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रिटायर्ड IAS रमेश थेटे नागपुर से गिरफ्तार: धोखाधड़ी और चेक बाउंस मामले में पुलिस ने की कार्रवाई, भोपाल ला रही टीम

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Retired IAS Ramesh Thete arrested: मध्य प्रदेश कैडर के पूर्व आईएएस (IAS) अधिकारी रमेश एस. थेटे को धोखाधड़ी और चेक बाउंस से जुड़े एक पुराने मामले में महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार कर लिया गया है।

बुधवार को नागपुर के मनीष नगर इलाके में बेलतरोड़ी पुलिस और मध्य प्रदेश पुलिस की एक संयुक्त टीम ने उन्हें धर दबोचा।

गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर भोपाल लेकर आ रही है, जहां उन्हें संबंधित अदालत में पेश किया जाएगा।

क्यों हुई गिरफ्तारी?

यह पूरी कार्रवाई भोपाल की अदालत द्वारा जारी किए गए स्थायी गिरफ्तारी वारंट के आधार पर की गई है।

भोपाल की न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कल्पना कोतवाल की अदालत ने पिछले साल यानी 23 मार्च को रमेश थेटे को आधिकारिक तौर पर ‘फरार’ घोषित कर दिया था।

कोर्ट के सख्त आदेश के बाद उनके खिलाफ स्थायी वारंट निकाला गया था।

अदालत की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, रमेश थेटे लगातार सुनवाई से नदारद चल रहे थे। अदालत में पेश होने के लिए उन्हें कई बार मौके और समय दिए गए, लेकिन वे कोर्ट के सामने हाजिर नहीं हुए।

इससे पहले भी उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए थे, लेकिन वे पुलिस की पकड़ से दूर चल रहे थे और वारंट की तामील (नोटिस या वारंट पहुँचाना) नहीं हो पा रही थी।

अदालत की सख्त टिप्पणी

मामले की सुनवाई के दौरान परिवादी (शिकायतकर्ता) की तरफ से कोर्ट में एक आवेदन पेश किया गया था।

इस पर विचार करते हुए अदालत ने माना कि हालात साफ इशारा कर रहे हैं कि आरोपी जानबूझकर कानूनी कार्रवाई और वारंट की तामील से बच रहे हैं।

कोर्ट ने दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 299 के तहत रमेश थेटे को फरार घोषित कर दिया और उनके खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी करने के निर्देश दिए।

साथ ही अदालत ने मामले की अगली कानूनी प्रक्रियाओं और उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाने के आदेश दिए।

आगे क्या होगा?

नागपुर में गिरफ्तारी के बाद अब मध्य प्रदेश पुलिस रमेश थेटे को भोपाल लेकर आ रही है।

भोपाल की अदालत में पेश किए जाने के बाद ही इस मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही तय होगी।

धोखाधड़ी और चेक बाउंस के इन तमाम आरोपों पर अब कोर्ट के नियमों और न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही अंतिम फैसला लिया जाएगा।

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