Ujjain school holiday monday: बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में सावन का महीना हमेशा भक्ति, आस्था और चहल-पहल से भरा होता है।
देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु यहाँ अपने आराध्य भगवान महाकालेश्वर के दर्शन और उनकी पावन सवारी में शामिल होने पहुँचते हैं।
सावन के इस पवित्र महीने में शहर की व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने और स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने एक बड़ा निर्णय लिया है।
आगामी 3 अगस्त से 31 अगस्त तक उज्जैन के सभी सरकारी और निजी (प्राइवेट) स्कूलों में सोमवार का अवकाश रहेगा।

वहीं, बच्चों की पढ़ाई का नुकसान न हो, इसके लिए रविवार को नियमित कक्षाएं लगाई जाएंगी।
क्यों लिया गया सोमवार की छुट्टी का फैसला?
सावन के महीने में हर सोमवार को भगवान महाकाल की भव्य सवारी निकाली जाती है।
इस दौरान पूरा शहर शिवभक्तों की भीड़ से सराबोर रहता है। मंदिर परिसर से लेकर पूरे सवारी मार्ग पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ता है।
लाखों लोगों की मौजूदगी के कारण शहर के प्रमुख रास्तों और चौराहों पर भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बन जाती है।

ऐसे में यदि स्कूल खुले रहते हैं, तो स्कूल बसों और अन्य वाहनों के जाम में फंसने का भारी खतरा बना रहता है।
इससे छोटे-छोटे बच्चों, उनके माता-पिता और स्कूल प्रशासन सभी को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इसी ट्रैफिक व्यवस्था, सुरक्षा और बच्चों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए प्रशासन हर साल की तरह इस बार भी सोमवार को स्कूलों की छुट्टी रखने का निर्णय लेता है।

3 से 31 अगस्त तक लागू रहेगी व्यवस्था
जिला प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, यह नई व्यवस्था सावन माह की शुरुआत के साथ 3 अगस्त से लागू होगी और 31 अगस्त तक प्रभावी रहेगी।
* सोमवार की जगह संडे क्लास: 3, 10, 17 और 24 अगस्त को सोमवार होने के कारण स्कूल बंद रहेंगे, लेकिन इसके बदले में हर रविवार को स्कूल खोले जाएंगे और पूरे समय नियमित पढ़ाई होगी।
* शाही सवारी पर रहेगा विशेष अवकाश: सावन बीतने के बाद भादौ माह में भगवान महाकाल की अंतिम यानी ‘राजसी (शाही) सवारी’ निकाली जाती है। यह सवारी 7 सितंबर को निकलेगी।
राजसी सवारी साल की सबसे बड़ी और भव्य सवारी मानी जाती है, इसलिए इस दिन पूरे जिले में विशेष अवकाश घोषित रहता है।
इस खास सप्ताह में रविवार और सोमवार दोनों ही दिन स्कूल बंद रखे जाएंगे।

भगवान महाकाल की सवारियों का पूरा शेड्यूल
इस साल सावन महीने की शुरुआत 30 जुलाई से हो रही है। इस दौरान कुल 6 सवारियाँ निकाली जाएँगी:
- पहली सवारी: 3 अगस्त (सोमवार)
- दूसरी सवारी: 10 अगस्त (सोमवार)
- तीसरी सवारी: 17 अगस्त (सोमवार)
- चौथी सवारी: 24 अगस्त (सोमवार)
- पांचवीं सवारी: 31 अगस्त (सोमवार)
- छठी (राजसी) सवारी: 7 सितंबर (सोमवार)

किन-किन रास्तों से होकर गुजरेगी महाकाल की सवारी?
भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी शाम 4 बजे मंदिर के सभा मंडप में पारंपरिक पूजन-अर्चन के साथ शुरू होती है। इसके बाद नगर भ्रमण के लिए निकलती है:
* सवारी सबसे पहले गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार और कहारवाड़ी होते हुए पवित्र रामायणकालीन रामघाट पहुँचती है, जहाँ माँ शिप्रा के जल से भगवान का अभिषेक और पूजन किया जाता है।
* इसके बाद सवारी रामानुजकोट, मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक, खाती समाज मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर और पटनी बाजार से होते हुए पुन: महाकालेश्वर मंदिर लौटती है।
पूरे मार्ग में पुलिस और प्रशासन की ओर से कड़े सुरक्षा इंतजाम किए जाते हैं।

कलेक्टर ने क्या जानकारी दी?
उज्जैन के कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने बताया कि सावन में महाकाल सवारी के दौरान शहर की यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखना पहली प्राथमिकता होती है।
बच्चों की पढ़ाई और उनकी सुरक्षा दोनों महत्वपूर्ण हैं। इसीलिए हर साल की तरह इस साल भी सोमवार के स्थान पर रविवार को स्कूल संचालित करने का फैसला लिया गया है।
उन्होंने बताया कि इसका औपचारिक (ऑफिशल) आदेश शिक्षा विभाग द्वारा जल्द ही जारी कर दिया जाएगा।
कलेक्टर ने अभिभावकों (पैरेंट्स) से भी अपील की है कि वे इस नए शेड्यूल के हिसाब से अपने बच्चों की दिनचर्या और समय-सारणी पहले से तय कर लें, ताकि रविवार को स्कूल जाने में बच्चों को कोई असुविधा न हो।
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