Prateek Yadav Death: उत्तर प्रदेश की राजनीति के सबसे कद्दावर परिवारों में से एक, ‘यादव परिवार’ से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है।
समाजवादी पार्टी के दिवंगत नेता मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव का बुधवार सुबह लखनऊ में निधन हो गया।
महज 38 वर्ष की आयु में उनके निधन की खबर ने राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर आग तरह फैल गई है।

आखिरी समय में क्या हुआ?
मिली जानकारी के अनुसार, प्रतीक यादव पिछले कुछ समय से फेफड़ों (Lungs) की बीमारी से जूझ रहे थे।
उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें लखनऊ के मेदांता अस्पताल में करीब एक सप्ताह तक भर्ती रखा गया था।
इलाज के बाद उन्हें घर लाया गया, लेकिन बुधवार सुबह करीब 6 बजे अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और वे बेहोश हो गए।

उनकी पत्नी अपर्णा यादव उस वक्त शहर में मौजूद नहीं थीं, इसलिए उनके साले अमन सिंह बिष्ट उन्हें आनन-फानन में लखनऊ के सिविल अस्पताल ले गए।
हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने पाया कि उनकी पल्स (धड़कन) गिर चुकी थी और दिल काम करना बंद कर चुका था।
डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

कौन थे प्रतीक यादव?
प्रतीक यादव, मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे।
वे अखिलेश यादव के सौतेले भाई थे।
मुलायम सिंह ने फरवरी 2007 में आधिकारिक तौर पर साधना गुप्ता को अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया था।

प्रतीक की पत्नी अपर्णा यादव भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नेता हैं और वर्तमान में उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं।
प्रतीक और अपर्णा की दो बेटियां हैं।

राजनीति से दूरी और फिटनेस से प्यार
जहाँ पूरा यादव परिवार राजनीति के केंद्र में रहा है, वहीं प्रतीक यादव ने खुद को इस चमक-धमक से दूर रखा।
उन्होंने ब्रिटेन की लीड्स यूनिवर्सिटी से MBA की डिग्री हासिल की थी।
उनके शौक और करियर के बारे में कुछ खास बातें इस प्रकार हैं:
रियल एस्टेट और बिजनेस:
प्रतीक का मुख्य पेशा रियल एस्टेट का था। वे लखनऊ में ‘द फिटनेस प्लैनेट’ नाम से एक हाई-टेक जिम भी चलाते थे।

बॉडी बिल्डिंग का जुनून:
प्रतीक किसी समय 103 किलो के हुआ करते थे, लेकिन अपनी कड़ी मेहनत से उन्होंने 67 किलो की फिट बॉडी बनाई।
साल 2012 में उन्हें ‘द इंटरनेशनल ट्रांसफॉर्मेशन ऑफ द मंथ’ के खिताब से भी नवाजा गया था।
लग्जरी कारों के शौकीन:
प्रतीक के पास कई महंगी और शानदार कारों का कलेक्शन था।
अक्सर उन्हें लखनऊ की सड़कों पर अपनी लग्जरी गाड़ियों के साथ देखा जाता था।

जानवरों से लगाव:
वे एक बड़े ‘डॉग लवर’ थे और उन्होंने जानवरों की सेवा के लिए ‘जीव आश्रय’ नाम से एक फाउंडेशन भी बनाया था।
भाई अखिलेश यादव ने जताया दुख
अपने छोटे भाई के निधन की खबर सुनकर अखिलेश यादव तुरंत पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर प्रतीक की तस्वीर साझा करते हुए पोस्ट लिखा— “प्रतीक जी का निधन अत्यंत दुखद। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे।”

निजी जीवन में उतार-चढ़ाव
प्रतीक यादव और अपर्णा यादव का प्रेम विवाह हुआ था। हालांकि, जनवरी 2026 में उनके रिश्तों में कड़वाहट की खबरें आई थीं।
प्रतीक ने सोशल मीडिया पर तलाक की बात कही थी, लेकिन कुछ ही दिनों बाद उन्होंने इसे सुलझा लिया और एक साथ तस्वीर पोस्ट कर ