Homeन्यूजपेपर लीक पर बड़ा एक्शन: 10 साल की जेल और 1 करोड़...

पेपर लीक पर बड़ा एक्शन: 10 साल की जेल और 1 करोड़ जुर्माने का प्रावधान, 27 जुलाई को संसद में आ सकता है नया बिल!

और पढ़ें

Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Paper Leak Amendment Bill: देश में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता बनाए रखने और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ रोकने के लिए केंद्र सरकार ने अपने कड़े रुख का संकेत दिया है।

हाल ही में हुई नीट-यूजी (NEET UG) परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के आरोपों के बाद सरकार अब मौजूदा नकल-विरोधी कानून को और अधिक सख्त बनाने जा रही है।

शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024’ में संशोधनों को मंजूरी दे दी गई है।

कयास लगाए जा रहे हैं कि इस संशोधित विधेयक को 27 जुलाई को संसद के पटल पर पेश किया जा सकता है।

क्या हैं नए बिल के कड़े प्रावधान?

सूत्रों और उपलब्ध जानकारियों के अनुसार, संशोधित बिल में दोषियों के लिए सजा और जुर्माने की रकम को काफी बढ़ा दिया गया है:

 * 10 साल की जेल: पेपर लीक और नकल जैसे गंभीर अपराधों में संलिप्त पाए जाने वालों को अब अधिकतम 10 साल तक की कैद भुगतनी पड़ सकती है।

 * 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना: आर्थिक दंड को भी बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये तक करने का प्रस्ताव है।

 * संगठित गिरोहों पर शिकंजा: यदि इस तरह के मामलों में कोई संगठित अपराध गिरोह शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

PM मोदी का आधी रात को संदेश: ‘युवाओं का भविष्य हमारी प्राथमिकता’

पेपर लीक के मामले पर देश भर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार आधी रात को एक वीडियो संदेश जारी किया।

अपने लगभग 3 मिनट के संबोधन में पीएम ने छात्रों और उनके अभिभावकों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।

पीएम मोदी ने कहा कि पेपर लीक कोई सामान्य घटना नहीं है, बल्कि यह लाखों युवाओं की मेहनत पर पानी फेरने जैसा है।

पिछले ढाई महीनों में सरकार ने इस दिशा में कई ठोस कदम उठाए हैं। जांच एजेंसियों ने 13 से अधिक आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा है।

पीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि छात्रों का समय बर्बाद न हो, इसके लिए कम समय में 22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों का दोबारा परीक्षा आयोजन कराया गया और 19 जुलाई को परिणाम भी घोषित कर दिए गए।

पीएम ने आगे बताया कि मामलों के जल्द निपटारे के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

फास्ट ट्रैक कोर्ट और अदालती त्वरित कार्रवाई

पेपर लीक से जुड़े मामलों में देरी को समाप्त करने के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक अहम फैसला लिया है।

राउज एवेन्यू कोर्ट में इस तरह के अपराधों की सुनवाई के लिए एक विशेष ‘फास्ट ट्रैक कोर्ट’ का गठन किया गया है।

तीस हजारी कोर्ट से जज अनु ग्रोवर बालीगा का तबादला कर उन्हें इस विशेष अदालत का जिम्मा सौंपा गया है, ताकि मुकदमों का निपटारा तेजी से हो सके।

विपक्ष का पलटवार: ‘इस्तीफा और ठोस कार्रवाई हो’

दूसरी ओर, विपक्ष ने पीएम के इस कदम को महज दिखावा करार दिया है।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि छात्र आधी रात के संदेशों से संतुष्ट होने वाले नहीं हैं।

विपक्ष की मांग है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत पद से हटाया जाए और प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई कार्रवाई के लिए सरकार उनसे माफी मांगे।

Congress District President Training, Pachmarhi, Congress Training Camp, Rahul Gandhi, Madhya Pradesh, Mallikarjun Kharge, MP News, Jitu Patwari, Congress, District President Training,

अन्य विपक्षी दलों ने भी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को ही असली कार्रवाई बताया है।

शिक्षा मंत्रालय में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल

छात्र असंतोष और परीक्षाओं में हुई लापरवाही के बीच केंद्र सरकार ने नौकरशाही में भी बड़ा फेरबदल किया है।

शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग के सचिव विनीत जोशी को हटाकर पंचायती राज मंत्रालय भेज दिया गया है।

उनकी जगह 1994 बैच के सीनियर आईएएस अधिकारी नरेश पाल गंगवार को नया उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त किया गया है।

इसके अलावा 1995 बैच के आईएएस टी.के. अनिल कुमार को स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग का जिम्मा दिया गया है।

क्या है 2024 का ‘सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम’?

यह देश का पहला केंद्रीय कानून है जिसे विशेष रूप से सरकारी नौकरियों और दाखिला परीक्षाओं में होने वाली धांधली को रोकने के लिए बनाया गया था:

प्रावधान | 2024 का मूल कानून। प्रस्तावित संशोधन 

  • सामान्य सजा | 3 से 5 साल की जेल | 10 साल तक की जेल 
  • सामान्य जुर्माना | 10 लाख रुपये तक | 1 करोड़ रुपये तक 
  • जांच अधिकारी | डीएसपी या उससे ऊपर के स्तर का अफसर | फास्ट-ट्रैक कोर्ट के माध्यम से त्वरित सुनवाई
  • जमानत का नियम | गैर-जमानती और गैर-समझौता योग्य | और अधिक कड़े नियम लागू करने की योजना 

सरकार का मानना है कि नए संशोधनों के लागू होने के बाद परीक्षा माफियाओं में डर पैदा होगा और भविष्य में किसी भी परीक्षा की शुचिता भंग नहीं हो सकेगी।

संसद के आगामी सत्र में इस बिल के पास होने की पूरी संभावना है।

#PaperLeakBill #NEETUG #EducationNews #PMModi #AntiPaperLeakLaw #ParliamentMonsoonSession #YouthFuture

- Advertisement -spot_img