#HappyBdayPMModi: उम्र के 76वें पड़ाव पर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली और ऊर्जा हर किसी को हैरान कर देती है।
अंतरराष्ट्रीय मंचों से लेकर देश के दूर-दराज इलाकों तक, उनकी सक्रियता में कोई कमी नहीं आती।
लगातार कई घंटों का सफर, बैक-टू-बैक बैठकें, द्विपक्षीय वार्ताएं और फिर भी चेहरे पर वही ताजगी—यह सब उनके सालों के कड़े अनुशासन और संतुलित जीवनशैली का नतीजा है।

हाल ही में हुए ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के दौरान भी दुनिया ने उनकी इसी ऊर्जा को देखा, जहाँ महज 48 घंटों के भीतर उन्होंने पुतिन और जिनपिंग जैसे विश्व नेताओं के साथ 15 द्विपक्षीय बैठकें कीं, 3 बड़े सम्मेलनों की अध्यक्षता की और गाला डिनर की मेजबानी के साथ-साथ अन्य कार्यक्रमों में भी हिस्सा लिया।
आखिर इस उम्र में भी इतनी फुर्ती और फिटनेस कहाँ से आती है?
आइए जानते हैं सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक पीएम मोदी की दिनचर्या, खान-पान और जीवन से जुड़े अनसुने पहलुओं के बारे में।

सुबह 4:30 बजे से शुरू होती है दिनचर्या: अनुशासन ही सबसे बड़ा मंत्र
नरेंद्र मोदी बचपन से ही तड़के उठने (Early Riser) के आदी रहे हैं।
प्रधानमंत्री बनने के बाद भी उनके इस अनुशासन में कोई बदलाव नहीं आया है।
वे रोजाना महज साढ़े तीन से चार घंटे की नींद लेते हैं। आमतौर पर वे सुबह 4:30 से 5:00 बजे के बीच उठ जाते हैं।

पंचतत्व ट्रैक पर टहलना और योग:
उठने के बाद वे अपने आवास पर बने एक विशेष वॉकिंग ट्रैक पर टहलते हैं।
यह ट्रैक प्रकृति के पांच तत्वों—पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश—से प्रेरित होकर बनाया गया है।
इसके अलावा, सूर्य नमस्कार, योग और ध्यान (मेडिटेशन) उनकी सुबह की दिनचर्या का सबसे अहम हिस्सा है।

प्रकृति और जीवों से लगाव:
कड़े अनुशासन के बीच वे प्रकृति के करीब रहना पसंद करते हैं।
पीएम आवास परिसर में मौजूद गायों और मोरों को दाना-पानी देना उनकी सुबह का एक सुकून भरा पल होता है।
स्वतंत्रता दिवस जैसे व्यस्त मौकों पर भी वे इस कार्य को नहीं भूलते।

क्या खाते हैं पीएम मोदी? 25 साल पुराने शेफ और सादा भोजन
पीएम मोदी की सेहत और फुर्ती का बड़ा राज उनका बेहद सादा और सुपाच्य खान-पान है।
पिछले लगभग 25 सालों से उनका खाना राजस्थान के उदयपुर के रहने वाले बद्री मीणा बना रहे हैं।
1990 के दशक में जब मोदी गुजरात बीजेपी के महासचिव थे, तब से बद्री उनके साथ हैं।
* पसंदीदा नाश्ता: नाश्ते में उन्हें पोहा, उपमा, खाखरा, मखाना, उबली सब्जियां और अदरक वाली चाय पसंद है। इसके अलावा उनकी थाली में सहजन (मोरिंगा) के पराठे भी शामिल होते हैं।

* दोपहर और रात का खाना:
खिचड़ी, कढ़ी और मौसमी सब्जियां उनकी थाली का हिस्सा होती हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के दिनों में अलग-अलग घरों में खाना खाने के अनुभव के कारण वे खाने को लेकर बिल्कुल भी चूजी नहीं हैं। खाना पूरी तरह शाकाहारी होना चाहिए, यही उनकी एकमात्र शर्त रहती है।
* चतुर्मास और व्रत का नियम:
हर साल जून से नवंबर तक (चतुर्मास के दौरान) वे दिन में केवल एक बार ही भोजन करते हैं। वहीं चैत्र नवरात्रि में वे सिर्फ दिन में एक फल लेते हैं और आश्विन नवरात्रि के दौरान केवल गर्म पानी पीकर 9 दिनों का उपवास रखते हैं।

