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ममता दीदी को सबसे बड़ा झटका: TMC के 20 बागी सांसद ‘गुमनाम’ पार्टी NCPI में शामिल; कभी नारा था- ‘दलबदलू नेताओं को नकारो’

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

TMC Rebel MPs- NCPI Merger: पश्चिम बंगाल की राजनीति में ‘खेला’ शब्द बहुत मशहूर है, लेकिन इस बार जो खेला हुआ है, उसने दिल्ली से लेकर कोलकाता तक सबको चौंका दिया है।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 लोकसभा सांसदों ने अपनी ही पार्टी से बगावत कर दी है।

बगावत करने के बाद इन सांसदों ने एक बेहद छोटी और गुमनाम पार्टी ‘नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया’ (NCPI) में अपना विलय घोषित कर दिया है।

अब ये सभी बागी सांसद लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के साथ मिलकर काम करने की तैयारी में हैं।

पति-पत्नी ने बनाई थी पार्टी, नारा था ‘दलबदलुओं को नकारो’

जिस NCPI पार्टी में TMC के इन दिग्गज सांसदों का विलय हुआ है, उसकी कहानी बड़ी दिलचस्प है।

रिकॉर्ड्स के मुताबिक, महज 3 साल पहले यानी 2023 में पश्चिम बंगाल के रहने वाले एक शादीशुदा जोड़े (पति-पत्नी) ने इस पार्टी की नींव रखी थी।

पति का नाम उत्तिया कुंडू है, जो पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। वहीं उनकी पत्नी शेउली कुंडू पार्टी की कोषाध्यक्ष (ट्रेजरर) हैं।

हावड़ा के बानीपुर इलाके में इस पार्टी का एक छोटा सा दफ्तर है।

उत्तिया कुंडू खुद को एक बंगाली अखबार का एडिटर और टीचर बताते हैं, जबकि उनकी पत्नी कलकत्ता हाईकोर्ट में वकील हैं।

सबसे मजेदार बात यह है कि जब 2023 में इस पार्टी ने पोस्टर छपवाए थे, तो इनका मुख्य नारा था— “अपने अधिकारों को बचाने के लिए दलबदलुओं को नकारें।”

लेकिन आज इसी पार्टी का वजूद दलबदल करने वाले सांसदों के सहारे बड़ा होने जा रहा है।

चुनाव में NOTA से भी कम वोट मिले थे

NCPI भले ही बंगाल में रजिस्टर्ड है, लेकिन इसने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत पड़ोसी राज्य त्रिपुरा से की थी।

2023 के त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में इस पार्टी ने 4 सीटों (चावमानू, अंबासा, करमछड़ा और कैलाशहर) पर अपने उम्मीदवार उतारे थे।

पार्टी का चुनावी प्रदर्शन इतना खराब था कि इसके उम्मीदवारों को कई जगह NOTA (None of the Above) से भी कम या उसके बराबर वोट मिले।

पूरी पार्टी को कुल मिलाकर मात्र 1,198 वोट मिले थे और चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक इन्हें कुल 1.13 लाख रुपये का चंदा मिला था।

इनका चुनाव चिन्ह पेन निब’ (कलम की नोक) है।

पार्टी के पुराने उम्मीदवार हैरान, कहा- ‘हम तो दिहाड़ी मजदूर हैं’

इस विलय की खबर सामने आने के बाद पार्टी के पुराने नेता और उम्मीदवार खुद हैरान हैं।

त्रिपुरा की चावमानू सीट से चुनाव लड़ने वाले बरजेदा त्रिपुरा को महज 536 वोट मिले थे।

जब उनसे इस विलय के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “मैं एक दिहाड़ी मजदूर हूं। चुनाव खत्म होने के बाद मेरा पार्टी से कोई संपर्क नहीं रहा, मैं तो खुद यह सुनकर हैरान हूं।”

वहीं कैलाशहर सीट से चुनाव लड़ने वाले जहांगीर अली ने बताया कि चुनाव के वक्त कोलकाता से शेउली कुंडू आई थीं और उम्मीदवारों को टिकट दिया था, उसके बाद पार्टी गायब हो गई थी।

संसद में मचेगा घमासान: बागी सांसदों की क्या है प्लानिंग?

लोकसभा में TMC के कुल 28 सांसद हैं।

दल-बदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law) के मुताबिक, अगर किसी पार्टी के दो-तिहाई (2/3) सांसद एक साथ अलग होते हैं, तो उनकी संसद सदस्यता रद्द नहीं होती।

28 का दो-तिहाई हिस्सा लगभग 19 होता है, और यहां 20 सांसदों ने बगावत की है। यानी कानूनन ये सुरक्षित हैं।

बागी गुट के बड़े नेता सुदीप बंद्योपाध्याय का कहना है, “हमने नियम के तहत NCPI में विलय किया है। चूंकि हमारे पास दो-तिहाई बहुमत है, इसलिए जुलाई के महीने में हम चुनाव आयोग और अदालत के सामने असली ‘तृणमूल कांग्रेस’ होने का दावा ठोकेंगे और पार्टी के चुनाव चिन्ह ‘जुड़वा फूल’ पर भी अपना हक मांगेंगे।”

बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर संसद में विपक्ष की जगह सत्तापक्ष (NDA) की तरफ अलग से बैठने की व्यवस्था करने की मांग की है।

ममता बनर्जी गुट का पलटवार

इस बगावत से ममता बनर्जी का खेमा बेहद गुस्से में है।

TMC के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने तुरंत लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर मांग की है कि इस बागी गुट को कतई मान्यता न दी जाए।

ममता गुट का कहना है कि वे इस मामले को अदालत में चुनौती देंगे और असली तृणमूल कांग्रेस कौन है, इसका फैसला कानूनी लड़ाई से होगा।

बगावत करने वाले 20 प्रमुख सांसदों के नाम

इस लिस्ट में TMC के कई बड़े चेहरे और सेलिब्रिटीज शामिल हैं:

  1. सुदीप बंद्योपाध्याय (कोलकाता उत्तर)
  2. काकोली घोष दस्तीदार (बारासात)
  3. दीपक अधिकारी – देव (घाटाल) – प्रसिद्ध अभिनेता*
  4. यूसुफ पठान (बहरामपुर) – पूर्व क्रिकेटर
  5. शताब्दी रॉय (बीरभूम)
  6. सायोनी घोष (जादवपुर)
  7. रचना बनर्जी (हुगली)
  8. जून मालिया (मेदिनीपुर)
  9. पार्थ भौमिक (बैरकपुर)
  10. माला रॉय (कोलकाता दक्षिण)
  11. अरूप चक्रवर्ती
  12. खलीलुर रहमान
  13. अबू ताहेर खान
  14. डॉ. शर्मिला सरकार
  15. जगदीश चंद्र बसुनिया
  16. कालीपद सोरेन
  17. बापी हलदार
  18. मिताली बाग
  19. प्रसून बंधोपाध्याय 
  20. असित कुमार माल

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