MP Student Union Election 2026: मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा जगत और प्रदेश के लाखों युवाओं के लिए एक बड़ी खबर आई है।
राज्य के सरकारी व निजी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पिछले आठ वर्षों से थमा हुआ छात्र संघ चुनाव का पहिया अब फिर से घूमने जा रहा है।
जबलपुर हाई कोर्ट के कड़े और स्पष्ट निर्देशों के बाद प्रदेश सरकार ने यह स्वीकार कर लिया है कि आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 के दौरान सितंबर 2026 में छात्र संघ के चुनाव कराए जाएंगे।
हाई कोर्ट के रुख के आगे झुका प्रशासन
इस पूरे मामले की नींव वर्ष 2024 में पड़ी थी, जब छात्र संगठन एनएसयूआई के प्रतिनिधि और अधिवक्ता अदनान अंसारी द्वारा हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी।
याचिका में दलील दी गई थी कि साल 2017 के बाद से राज्य में छात्र संघ चुनाव नहीं कराए गए हैं, जिससे युवाओं को अपना लोकतांत्रिक अधिकार नहीं मिल पा रहा है और परिसरों में छात्र नेतृत्व पूरी तरह खत्म हो रहा है।
मामले की पिछली सुनवाइयों के दौरान जबलपुर हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए राज्य के उच्च शिक्षा विभाग से सीधा सवाल किया था कि वह चालू सत्र में चुनाव कब कराने जा रहा है।
कोर्ट के इसी आदेश के पालन में सोमवार को सरकार की ओर से सत्र 2026-27 का पूरा ‘एकेडमिक कैलेंडर’ अदालत में प्रस्तुत किया गया, जिसमें सितंबर माह में चुनाव कराने की तारीख और रूपरेखा शामिल थी।
सुरक्षा का बहाना नहीं चलेगा: अदालत का कड़ा संदेश
सुनवाई के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से यह दलील देने की कोशिश की गई कि कैंपस में चुनाव कराने से मार-पीट, गुटबाजी और कानून-व्यवस्था बिगड़ने का खतरा रहता है।
इस तर्क को खारिज करते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि सुरक्षा कारणों से लोकतांत्रिक प्रक्रिया को रोका नहीं जा सकता।
अदालत ने स्पष्ट तौर पर कहा कि यदि कॉलेज प्रशासन को लगता है कि माहौल बिगड़ सकता है, तो वे पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की मांग करें, लेकिन चुनाव कराने की प्रक्रिया हर हाल में पूरी की जाए।
इसके साथ ही कोर्ट ने चुनाव के जरिए ही प्रतिनिधि चुनने के निर्देश देकर लंबित याचिका का निपटारा कर दिया।
एकेडमिक कैलेंडर में हर तारीख तय
सरकार द्वारा पेश किए गए नए कैलेंडर के अनुसार, पूरे शैक्षणिक वर्ष का खाका तैयार कर लिया गया है ताकि पढ़ाई का नुकसान न हो:
* जुलाई 2026: कॉलेजों में नए सत्र की शुरुआत और प्रवेश उत्सव का आयोजन किया जाएगा।
* सितंबर 2026: परिसरों में छात्र संघ चुनाव की प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी।
* नवंबर 2026: खेल-कूद, एनएसएस (NSS), एनसीसी (NCC) और युवा उत्सव जैसी सह-पाठ्यक्रम गतिविधियां आयोजित होंगी।
* फरवरी 2027: स्नेहमिलन, वार्षिक उत्सव और पुरस्कार वितरण समारोह होंगे।
इसके अलावा परीक्षाओं का शेड्यूल भी तय किया गया है।
- स्नातकोत्तर (PG) प्रथम और तीसरे सेमेस्टर की कक्षाएं 1 जुलाई से शुरू होंगी।
- अगस्त से सितंबर के बीच आंतरिक मूल्यांकन (इंटरनल असेसमेंट) होगा।
- नवंबर-दिसंबर में सेमेस्टर परीक्षाएं आयोजित कराकर 31 दिसंबर 2026 तक नतीजे भी घोषित कर दिए जाएंगे।
छात्रों और युवा राजनीति के लिए क्यों खास है यह फैसला?
कॉलेज का दौर सिर्फ किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह नेतृत्व क्षमता, सामाजिक समझ और अभिव्यक्ति की आजादी को तराशने का भी दौर होता है।
देश और प्रदेश को कई बड़े नेता कॉलेज राजनीति की नर्सरी से ही मिले हैं।
पिछले 8 सालों से चुनाव न होने की वजह से परिसरों में छात्रों की समस्याओं (जैसे फीस वृद्धि, मूलभूत सुविधाएं, हॉस्टल की स्थिति) को उठाने वाला कोई आधिकारिक प्रतिनिधि नहीं था।
अब सितंबर 2026 में चुनाव का रास्ता साफ हो जाने से छात्र संगठनों—जैसे एबीवीपी, एनएसयूआई और अन्य निर्दलीय समूहों—में हलचल तेज हो गई है।
परिसरों में एक बार फिर चुनावी सरगर्मियां देखने को मिलेंगी, जिससे न केवल युवाओं को अपना प्रतिनिधि चुनने का अधिकार मिलेगा बल्कि प्रदेश की राजनीति को भी नई ऊर्जा और नए युवा चेहरे मिल सकेंगे।
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