* शाम 6 बजे के बाद नो-फूड रूल:
पीएम मोदी शाम 6 बजे के बाद कुछ भी ठोस भोजन नहीं खाते हैं, जो उनके पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में मदद करता है।
तीन चीजों से कभी नहीं करते समझौता: आंखें, आवाज और कपड़े
पीएम मोदी के पहनावे और स्टाइल की तारीफ दुनिया भर में होती है। उनके आइकॉनिक ‘मोदी कुर्ते’ के पीछे भी एक दिलचस्प कहानी है।
अहमदाबाद में ‘सुप्रीमो क्लोदिंग’ नाम से छोटी दुकान चलाने वाले बिपिन चौहान और जितेंद्र चौहान (जो आज ‘JadeBlue’ ब्रांड के मालिक हैं) दशकों से मोदी के कपड़े सिलते आ रहे हैं।
बिपिन चौहान बताते हैं कि मोदी जी कपड़ों की फिटिंग, रंग और फैब्रिक का चुनाव खुद करते हैं।

आधी आस्तीन (हाफ स्लीव्स) के कुर्ते की शुरुआत किसी डिजाइनर ने नहीं की थी, बल्कि संघ के दिनों में कपड़े खुद धोने और सुखाने की सहूलियत तथा झोले में कम जगह घेरने की जरूरत से यह आइडिया निकला था, जो आज एक ग्लोबल फैशन स्टेटमेंट बन चुका है।
मिनट-दर-मिनट फिक्स शेड्यूल और PMO की कार्यशैली
पीएम मोदी के काम करने के तरीके में बेवजह या अचानक बदलावों के लिए कोई जगह नहीं होती।
उनका पूरा शेड्यूल मिनट-दर-मिनट के हिसाब से पीएमओ (PMO) की विशेष टीमों द्वारा तैयार किया जाता है।
सुबह 9 बजे तक वे शीर्ष अधिकारियों के साथ पहली महत्वपूर्ण बैठक पूरी कर चुके होते हैं।

उनके दौरे, बैठकें और आधिकारिक व्यस्तताओं को प्रबंधित करने के लिए उनके तीन निजी सचिव और विशेष ओएसडी लगातार काम करते हैं।
76वें जन्मदिन पर देशभर में सेवा और संकल्प का माहौल
पीएम मोदी के 76वें जन्मदिन के मौके पर देशभर में सेवा-संकल्प अभियान के तहत विभिन्न सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
पश्चिम बंगाल में अन्नपूर्णा योजना:
प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पश्चिम बंगाल में ‘अन्नपूर्णा योजना’ की अगली किश्त जारी की।
उन्होंने कहा कि बंगाल के लोगों को लंबे समय तक केंद्रीय योजनाओं के सीधे लाभ से वंचित रखा गया, लेकिन अब हर गरीब तक अधिकार पहुँच रहे हैं।

वडनगर से वाराणसी तक 1,300 KM की बाइक रैली:
गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के वडनगर (पीएम मोदी के जन्मस्थान) से उत्तर प्रदेश के वाराणसी (पीएम मोदी का संसदीय क्षेत्र) तक लगभग 1,300 किलोमीटर लंबी बाइक रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इसी तरह वाराणसी से भी वडनगर के लिए एक रैली शुरू हुई।
इसमें लगभग 600 युवा सवार 10 राज्यों और 193 जिलों से गुजरते हुए 25 साल की जनसेवा का संदेश फैलाएंगे।
लाखों दीयों से जगमगाएंगे शहर और नदियां:
बीजेपी द्वारा सोशल मीडिया पर ‘आशीर्वाद के दीये’ अभियान की अपील की गई है:
* पश्चिम बंगाल: हुगली नदी के किनारे 10 से अधिक घाटों पर 8.5 लाख दीये जलाए जाएंगे।
* हरियाणा: राज्य सरकार अंत्योदय परिवारों को मुफ्त दीये वितरित कर रही है।
* मध्य प्रदेश: उज्जैन के क्षिप्रा तट पर भव्य दीपदान का आयोजन किया गया है, जहाँ महज 3 मिनट में 25 लाख से अधिक दीप प्रज्वलित करने की तैयारी है।
* अन्य राज्य: छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों में लाखों दीये जलाकर उनके दीर्घायु होने की कामना की जा रही है।

गृह मंत्री अमित शाह ने पीएम मोदी को दुनिया का सबसे लोकप्रिय नेता बताते हुए कहा कि 25 सालों से बिना एक भी दिन की छुट्टी लिए, रोज 16 से 18 घंटे काम करना और ‘इंडिया फर्स्ट’ के संकल्प के साथ 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकालना उनके नेतृत्व की सबसे बड़ी मिसाल है।
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