Dhirendra Shastri RSS 4 Children: महाराष्ट्र के नागपुर में हाल ही में ‘भारत दुर्गा शक्ति स्थल’ के शिलान्यास का एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस कार्यक्रम की खास बात यह थी कि मंच पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी जैसे दिग्गज नेता मौजूद थे।
इसी मंच से मशहूर कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कुछ ऐसी बातें कहीं जो अब सोशल मीडिया से राजनीतिक गलियारों तक चर्चा का विषय बन गई हैं।

चार बच्चों वाला बयान और RSS का जिक्र
धीरेंद्र शास्त्री ने अपने संबोधन में जनसंख्या और राष्ट्र सेवा को जोड़ते हुए एक विवादित अपील की।
उन्होंने कहा कि सनातनियों को अब पीछे नहीं रहना चाहिए।
उन्होंने लोगों से कहा, “आप चार बच्चे पैदा करें और उनमें से एक को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को समर्पित कर दें।”
उनका तर्क था कि बच्चों को केवल परिवार के लिए नहीं, बल्कि धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए भी तैयार किया जाना चाहिए।
#WATCH | Maharashtra: At the groundbreaking ceremony of Bharatdurga Shaktisthal & Dharma Sabha in Nagpur, Bageshwar Dham Peethadhish Dhirendra Krishna Shastri says, “Whenever a disaster strikes across India, people flee for their lives, but every single worker of our Rashtriya… pic.twitter.com/pwac0z2k5t
— ANI (@ANI) April 25, 2026
उन्होंने RSS की प्रशंसा करते हुए कहा कि जब भी देश में कोई आपदा आती है, तो आम लोग अपनी जान बचाकर भागते हैं, लेकिन संघ का स्वयंसेवक वहां पहुंचकर दूसरों की जान बचाता है।
उनके इस बयान को कुछ लोग ‘देशभक्ति’ से जोड़ रहे हैं, तो वहीं विपक्षी दल और आलोचक इसे समाज में असंतुलन पैदा करने वाला बयान बता रहे हैं।

छत्रपति शिवाजी महाराज पर बड़ा दावा
धीरेंद्र शास्त्री ने मराठा साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज को लेकर भी एक दावा किया।
उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा आया था जब शिवाजी महाराज युद्धों से थक गए थे।
वे अपने गुरु समर्थ रामदास स्वामी के पास गए और उनसे कहा कि वे अब युद्ध नहीं करना चाहते और अपना मुकुट व सत्ता उन्हें सौंपना चाहते हैं।
शास्त्री के अनुसार, तब समर्थ रामदास ने उन्हें समझाया कि एक शिष्य का धर्म गुरु की आज्ञा का पालन करना है, इसलिए उन्हें सत्ता संभालनी चाहिए और धर्म की रक्षा करनी चाहिए।

हालांकि, इतिहास के जानकारों के बीच इस तरह के दावों को लेकर हमेशा अलग-अलग मत रहे हैं, जिससे इस बयान पर भी विवाद होने की संभावना है।
अखंड भारत और हिंदू राष्ट्र की संकल्पना
बागेश्वर बाबा ने एक बार फिर ‘अखंड भारत’ का राग अलापा।
उन्होंने विश्वास जताया कि मोहन भागवत के कार्यकाल में कुछ बहुत बड़ा होने वाला है और भारत जल्द ही अखंड भारत के लक्ष्य को प्राप्त करेगा।
उन्होंने कहा कि भारत एक ‘मातृप्रधान’ देश है जहां महिलाओं को पूजा जाता है, जबकि दुनिया के कई देशों में उन्हें केवल उपभोग की वस्तु समझा जाता है।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि दुनिया में कहीं ‘पाकिस्तान माता’ या ‘चीन माता’ के जयकारे नहीं लगते, सिर्फ ‘भारत माता की जय’ गूंजती है।
वंदे मातरम् और सनातन संकट
इससे पहले प्रयागराज में दिए गए अपने बयानों का जिक्र करते हुए उन्होंने दोहराया कि जो लोग ‘वंदे मातरम्’ गाने का विरोध करते हैं, उन्हें जनता को चुनाव में सबक सिखाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सनातन धर्म पर संकट है और सभी हिंदुओं को एकजुट होना अनिवार्य है।

नासिक की घटना और समाज का गुस्सा
कार्यक्रम में मौजूद गोविंददेव गिरी महाराज ने भी समाज की चुप्पी पर सवाल उठाए।
उन्होंने नासिक की एक हालिया घटना का जिक्र करते हुए कहा कि अगर ऐसी घटनाओं पर लोगों को गुस्सा नहीं आता, तो वे खुद को जीवित न समझें।
उन्होंने समाज से आह्वान किया कि शास्त्र (ज्ञान) के साथ-साथ शस्त्र (शक्ति) में भी निपुण बनना जरूरी है।
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