Samrat Choudhary Bihar CM: बिहार की राजनीति ने आज एक ऐसा मोड़ लिया है जिसकी कल्पना कुछ साल पहले तक शायद ही किसी ने की थी।
बुधवार, 15 अप्रैल 2026 को पटना का लोकभवन एक ऐतिहासिक पल का गवाह बना।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कद्दावर नेता सम्राट चौधरी ने बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली।
यह बिहार के इतिहास में पहली बार है जब भारतीय जनता पार्टी का कोई नेता सीधे तौर पर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठा है।

उनके साथ जनता दल यूनाइटेड (JDU) के दो दिग्गज नेताओं, विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की।
इस शपथ ग्रहण के साथ ही बिहार में करीब दो दशकों से चले आ रहे नीतीश कुमार के शासनकाल का एक बड़ा अध्याय समाप्त हो गया है।
हालांकि, नीतीश कुमार इस नई सरकार के मार्गदर्शक की भूमिका में नजर आए, लेकिन सत्ता की कमान अब सम्राट चौधरी के हाथों में है।

साधारण समारोह में असाधारण बदलाव
पटना स्थित लोकभवन में आयोजित यह समारोह बेहद सादगी भरा लेकिन प्रभावशाली था।
राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई।
इस दौरान मंच पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और चिराग पासवान जैसे बड़े नेता मौजूद थे।
शपथ ग्रहण से पहले सम्राट चौधरी ने पटना के प्रसिद्ध पंचरुपी हनुमान मंदिर में माथा टेका और आशीर्वाद लिया।
उनकी इस धार्मिक और आक्रामक शैली ने कार्यकर्ताओं में एक नई ऊर्जा भर दी है।

कौन हैं सम्राट चौधरी?
सम्राट चौधरी का मुख्यमंत्री बनना उनकी मेहनत और भाजपा की बदली हुई रणनीति का परिणाम है।
वह मूल रूप से मुंगेर जिले के रहने वाले हैं और उनके पिता शकुनी चौधरी बिहार के कद्दावर नेताओं में शुमार रहे हैं।
सम्राट चौधरी केवल 8 साल पहले 2018 में भाजपा में शामिल हुए थे, लेकिन अपनी तेज-तर्रार छवि और संगठन क्षमता के कारण उन्होंने बहुत कम समय में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का भरोसा जीता।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तो उन्हें ‘बिहार का असली सम्राट’ तक कह दिया था।

डिप्टी सीएम के रूप में दो अनुभवी चेहरे
नई सरकार में संतुलन बनाए रखने के लिए जेडीयू कोटे से दो अनुभवी चेहरों को डिप्टी सीएम बनाया गया है:
1. विजय कुमार चौधरी:
नीतीश कुमार के सबसे भरोसेमंद माने जाने वाले विजय चौधरी समस्तीपुर के सरायरंजन से विधायक हैं।
वे पूर्व में विधानसभा अध्यक्ष और वित्त मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं।

2. बिजेंद्र प्रसाद यादव:
सुपौल से 9वीं बार विधायक बने बिजेंद्र यादव बिहार में सबसे लंबे समय तक मंत्री रहने वाले नेताओं में से एक हैं।
ऊर्जा विभाग में उनके काम की सराहना विपक्षी दल भी करते रहे हैं।
मुंगेर जिले का ऐतिहासिक रिकॉर्ड
सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही मुंगेर जिले ने एक अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।
मुंगेर अब बिहार का ऐसा पहला जिला बन गया है जिसने राज्य को तीन मुख्यमंत्री दिए हैं।
सबसे पहले डॉ. श्रीकृष्ण सिंह (बिहार के पहले सीएम), उसके बाद चंद्रशेखर और अब सम्राट चौधरी।
यह मुंगेर के गौरवशाली इतिहास में एक नया पन्ना है।

नीतीश कुमार की भूमिका और भविष्य की सरकार
भले ही सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री बने हैं, लेकिन एनडीए के भीतर नीतीश कुमार का सम्मान बरकरार है।
शपथ ग्रहण से पहले हुई बैठक में नीतीश कुमार ने ही सम्राट चौधरी के नाम का प्रस्ताव रखा।
सम्राट ने भी परंपरा का पालन करते हुए नीतीश कुमार के पैर छूकर आशीर्वाद लिया।

कैबिनेट का पूर्ण विस्तार मई महीने में होने की संभावना है।
माना जा रहा है कि बंगाल चुनाव के बाद चिराग पासवान की पार्टी (LJP-R), जीतनराम मांझी की पार्टी (HAM) और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी (RLM) के विधायकों को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी।
फिलहाल मंत्रिमंडल में 33 पद रिक्त रखे गए हैं ताकि भविष्य में सहयोगियों को जगह दी जा सके।

सम्राट चौधरी का विजन: विकसित बिहार का संकल्प
मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ और नीतीश कुमार के ‘समृद्ध बिहार’ के सपने को मिलकर पूरा करने की बात कही।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार जाति और धर्म से ऊपर उठकर सुशासन के मॉडल पर काम करेगी।
उनके समर्थकों को उम्मीद है कि उनकी आक्रामक कार्यशैली बिहार की कानून-व्यवस्था और विकास की गति को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगी।
