया और उज्जैन जैसे शहरों में ‘ऑन-द-स्पॉट’ होटल मिलना लगभग नामुमकिन है।

 * ट्रैफिक और भीड़ का रखें ध्यान: प्रमुख मार्गों (जैसे इंदौर-उज्जैन, इंदौर-मांडू मार्ग) पर वीक-एंड में लंबा जाम मिल सकता है, इसलिए समय का मार्जिन लेकर चलें।

 * बजट का रखें ख्याल: वीक-एंड और त्योहारों के महासंयोग के कारण होटलों का किराया 20% से लेकर 100% तक बढ़ा हुआ है, अतः बुकिंग करते समय दामों की सही जांच-पड़ताल कर लें।

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