MP Teacher Promotion 2026: मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पदोन्नति (प्रमोशन) का इंतजार कर रहे हजारों शिक्षकों के लिए एक बेहद अच्छी खबर सामने आई है।
राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग में लंबे समय से अटकी प्रमोशन प्रक्रिया अब एक बार फिर पटरी पर लौटती दिख रही है।
प्रदेश में करीब 32 हजार शिक्षकों की पदोन्नति लंबे समय से लंबित थी, जिसके कारण शिक्षकों और उनके संगठनों में काफी असंतोष देखने को मिल रहा था।
शिक्षकों की इस नाराजगी को ध्यान में रखते हुए लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने पदोन्नति की दिशा में ठोस कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।

विभाग ने उच्च माध्यमिक शिक्षकों के सर्विस रिकॉर्ड, गोपनीय चरित्रावली (CR) और विभागीय जांच से संबंधित पूरी जानकारी जिला स्तर के अधिकारियों से तलब की है।
25 अक्टूबर तक पूरा करना होगा कागजी काम
लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी संबंधित जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) और संयुक्त संचालकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे शिक्षकों से जुड़ा पूरा डेटा तय फॉर्मेट में 25 अक्टूबर 2026 तक संचालनालय भेजें।
विभाग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पदोन्नति की अंतिम सूची जारी करने से पहले किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, लिपिकीय त्रुटि (Clerical Error) या तकनीकी कमी न रह जाए।

2018 से 2025 तक के सर्विस रिकॉर्ड का होगा गहन सत्यापन
पदोन्नति प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और पारदर्शी बनाने के लिए विभाग पुराने रिकॉर्ड का बारीकी से मिलान करेगा।
* सीनियरिटी लिस्ट का आधार: 1 अप्रैल 2025 की स्थिति में जो अंतिम वरिष्ठता सूची (Seniority List) जारी की गई थी, उसी को आधार माना जाएगा।
* गोपनीय रिपोर्ट का मिलान: वर्ष 2018 से लेकर 2025 तक की अवधि की गोपनीय रिपोर्ट (CR) का गहन सत्यापन किया जाएगा।
* आपसी समन्वय: इस काम को समय पर पूरा करने के लिए जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO), राज्य शिक्षा केंद्र और संयुक्त संचालक कार्यालयों को आपस में बेहतर तालमेल बनाकर डेटा एकत्र करने की जिम्मेदारी दी गई है।

VRS और नौकरी छोड़ चुके मामलों की होगी अलग से पड़ताल
अक्सर प्रमोशन सूचियों में उन शिक्षकों के नाम भी आ जाते हैं जो सेवानिवृत्त (Retire) हो चुके होते हैं या स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ले चुके होते हैं।
इस बार इस तरह की गलतियों से बचने के लिए सख्त गाइडलाइंस जारी की गई हैं:
* विशेष पड़ताल: जिन शिक्षकों ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ले ली है, जिनकी सेवाएं समाप्त हो चुकी हैं या जिनके सीनियरिटी नंबर में संशोधन किया जाना है, उनके मामलों की अलग से जांच होगी।
* अधिकारियों का प्रमाण पत्र: संबंधित अधिकारियों को लिखित रूप में यह सर्टिफाइड (प्रमाणित) करना होगा कि शिक्षकों के संवर्गीय पुनर्गठन और वरिष्ठता की तारीख में कोई मानवीय या तकनीकी त्रुटि नहीं बची है।

श्रेणीवार लगभग 6,500 शिक्षकों की सूची का काम जारी
लोक शिक्षण संचालनालय ने श्रेणीवार (Category-wise) लगभग 6,500 उच्च माध्यमिक शिक्षकों की वरिष्ठता सूची का सत्यापन शुरू कर दिया है।
जिलों को भेजे गए आंकड़ों के अनुसार श्रेणीवार वरिष्ठता क्रमांक तय किए गए हैं:
* अनारक्षित (General) वर्ग: वरिष्ठता क्रमांक 1075 तक
* अनुसूचित जाति (SC) वर्ग: वरिष्ठता क्रमांक 1767 तक
* अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग: वरिष्ठता क्रमांक 3758 तक

दिसंबर में संभावित TET परीक्षा के बाद आगे बढ़ेगी प्रक्रिया
अधिकारियों के मुताबिक, प्रमोशन की यह पूरी कवायद शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) से सीधी जुड़ी हुई है।
* आवेदन प्रक्रिया समाप्त: दिसंबर 2026 में आयोजित होने वाली इस पात्रता परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 11 अक्टूबर थी।
* परीक्षा पास करना अनिवार्य: विभाग के नियमों के अनुसार, केवल उन्हीं अभ्यर्थियों या शिक्षकों को पदोन्नत किया जाएगा जो पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करेंगे।
* संभावित समय-सीमा: TET परीक्षा के परिणाम और 25 अक्टूबर तक चलने वाले दस्तावेज सत्यापन के बाद, पदोन्नति की प्रक्रिया दिसंबर 2026 के अंत में या जनवरी 2027 की शुरुआत में पूरी होने की उम्मीद है।

शिक्षक संगठनों में क्यों था रोष?
दरअसल, अगस्त 2026 में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी कर्मचारियों के प्रमोशन को लेकर सामान्य आदेश जारी किए गए थे।
इसके बाद शासन के कई अन्य विभागों ने अपने कर्मचारियों की पदोन्नति की प्रक्रिया फटाफट पूरी कर ली, लेकिन स्कूल शिक्षा विभाग में मामला अटका ही रह गया।
32 हजार पदों पर पदोन्नति न होने से नाराज शिक्षक संघों के प्रतिनिधियों ने हाल ही में स्कूल शिक्षा मंत्री और लोक शिक्षण आयुक्त से मुलाकात कर अपनी मांग रखी थी।
अब विभाग द्वारा रिकॉर्ड दुरुस्त करने और TET के बाद पदोन्नति देने की घोषणा से शिक्षकों में एक बार फिर उम्मीद जग गई है।
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