Homeन्यूजसागर का 'छोटा मांझी': परिवार की प्यास बुझाने के लिए 16 साल...

सागर का ‘छोटा मांझी’: परिवार की प्यास बुझाने के लिए 16 साल के छात्र ने अकेले खोद डाला 25 फीट गहरा कुआं

और पढ़ें

Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Sagar Chhota Manjhi: अगर इरादे मजबूत हों और दिल में अपनों की तकलीफ दूर करने का जज्बा हो, तो बड़ी से बड़ी मुश्किल भी घुटने टेक देती है।

कुछ ऐसा ही कर दिखाया है मध्य प्रदेश के सागर जिले के 16 साल के एक स्कूली छात्र ने।

जहां आज की पीढ़ी अपना ज्यादातर समय फोन और सोशल मीडिया पर बिताती है, वहीं सागर के अनीश फौजदार ने अपने परिवार की पानी की किल्लत को खत्म करने के लिए फावड़ा उठाया और अकेले ही 25 फीट गहरा कुआं खोद डाला।

अनीश के इस कारनामे के बाद पूरा इलाका उन्हें प्यार से ‘सागर का छोटा मांझी’ कह रहा है।

जब पानी की किल्लत बनी वजह

यह प्रेरणादायक कहानी सागर जिले के जैसीनगर क्षेत्र के गांव ‘खजुरिया टगरा टोला’ की है।

अनीश फौजदार अभी सिर्फ 16 साल के हैं और 12वीं कक्षा में पढ़ाई करते हैं।

अनीश का गांव और उनका परिवार लंबे समय से पानी की भारी किल्लत से जूझ रहा था।

रोजमर्रा के कामों और पीने के पानी के लिए परिवार को दर-दर भटकना पड़ता था।

अनीश हर दिन अपने घर वालों को पानी के लिए परेशान होते देखते थे।

यह परेशानी उनसे देखी नहीं गई और उन्होंने ठान लिया कि वे इस समस्या का स्थायी समाधान खुद ही निकालेंगे।

परिवार ने समझा था मजाक

अनीश ने एक दिन अपने घर वालों से कहा कि वे खुद कुआं खोदकर पानी निकालेंगे। यह सुनकर परिवार के लोग हैरान रह गए।

किसी को भी यकीन नहीं हुआ कि 12वीं में पढ़ने वाला एक 16 साल का बच्चा इतना भारी काम अकेले कर पाएगा।

घर वालों को लगा कि अनीश ने बचपने या जोश में आकर यह बात कह दी है और दो-चार दिन में उसका यह इरादा अपने आप बदल जाएगा।

इसलिए शुरुआत में सबने उसकी बात को हंसी-मजाक में टाल दिया।

न मशीन बुलाई, न मजदूर… खुद उठाई कुदाल

अनीश सिर्फ बातें करने वालों में से नहीं थे। जब परिवार ने उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया, तो उन्होंने खुद ही काम शुरू करने का फैसला किया।

अनीश ने फावड़ा, कुदाल और बाल्टी उठाई और अपने घर के पास जमीन खोदना शुरू कर दिया।

इस काम में उन्होंने न तो किसी मजदूर की मदद ली और न ही मिट्टी हटाने के लिए किसी मशीन का इस्तेमाल किया।

वे खुद ही फावड़े से मिट्टी खोदते, उसे बाल्टी में भरते और ऊपर आकर बाहर फेंकते।

रोजाना अपनी पढ़ाई पूरी करने के साथ-साथ अनीश कुएं की खुदाई में जुट जाते थे।

जैसे-जैसे गहराई बढ़ी, मुश्किल हुआ काम

जमीन के नीचे उतरना जितना आसान दिखता है, असल में उतना होता नहीं। जैसे-जैसे कुआं गहरा होता गया, अनीश की चुनौतियां भी बढ़ती गईं।

नीचे की मिट्टी बेहद सख्त होती चली गई और कुएं के अंदर से मिट्टी बाहर निकालना बेहद थका देने वाला काम बनता गया।

लेकिन अनीश के सिर पर परिवार की प्यास बुझाने की धुन सवार थी। उन्होंने बिना थके और बिना हारे रोज घंटों पसीना बहाया।

25 फीट नीचे मिली सफलता की ‘धार’

अनीश की हफ्तों की कड़ी मेहनत रंग लाई।

जब वे करीब 25 फीट की गहराई तक पहुंचे, तो जमीन के अंदर से पानी की मीठी धारा फूट पड़ी।

कुएं में पानी देखते ही अनीश की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

जब परिवार के लोगों ने कुएं में पानी देखा, तो उनकी आंखें नम हो गईं और उनका सीना गर्व से चौड़ा हो गया।

अनीश के इस एक कदम ने सालों से चली आ रही पानी की किल्लत को हमेशा-हमेशा के लिए खत्म कर दिया था।

गांव ने दिया ‘छोटा मांझी’ का नाम

जैसे ही यह खबर खजुरिया टगरा टोला और आसपास के गांवों में फैली, अनीश को देखने और उनकी तारीफ करने वालों का तांता लग गया।

ग्रामीणों ने अनीश की तुलना बिहार के मशहूर ‘दशरथ मांझी’ से कर दी, जिन्होंने अकेले ही पहाड़ काटकर रास्ता बना दिया था।

लोग अब अनीश को प्यार से “सागर का छोटा मांझी” बुला रहे हैं।

पढ़ाई की जिम्मेदारी के साथ-साथ परिवार के प्रति ऐसा समर्पण और इतनी कम उम्र में इतना बड़ा काम करना वाकई अद्भुत है।

अनीश की यह जिद और मेहनत आज सोशल मीडिया पर भी छा चुकी है और देशभर के युवाओं के लिए एक बड़ी मिसाल बन गई है।

#SagarNews #ChhotaManjhi #AnishFoujdar #MadhyaPradesh #Inspiration #WaterCrisis #InspiringStory

- Advertisement -spot_img