What is Norovirus and Symptoms: दुनिया अभी कोरोना वायरस (COVID-19) के जख्मों से पूरी तरह उभरी भी नहीं थी कि नए वायरस की खबरों ने चिंता बढ़ा दी है।
हाल ही में अर्जेंटीना और कैरिबियन के समुद्री इलाकों से वायरस के फैलने की खबरें सामने आई हैं।
एक तरफ जहां हंता वायरस (Hanta Virus) की चर्चा है, वहीं ‘कैरिबियन प्रिंसेस’ नामक एक लग्जरी क्रूज शिप पर नोरोवायरस (Norovirus) ने कोहराम मचा दिया है।
इस क्रूज पर सवार लगभग 100 से ज्यादा यात्री और क्रू मेंबर्स अचानक बीमार पड़ गए, जिसके बाद सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) को दखल देना पड़ा।

आइए जानते हैं कि आखिर यह नोरोवायरस क्या है और क्या यह कोरोना जैसा ही जानलेवा है?
1. क्या है नोरोवायरस?
नोरोवायरस कोई नया वायरस नहीं है, लेकिन इसकी फैलने की रफ्तार बहुत तेज होती है।
इसे अक्सर ‘स्टमक फ्लू’ (Stomach Flu) या ‘विंटर वोमिटिंग बग’ भी कहा जाता है। हालांकि इसका इन्फ्लुएंजा (आम फ्लू) से कोई लेना-देना नहीं है।
यह मुख्य रूप से हमारे पेट और आंतों पर हमला करता है, जिससे पाचन तंत्र में गंभीर सूजन आ जाती है। मेडिकल भाषा में इसे ‘गैस्ट्रोएंटेराइटिस’ कहते हैं।

2. क्रूज शिप पर कैसे फैला संक्रमण?
कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज 28 अप्रैल को अपनी यात्रा पर निकला था।
सफर के दौरान अचानक यात्रियों की तबीयत बिगड़ने लगी।
3,116 यात्रियों में से 102 यात्री और 13 क्रू मेंबर इसकी चपेट में आ गए।
संक्रमण फैलने की मुख्य वजहें:
- बंद जगह: क्रूज शिप एक बंद वातावरण होता है जहां हजारों लोग एक साथ रहते हैं।
- साझा सुविधाएं: लिफ्ट के बटन, रेलिंग्स, स्विमिंग पूल और बुफे डाइनिंग जैसी जगहों पर एक संक्रमित व्यक्ति के छूने से वायरस तेजी से दूसरों तक पहुंच जाता है।
- हाथों की सफाई: यदि कोई संक्रमित व्यक्ति बिना हाथ धोए खाने की चीजों या सतहों को छूता है, तो यह वायरस बिजली की गति से फैलता है।

3. नोरोवायरस के प्रमुख लक्षण
नोरोवायरस के लक्षण बहुत जल्दी दिखाई देते हैं। संक्रमित होने के 12 से 48 घंटों के भीतर व्यक्ति बीमार महसूस करने लगता है।
इसके मुख्य लक्षण निम्नलिखित हैं:
- लगातार उल्टियां और जी मिचलाना: यह इस वायरस का सबसे प्रमुख संकेत है।
- पानी वाले दस्त: पेट में मरोड़ के साथ दस्त होना।
- पेट दर्द: आंतों में सूजन के कारण तेज दर्द।
- बुखार और सिरदर्द: हल्का बुखार और शरीर में भारीपन महसूस होना।
- अत्यधिक कमजोरी: शरीर से पानी निकलने (डिहाइड्रेशन) के कारण मरीज बहुत कमजोर हो जाता है।
आमतौर पर ये लक्षण 1 से 3 दिनों तक रहते हैं, लेकिन छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति गंभीर हो सकती है।

4. कितना खतरनाक है यह वायरस?
CDC के मुताबिक, नोरोवायरस कोरोना की तरह फेफड़ों पर हमला नहीं करता, इसलिए यह उतना जानलेवा नहीं है।
ज्यादातर लोग 2-3 दिन के आराम और सही खान-पान से ठीक हो जाते हैं।
खतरा कब बढ़ता है?
जब शरीर में पानी की भारी कमी हो जाती है, तो यह स्थिति जानलेवा हो सकती है।
यदि मरीज को सही समय पर ओआरएस (ORS) या तरल पदार्थ न दिए जाएं, तो अंगों पर बुरा असर पड़ सकता है।

फिलहाल इसके लिए कोई विशेष वैक्सीन या एंटी-वायरल दवा नहीं है, शरीर की इम्यूनिटी ही इससे लड़ती है।
5. बचाव ही सबसे बड़ा इलाज है
चूंकि यह वायरस छूने और दूषित खाने से फैलता है, इसलिए सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है:
1. हाथ धोना: साबुन और पानी से कम से कम 20 सेकंड तक हाथ धोएं। याद रखें, सैनिटाइजर नोरोवायरस के खिलाफ उतना प्रभावी नहीं होता जितना साबुन।
2. फल और सब्जियां धोएं: कच्ची सब्जियों और फलों को अच्छी तरह धोकर ही खाएं।
3. बीमार व्यक्ति से दूरी: यदि घर में कोई बीमार है, तो उसके बर्तन और कपड़े अलग रखें।
4. साफ-सफाई: घर की सतहों (जैसे किचन स्लैब या टॉयलेट) को कीटाणुनाशक से साफ रखें।
नोरोवायरस से डरने की जरूरत नहीं है, बल्कि सतर्क रहने की जरूरत है।

क्रूज शिप जैसी जगहों पर स्वच्छता का ध्यान रखना सबसे अनिवार्य है।
यदि आपको या आपके परिवार में किसी को लगातार उल्टी या दस्त की शिकायत हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और खुद को हाइड्रेटेड रखें।
