Bhopal High Tension Pole Road: भोपाल के 90 डिग्री वाले ब्रिज ने देश भर में खूब सुर्खियां बटोरी थी।
अब शहर के करोंद इलाके की एक अनोखी सड़क चर्चा का विषय बनी हुई है।
यहां विनायक कॉलोनी में बिजली विभाग के एक विशाल हाईटेंशन पोल के बिल्कुल नीचे से डामर की सड़क निकाल दी गई है।
दूर से देखने पर यह किसी गेट या पेरिस के ‘एफिल टॉवर’ जैसा अहसास कराती है, लेकिन हकीकत में यह एक गंभीर लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण है।
सालों पुराना पोल, अब बनी आबादी की आफत
स्थानीय निवासी महेंद्र सिंह राजपूत के अनुसार, यह टावर यहां सालों से खड़ा है।
जब इसे लगाया गया था, तब आसपास कोई बस्ती नहीं थी और यह खाली इलाका था।
लेकिन वक्त के साथ यहां आबादी बढ़ती गई, मकान बन गए और नगर निगम ने सुविधा के नाम पर उसी टावर के पैरों के बीच से पक्की सड़क बना दी।
आज स्थिति यह है कि कॉलोनी के लोग अपनी कारें और मोटरसाइकिलें इसी हाईटेंशन पोल के नीचे से लेकर गुजरते हैं।

बारिश में बढ़ जाता है जान का जोखिम
हैरानी की बात यह है कि हाईटेंशन लाइन में हजारों वोल्ट का करंट दौड़ता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सामान्य दिनों में तो जैसे-तैसे काम चल जाता है, लेकिन बारिश के मौसम में यहां से गुजरना किसी डरावने सपने जैसा होता है।
पानी की वजह से टावर के आसपास करंट फैलने की आशंका बनी रहती है।
इसके अलावा, ऊंचे वाहनों के तार से टकराने का डर भी हमेशा बना रहता है।
हालांकि, हाइट कम होने के कारण बड़े ट्रक यहां से नहीं निकल पाते, लेकिन छोटी गाड़ियों के लिए भी यह ‘मौत का दरवाजा’ कम नहीं है।
आमजन की जान से खुला खिलवाड़ कर रही है मोहन सरकार!
राजधानी भोपाल में सड़क के बीचों-बीच लटकती विद्युत लाइनें राहगीरों की ज़िंदगी को रोज़ मौत के मुहाने पर खड़ा कर रही हैं। यह घोर प्रशासनिक विफलता है।
अफसोसजनक बात यह है कि यह सरकार अपनी जिम्मेदारियों से पूरी तरह मुंह मोड़ चुकी है। pic.twitter.com/jEcJVuWtoM
— MP Congress (@INCMP) February 11, 2026
प्रशासन की सुस्ती और बढ़ता खतरा
सोशल मीडिया पर इस ‘अजूबे’ की तस्वीरें वायरल होने के बाद बिजली विभाग और प्रशासन की नींद टूटी है।
बताया जा रहा है कि बिजली कंपनी इस टावर और लाइन को शिफ्ट करने की योजना पर काम कर रही है, लेकिन सालों बीत जाने के बाद भी यह फाइल कागजों से बाहर नहीं निकल पाई है।
भोपाल में इससे पहले ऐशबाग का 90 डिग्री वाला ब्रिज और जमीन से सटे मेट्रो स्टेशन भी सुर्खियों में रह चुके हैं, लेकिन यह सड़क लोगों की जान से सीधा खिलवाड़ है।


