MP Weather Update: मध्य प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से चल रहा आंधी और बेमौसम बारिश का सिलसिला अब पूरी तरह थम गया है।
मानसून पूर्व की इन गतिविधियों के खत्म होते ही सूरज ने अपने कड़े तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं।
मध्य प्रदेश के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भी अब भीषण गर्मी का दौर शुरू होने वाला है।
मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि 16 अप्रैल से प्रदेश के कई हिस्सों में ‘लू’ (Heatwave) चल सकती है।
रतलाम रहा सबसे गर्म, भोपाल-इंदौर में भी पारा चढ़ा
रविवार को मध्य प्रदेश के कई शहरों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को पार कर गया।
मालवा क्षेत्र का रतलाम जिला प्रदेश में सबसे गर्म रहा, जहाँ अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में भी अब पसीने छुड़ाने वाली गर्मी शुरू हो गई है।
नर्मदापुरम (होशंगाबाद) में भी तापमान 40 डिग्री के करीब पहुंच चुका है।
छत्तीसगढ़ और राजस्थान का हाल
सिर्फ मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के रायपुर और बिलासपुर में भी प्रशासन ने लू का अलर्ट जारी किया है।
यहाँ तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक जाने की आशंका है।
वहीं, राजस्थान के बाड़मेर और जैसलमेर जैसे रेतीले इलाकों में सूरज की तपिश अभी से लोगों को झुलसाने लगी है।
तीनों ही राज्यों में फिलहाल बारिश की कोई संभावना नहीं है, जिससे हवाओं में नमी कम होगी और गर्म हवाओं के थपेड़े (लू) लोगों को परेशान करेंगे।
15 अप्रैल के बाद क्या बदलेगा?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 15 अप्रैल को एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय तो हो रहा है, लेकिन यह इतना कमजोर है कि इससे गर्मी से कोई राहत नहीं मिलने वाली।
इसके विपरीत, 16 अप्रैल से धार, खरगोन, खंडवा, सीधी और सिंगरौली जैसे जिलों में लू चलने का स्पष्ट अनुमान है।
अगले चार दिनों के भीतर प्रदेश के औसत तापमान में 3 से 5 डिग्री तक की भारी बढ़ोतरी देखी जा सकती है।
बचाव के लिए क्या करें?
गर्मी से बचने के लिए लोग अभी से जतन करने लगे हैं। बाजारों में गन्ने का रस, नींबू पानी और ठंडे पेय पदार्थों की मांग बढ़ गई है।
मौसम विभाग ने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की सलाह दी है:
- हाइड्रेशन: दिन भर भरपूर पानी पिएं, भले ही प्यास न लगी हो।
- पहनावा: बाहर निकलते समय हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और सिर को कपड़े या टोपी से ढंककर रखें।
- समय का ध्यान: दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच, जब धूप सबसे तेज होती है, अनावश्यक बाहर निकलने से बचें।
- विशेष सावधानी: छोटे बच्चों और बुजुर्गों का खास ख्याल रखें, क्योंकि उन्हें हीट स्ट्रोक का खतरा सबसे ज्यादा होता है।
कुल मिलाकर, आने वाले कुछ दिन मध्य भारत के लिए काफी चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं।
आसमान साफ रहने से धूप सीधी चुभेगी, इसलिए सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।
