US midterm elections 2026: अमेरिका में हुए मिडटर्म चुनावों में बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिला है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी को करारा झटका लगा है, जबकि विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अमेरिकी संसद के ऊपरी सदन यानी सीनेट में अपना बहुमत साबित कर दिया है।
इसके साथ ही निचले सदन, हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में भी डेमोक्रेट्स लगातार बड़ी बढ़त बनाए हुए हैं, जिससे वॉशिंगटन की राजनीति में उनका दबदबा बढ़ गया है।
हार के बाद ट्रम्प का बयान: ‘विपक्ष के साथ मिलकर करेंगे काम’
शुरुआती नतीजों के सामने आते ही राष्ट्रपति ट्रम्प ने अपनी हार स्वीकार कर ली है।
उन्होंने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि वे इन नतीजों को पूरी तरह मानते हैं और देश के हित में विपक्षी डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करने को तैयार हैं।
हालांकि, ट्रम्प ने अपने चिर-परिचित अंदाज में सोशल मीडिया पर चुटकी लेते हुए यह भी कहा कि अगर वे खुद इस चुनाव में सीधे उम्मीदवार होते, तो उनकी पार्टी बहुत बड़े अंतर से जीतती।
ट्रम्प ने यह भी ऐलान किया कि अब वे एक राजनीतिक ‘पंडित’ के रूप में काम करेंगे और उम्मीदवारों की हार-जीत के कारणों का खुद विश्लेषण करेंगे।
सीनेट और हाउस का पूरा गणित: डेमोक्रेट्स ने छुआ जादुई आंकड़ा
अमेरिकी संसद के दोनों सदनों के आंकड़ों की बात करें तो 100 सीटों वाली सीनेट में डेमोक्रेट्स ने बहुमत के लिए जरूरी 51 सीटों का जादुई आंकड़ा छू लिया है।
वहीं, रिपब्लिकन पार्टी 39 सीटों पर सिमट कर रह गई है।
डेमोक्रेट्स ने इस बार रिपब्लिकन पार्टी के गढ़ माने जाने वाले नॉर्थ कैरोलिना और साउथ कैरोलिना जैसी अहम सीटें भी छीन ली हैं।
दूसरी तरफ, 435 सीटों वाले हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में बहुमत के लिए 218 सीटों की जरूरत होती है।
शुरुआती रुझानों में डेमोक्रेटिक पार्टी 187 सीटों पर आगे है, जबकि रिपब्लिकन पार्टी 101 सीटों पर ही बढ़त बना सकी है।
ओहायो में भारतवंशी विवेक रामास्वामी को बड़ा झटका
इस चुनाव में भारतीय मूल के उम्मीदवारों के प्रदर्शन पर भी सबकी नजरें थीं।
ओहायो में भारतीय मूल के चर्चित रिपब्लिकन नेता विवेक रामास्वामी को गहरा झटका लगा है।
राष्ट्रपति ट्रम्प और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के धुआंधार प्रचार के बावजूद रामास्वामी को डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन के हाथों हार का सामना करना पड़ा।
यह जीत इसलिए भी बड़ी है क्योंकि लगभग 20 साल बाद ओहायो में किसी डेमोक्रेट ने गवर्नर पद जीता है।
एमी एक्टन इस पद तक पहुंचने वाली राज्य की पहली निर्वाचित महिला भी बन गई हैं।
सुहास और पिया ने रचा इतिहास, गाड़े जीत के झंडे
भले ही रामास्वामी हार गए हों, लेकिन भारतीय मूल के अन्य उम्मीदवारों ने डेमोक्रेटिक पार्टी के टिकट पर शानदार प्रदर्शन किया है।
वर्जीनिया से भारतीय मूल के नेता सुहास सुब्रमण्यम ने लगातार दूसरी बार सांसद का चुनाव जीतकर अपनी ताकत दिखाई है।
उन्होंने रिपब्लिकन डेव बेकविथ को करारी मात दी।
इसी तरह, फ्लोरिडा के नए कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से भारतवंशी पिया दांडिया ने हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स का चुनाव जीतकर एक नया इतिहास रच दिया है।
अमेरिका को मिली पहली अश्वेत महिला गवर्नर, युवाओं ने पलटा गेम
इस मिडटर्म चुनाव ने अमेरिका को कई ऐतिहासिक पल दिए हैं।
जॉर्जिया में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार कीशा लांस बॉटम्स ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है और वे अमेरिका के इतिहास में किसी भी राज्य की पहली अश्वेत महिला गवर्नर बन गई हैं।
चुनावी आंकड़ों से पता चलता है कि इस बार युवाओं, अश्वेत और एशियाई अमेरिकी वोटरों ने डेमोक्रेटिक पार्टी का खुलकर साथ दिया, जिसने नतीजों की पूरी तस्वीर बदलकर रख दी।
चुनाव विश्लेषकों का मानना है कि जनता ने अपने वोट के जरिए राष्ट्रपति ट्रम्प की नीतियों को नकार कर डेमोक्रेट्स पर भरोसा जताया है।
#USMidtermElections #Democrats #SenateMajority #DonaldTrump #ElectionResults #USPolitics #VivekRamaswamy
