MP Weather Update भारत में मई का महीना आमतौर पर झुलसाने वाली लू (Heatwave) और भीषण गर्मी के लिए जाना जाता है।
लेकिन इस बार साल 2026 में मौसम के तेवर कुछ अलग ही नजर आ रहे हैं।
मध्य प्रदेश सहित देश के कम से कम 9 राज्यों में इस समय सूरज की तपिश और बादलों की गरज के बीच लुका-छिपी का खेल जारी है।
शनिवार को मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में अचानक मौसम बदल गया।
कहीं तेज धूप ने पसीने छुड़ाए, तो कहीं अचानक आई आंधी और बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया।
मध्य प्रदेश: कहीं ओले गिरे, कहीं पेड़ उखड़े
मध्य प्रदेश के बालाघाट और सीहोर जिलों में प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिला।
यहां तेज आंधी की वजह से कई पुराने पेड़ जड़ से उखड़ गए, जिसकी चपेट में आकर सड़क किनारे खड़े वाहन दब गए और क्षतिग्रस्त हो गए।
राजधानी भोपाल में भी दोपहर बाद बादलों ने डेरा डाला और झमाझम बारिश हुई।
वहीं, रायसेन के किसानों के लिए यह बारिश आफत बनकर आई।
मंडियों और खेतों में रखा गेहूं भीग गया, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान की आशंका है।
मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि ग्वालियर-चंबल संभाग सहित प्रदेश के 21 जिलों में मौसम अभी और बिगड़ सकता है।
इन इलाकों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
किन जिलों में अलर्ट, कहां रहेगी गर्मी?
मौसम विभाग की लिस्ट के अनुसार, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, जबलपुर, सागर, और रीवा जैसे संभागों के कई जिलों में बारिश और ओले गिरने की संभावना है।
वहीं दूसरी ओर, इंदौर, उज्जैन और निमाड़ के इलाकों में अभी भी गर्मी का असर बना हुआ है।
खंडवा में तो पारा 43 डिग्री के पार चला गया है।
यह अजीब स्थिति है कि एक ही राज्य के आधे हिस्से में लोग रेनकोट निकाल रहे हैं, तो आधे हिस्से में कूलर और एसी भी फेल हो रहे हैं।
9 राज्यों में अलर्ट: उत्तर से दक्षिण तक बदला मौसम
सिर्फ मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, ओडिशा, झारखंड, बंगाल और दक्षिण भारत के राज्यों में भी मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है।
उत्तर प्रदेश के बांदा में जहां कुछ दिन पहले पारा 47 डिग्री के करीब था, वहां अब तापमान में 6 डिग्री तक की गिरावट आई है।
जम्मू-कश्मीर की चिनाब घाटी में तो भारी बारिश के बाद लैंडस्लाइड (भूस्खलन) हो गया है, जिससे डोडा-किश्तवाड़ सड़क बंद है और सैकड़ों यात्री फंसे हुए हैं।
क्यों हो रही है यह बेमौसम बारिश?
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बदलाव के पीछे दो मुख्य कारण हैं।
पहला, हिमालयी क्षेत्र में एक सक्रिय ‘वेस्टर्न डिस्टरबेंस’ (पश्चिमी विक्षोभ) और दूसरा, मध्य भारत के ऊपर बना एक ‘साइक्लोनिक सर्कुलेशन’ (चक्रवाती घेरा)।
इन दोनों के मेल से अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी आ रही है, जो गरज-चमक के साथ बारिश में बदल रही है।
अनुमान है कि 5 मई तक मौसम का यह मिजाज ऐसा ही बना रहेगा।
आने वाले दो दिनों का हाल
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3 मई: राजस्थान में जहां एक तरफ लू चलेगी, वहीं दूसरी तरफ आंधी का भी अलर्ट है। पूर्वोत्तर भारत (असम, मेघालय) में भारी बारिश हो सकती है।
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4 मई: दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और एमपी में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। यानी फिलहाल गर्मी से राहत तो मिलेगी, लेकिन आंधी और बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा।
भोपाल का ट्रेंड
अगर राजधानी भोपाल की बात करें, तो यहां मई में बारिश होना कोई नई बात नहीं है।
पिछले 10 सालों के रिकॉर्ड बताते हैं कि 2014 से 2023 तक हर साल मई में बारिश हुई है।
हालांकि, 2016 में यहाँ का तापमान 46.7 डिग्री भी पहुंच चुका है।
यानी भोपाल के लोग एक ही महीने में ‘अगस्त’ और ‘जून’ दोनों का मजा (या सजा) लेते आए हैं।
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