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सुवेंदु अधिकारी होंगे बंगाल के नए मुख्यमंत्री: रूपा गांगुली बनेंगी डिप्टी CM, 9 मई को होगा शपथ ग्रहण

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Suvendu Adhikari Bengal CM: पश्चिम बंगाल की सियासत में दशकों बाद एक बहुत बड़ा बदलाव होने जा रहा है।

भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद अपने मुख्यमंत्री पद के चेहरे पर से पर्दा उठा दिया है।

सुवेंदु अधिकारी, जिन्होंने कभी ममता बनर्जी के करीबी सिपाही के रूप में अपनी पहचान बनाई थी और अब उनके सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी हैं, पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री होंगे।

कोलकाता में गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में हुई विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से सुवेंदु के नाम पर मुहर लगा दी गई है।

सत्ता का समीकरण: एक मुख्यमंत्री और दो डिप्टी सीएम

भाजपा ने बंगाल की विविधता और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए इस बार दो उप-मुख्यमंत्री (डिप्टी सीएम) बनाने का फैसला किया है।

रूपा गांगुली: अभिनेत्री से राजनेता बनीं रूपा गांगुली को पहली डिप्टी सीएम के रूप में चुना गया है। वे राज्य में महिला शक्ति और भाजपा के सांस्कृतिक चेहरे का प्रतिनिधित्व करेंगी।

दार्जिलिंग से पुरुष चेहरा: दूसरा डिप्टी सीएम उत्तर बंगाल यानी दार्जिलिंग इलाके से होगा। यह कदम उत्तर बंगाल के वोटरों के प्रति आभार जताने और वहां के विकास को प्राथमिकता देने के लिए उठाया गया है।

सुवेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री होने के साथ-साथ राज्य का गृह मंत्रालय भी अपने पास रखेंगे, जो कानून-व्यवस्था को सुधारने के लिए एक महत्वपूर्ण विभाग माना जाता है।

26 साल बाद बनेगा डिप्टी सीएम 

बंगाल के इतिहास में यह करीब ढाई दशक बाद होगा जब राज्य को उपमुख्यमंत्री मिलेगा।

आखिरी बार साल 2000 में बुद्धदेव भट्टाचार्य इस पद पर थे।

भाजपा की यह नई व्यवस्था दर्शाती है कि वह राज्य के हर हिस्से (उत्तर और दक्षिण बंगाल) को सरकार में हिस्सेदारी देना चाहती है।

शपथ ग्रहण की भव्य तैयारी

9 मई को कोलकाता का ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड एक नए अध्याय का गवाह बनेगा।

यहाँ आयोजित होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और एनडीए शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री शामिल होंगे।

पूर्व केंद्रीय मंत्री सुभाष सरकार ने बताया कि कार्यकर्ताओं में जबरदस्त जोश है और बारिश के बावजूद तैयारियां युद्ध स्तर पर पूरी की जा रही हैं।

चुनाव परिणाम और ममता की हार

इस चुनाव में सुवेंदु अधिकारी ‘जायंट किलर’ बनकर उभरे हैं।

उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को उनके गढ़ भवानीपुर से करारी शिकस्त दी।

इतना ही नहीं, उन्होंने नंदीग्राम सीट पर भी अपनी जीत का सिलसिला बरकरार रखा।

भाजपा ने राज्य की 294 सीटों में से 207 सीटों पर शानदार जीत हासिल की है, जबकि तृणमूल कांग्रेस (TMC) महज 80 सीटों पर सिमट गई है।

ममता बनर्जी का इस्तीफा देने से इनकार और संवैधानिक संकट

चुनाव नतीजों के बाद बंगाल की राजनीति में एक अजीब स्थिति पैदा हो गई।

ममता बनर्जी ने हार स्वीकार करने से इनकार कर दिया और आरोप लगाया कि यह जीत जनता की नहीं बल्कि चुनाव आयोग और भाजपा की ‘साजिश’ है।

उन्होंने साफ कह दिया कि वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगी।

इस गतिरोध को देखते हुए राज्यपाल आरएन रवि ने संविधान प्रदत्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए विधानसभा को भंग कर दिया, जिससे ममता कैबिनेट की शक्तियां समाप्त हो गई हैं।

हिंसा और बलिदान की याद

भाजपा नेता शंकर घोष ने इस जीत को उन कार्यकर्ताओं को समर्पित किया है जिन्होंने पिछले वर्षों में राजनीतिक हिंसा में अपनी जान गंवाई।

उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि आज डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का सपना पूरा हुआ है।

चुनाव के बाद भी हिंसा का दौर थमा नहीं है; हाल ही में सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।

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