MP Weather Update: मध्य प्रदेश में मई के शुरुआती 10 दिनों तक हुई बेमौसम बारिश और आंधी का दौर अब थम चुका है।
मानसून से पहले आने वाली तपिश ने अब अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है।
सोमवार और मंगलवार को प्रदेश के कई जिलों में भीषण लू (Heat Wave) का असर देखा गया।
मालवा-निमाड़ अंचल सबसे ज्यादा तप रहा है।
रतलाम बना सबसे गर्म शहर
प्रदेश के रतलाम जिले में गर्मी ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
यहाँ पारा लगातार दूसरे दिन 45 डिग्री सेल्सियस के स्तर को छू गया।
झाबुआ और धार जैसे जिलों में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है।
इंदौर, जिसे प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी कहा जाता है, वहाँ भी पारा 43.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया, जो पिछले साल के मुकाबले कहीं अधिक है।
6 जिलों में लू का अलर्ट
मौसम विभाग (IMD) ने मंगलवार के लिए उज्जैन, धार, आलीराजपुर, बड़वानी, रतलाम और झाबुआ में लू का अलर्ट जारी किया है।
अगले 4 दिनों तक इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग के जिलों में गर्मी और बढ़ेगी।
यहाँ अधिकतम तापमान 45 से 46 डिग्री तक जा सकता है।
भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में भी पारा 43-44 डिग्री के आसपास बना रहेगा, जिससे दोपहर के वक्त सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है।
देशभर में मौसम का मिजाज: आंधी और तूफान की आहट
जहाँ मध्य भारत लू की चपेट में है, वहीं उत्तर और दक्षिण भारत में मौसम विभाग ने बड़े बदलाव के संकेत दिए हैं।
मंगलवार सुबह हरियाणा और चंडीगढ़ में जोरदार बारिश हुई, जिससे वहाँ के लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली है।
समुद्री तूफान की चेतावनी
बंगाल की खाड़ी में एक निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जो श्रीलंका से लेकर लक्षद्वीप तक फैला है।
इसके अगले 48 घंटों में चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका है।
इसके प्रभाव से दक्षिण भारत के राज्यों में भारी बारिश हो सकती है।
मछुआरों को हिदायत दी गई है कि वे गहरे समुद्र में न जाएं।
राजधानी दिल्ली और उत्तर भारत का हाल
दिल्ली में फिलहाल धूप खिली है, लेकिन मौसम विभाग के अनुसार आज शाम से यहाँ धूल भरी आंधी और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है।
यह सिलसिला 14 मई तक चलने की उम्मीद है।
वहीं, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में 30 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।
पहाड़ों पर बर्फबारी और पूर्वोत्तर में भारी बारिश
हिमालयी क्षेत्रों जैसे जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो रहा है।
इसके कारण ऊंचे इलाकों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश का अनुमान है।
पूर्वोत्तर के 8 राज्यों (असम, मेघालय, नागालैंड आदि) में अगले चार दिनों तक बिजली कड़कने और भारी बारिश का अलर्ट है।
बिहार और झारखंड में भी 17 मई तक मौसम खराब रह सकता है।
बिहार में तो ओलावृष्टि (ओले गिरना) की भी चेतावनी दी गई है।
आम जनता के लिए सलाह
मौसम के इस उतार-चढ़ाव के बीच स्वास्थ्य का ध्यान रखना बेहद जरूरी है:
1. लू से बचाव: दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें। यदि निकलना जरूरी हो, तो सिर ढंककर रखें और खूब पानी पिएं।
2. आंधी-बारिश: तेज हवा चलने पर पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
3. किसान भाइयों के लिए: कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखें, क्योंकि कई राज्यों में ओलावृष्टि की संभावना है।
मध्य प्रदेश में अगले एक हफ्ते तक राहत के आसार कम हैं, जबकि देश के अन्य हिस्सों में बारिश गर्मी के तेवरों को कुछ हद तक नरम रखेगी।
