MP TET Application Date Extended: मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत करीब डेढ़ लाख शिक्षकों के लिए एक बड़ी और काम की खबर सामने आई है।
राज्य में होने जा रही शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तारीख को आगे बढ़ा दिया गया है।
अब शिक्षक 18 सितंबर 2026 तक इस परीक्षा के लिए अपना फॉर्म जमा कर सकते हैं।
इसके अलावा, जिन शिक्षकों ने फॉर्म भरते समय कोई गलती कर दी है, वे 20 सितंबर 2026 तक अपने आवेदन पत्र में सुधार (संशोधन) कर सकेंगे।

इस संबंध में जल्द ही एमपी ऑनलाइन और कर्मचारी चयन मंडल (ESB) की आधिकारिक वेबसाइट्स पर नया नोटिफिकेशन अपलोड कर दिया जाएगा।
कम आवेदनों के कारण लिया गया फैसला
दरअसल, मध्य प्रदेश में सुप्रीम कोर्ट के एक महत्वपूर्ण आदेश के बाद यह पात्रता परीक्षा आयोजित कराई जा रही है।
माना जा रहा है कि इस परीक्षा के दायरे में प्रदेश के लगभग 1.5 लाख शिक्षक आते हैं।
लेकिन जब कर्मचारी चयन मंडल ने 21 अगस्त से फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरू की, तो 3 सितंबर की आधी रात तक केवल 12,000 शिक्षकों ने ही आवेदन किया था।

इतने बड़े पैमाने पर योग्य शिक्षकों की तुलना में आवेदनों की संख्या बेहद कम रहने के बाद, स्कूल शिक्षा विभाग और कर्मचारी चयन मंडल के अधिकारियों के बीच एक उच्च स्तरीय बैठक हुई।
बैठक में शिक्षकों की सहूलियत को देखते हुए आवेदन की अंतिम तिथि 4 सितंबर से बढ़ाकर 18 सितंबर करने का निर्णय लिया गया।
अब ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन परीक्षा का भी विकल्प
आवेदन की तारीख बढ़ाने के साथ-साथ सरकार ने शिक्षकों को एक और बड़ी राहत दी है।
कई शिक्षक संगठनों ने हाल ही में स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह और लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह से मुलाकात की थी।
शिक्षक यूनियनों की मुख्य मांग यह थी कि वर्ष 1998 से 2009 के बीच नियुक्त हुए कई वरिष्ठ शिक्षक कंप्यूटर चलाने में ज्यादा सहज नहीं हैं।
ऐसे में सिर्फ ऑनलाइन (CBT) परीक्षा कराना उनके लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

शिक्षकों की इस जायज मांग को स्वीकार करते हुए विभाग और कर्मचारी चयन मंडल ने अब परीक्षा को ऑनलाइन के साथ-साथ पारंपरिक ऑफलाइन (ओएमआर शीट/कागज) मोड में भी कराने पर सहमति जता दी है।
इससे उन शिक्षकों को बड़ी राहत मिलेगी जो डिजिटल माध्यमों से वाकिफ नहीं हैं।
1,000 रुपये परीक्षा फीस का हो रहा है विरोध
एक तरफ जहां आवेदन की तारीख बढ़ने और ऑफलाइन मोड का विकल्प मिलने से शिक्षकों ने राहत की सांस ली है, वहीं परीक्षा फीस को लेकर विरोध के सुर भी उठ रहे हैं।
राज्य के विभिन्न शिक्षक संगठनों का कहना है कि परीक्षा के लिए 1,000 रुपये का भारी-भरकम शुल्क लिया जा रहा है, जो बिल्कुल अनुचित है।
शिक्षकों का तर्क है कि यह परीक्षा वे अपनी इच्छा से नहीं दे रहे हैं, बल्कि स्कूल शिक्षा विभाग इसे सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर आयोजित कर रहा है।
इसलिए इस पूरी परीक्षा का वित्तीय भार राज्य सरकार को खुद उठाना चाहिए।

हालांकि, फीस माफी या इसमें छूट दिए जाने पर फिलहाल शासन की ओर से कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
शिक्षकों की मांग: विभाग पहले जारी करे योग्य उम्मीदवारों की सूची
आवेदन कम आने की एक मुख्य वजह शिक्षकों के बीच बना भ्रम भी है।
कई शिक्षकों का कहना है कि कर्मचारी चयन मंडल ने परीक्षा का फॉर्म तो निकाल दिया है, लेकिन स्कूल शिक्षा विभाग ने अभी तक अपनी तरफ से कोई अलग से दिशा-निर्देश जारी नहीं किए हैं।
शिक्षकों को यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि किन-किन कैडर और श्रेणियों के शिक्षकों के लिए यह TET पास करना अनिवार्य है।
शिक्षक संगठनों ने मांग की है कि विभाग जल्द से जल्द एक आधिकारिक सूची जारी करे, जिससे यह पूरी तरह साफ हो सके कि परीक्षा किन-किन शिक्षकों को देनी है।

दूसरी ओर, स्कूल शिक्षा विभाग का रुख यह है कि परीक्षा चूंकि सुप्रीम कोर्ट के सीधे आदेश पर हो रही है, इसलिए अलग से नया आदेश जारी करने की आवश्यकता नहीं है।
फिर भी, सूची जारी करने को लेकर फिलहाल विभाग ने कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी है।
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