Homeन्यूजMP समेत पूरे देश में मानसून का विकराल रूप: विंध्य में तबाही,...

MP समेत पूरे देश में मानसून का विकराल रूप: विंध्य में तबाही, कई जिलों में बाढ़ के हालात; UP में नदियां उफान पर

और पढ़ें

Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

MP Weather Update: मध्य प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में मानसून इस समय अपने पूरे शबाब पर है।

कहीं मूसलाधार बारिश लोगों के लिए आफत बन चुकी है, तो कहीं नदियों के उफान ने जनजीवन की रफ्तार रोक दी है।

मध्य प्रदेश का विंध्य क्षेत्र इस समय बारिश के सबसे बड़े प्रकोप का सामना कर रहा है।

रीवा, सतना, सीधी, मऊगंज और चित्रकूट में नदियां उफान पर हैं और निचले इलाकों में पानी भर गया है।

स्थिति को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है और जगह-जगह राहत शिविर बनाए जा रहे हैं।

मध्य प्रदेश में क्यों हो रही है इतनी तेज बारिश?

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मध्य प्रदेश में एक साथ 3 मजबूत मानसूनी सिस्टम एक्टिव हैं।

* लो प्रेशर एरिया: रीवा और सीधी के आसपास एक कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बना हुआ है।

 * मानसून ट्रफ: उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश से होकर मानसून ट्रफ गुजर रही है।

 * चक्रवाती घेरा: दक्षिणी-पश्चिमी मध्य प्रदेश के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवाती घेरा) बना हुआ है।

इन तीनों सिस्टम के एक साथ सक्रिय होने की वजह से पूरे प्रदेश, विशेषकर पूर्वी मध्य प्रदेश में पिछले 48 घंटों से रुक-रुककर भारी से अति भारी बारिश हो रही है।

मौसम विभाग ने कई जिलों में यलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

सीधी: 104 करोड़ की लागत से बनी सड़क पानी में बही

बारिश के कारण सबसे चौंकाने वाली तस्वीर सीधी जिले से सामने आई है।

रामपुर नैकिन क्षेत्र के खैरा-डिठौरा मार्ग पर बारिश का पानी इतनी तेज रफ्तार से आया कि पूरी सड़क का एक बड़ा हिस्सा कटकर बह गया।

गौर करने वाली बात यह है कि इस सड़क का निर्माण करीब छह महीने पहले ही हुआ था और इसे बनाने में लगभग 104 करोड़ रुपए की भारी-भरकम राशि खर्च की गई थी।

महज पहली-दूसरी तेज बारिश में सड़क के बह जाने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता और भ्रष्टाचार पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।

सड़क टूटने से कई गांवों का संपर्क पूरी तरह से टूट गया है।

विंध्य के जिलों का हाल: रीवा, सतना और पन्ना में आफत

* रीवा में 15 राहत शिविर: रीवा शहर के निचले रिहायशी इलाकों और बाजारों में पानी भर गया है। दुकानों में पानी घुसने से व्यापारियों का नुकसान हुआ है।

प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखने के लिए 24 घंटे एक्टिव रहने वाला कंट्रोल रूम बनाया है और प्रभावित लोगों के लिए 15 राहत शिविर तैयार किए हैं।

* सतना में नाले में बही बाइक: नागौद क्षेत्र के ललचहा-इटमा नाले को पार करते समय 3 लोग बाइक समेत बह गए।

दो लोगों ने तैरकर अपनी जान बचा ली, लेकिन एक व्यक्ति अभी भी लापता है। SDRF की टीम उसकी तलाश में सर्च ऑपरेशन चला रही है।

* पन्ना में नदी में बहा डंपर: धरमपुर इलाके में शहपुरा नदी के पुल पर तेज पानी होने के बावजूद ड्राइवर ने डंपर निकालने की कोशिश की। नतीजतन डंपर नदी में बह गया।

ड्राइवर ने तैरकर अपनी जान बचाई। SDERF की टीम ने रेस्क्यू कर राहत कार्य शुरू किया।

* छतरपुर में बच्चों को कंधे पर बैठाकर नदी पार कराते लोग: महाराजपुर के हरपई पुरवा गांव में कुम्हेड़ नदी का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों का संपर्क टूट गया है।

पुल न होने के कारण लोग बच्चों को कंधे पर लादकर और मरीजों को खाट पर रखकर नदी पार कराने को मजबूर हैं।

उत्तर प्रदेश: वाराणसी में गंगा का विकराल रूप, 84 घाट डूबे

उत्तर प्रदेश में भी बारिश तांडव मचा रही है।

राज्य की गंगा और घाघरा समेत 6 प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। 13 से अधिक जिलों में बाढ़ की स्थिति है।

धर्मनगरी वाराणसी (काशी) में गंगा नदी के बढ़े जलस्तर की वजह से सभी 84 घाट पूरी तरह पानी में डूब गए हैं।

हालात इतने गंभीर हैं कि प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट की भव्य गंगा आरती और मणिकर्णिका घाट पर होने वाला अंतिम संस्कार अब छतों और गलियों में करना पड़ रहा है।

दिल्ली और राजस्थान के मौसम का मिजाज

* दिल्ली में रिकॉर्ड बारिश: देश की राजधानी दिल्ली में इस बार अगस्त के महीने में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की जा चुकी है।

सफदरजंग मौसम केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक, इस महीने अब तक 235 मिमी से अधिक बारिश हो चुकी है, जो औसत से ज्यादा है।

* राजस्थान में मानसून पड़ा धीमा: एक तरफ जहां एमपी और यूपी पानी से बेहाल हैं, वहीं पड़ोसी राज्य राजस्थान में मानसून सुस्त पड़ गया है। कई जिलों में तेज धूप खिलने के कारण पारा 40°C के करीब पहुंच गया है और लोग भीषण उमस और गर्मी से परेशान हैं।

प्रशासन की अपील: सतर्क रहें, जोखिम न उठाएं

नदियों और नालों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों (SDRF/NDRF) ने नागरिकों से अपील की है कि वे उफनते पुल-पुलियों को पार करने का जोखिम न उठाएं।

निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों या राहत शिविरों में जाने की सलाह दी गई है।

#MPRain Alert #Monsoon2026 #RewaFloods #VindhyaRain #WeatherUpdate #VaranasiGhats #HeavyRainfall #SDRFRescue

- Advertisement -spot_img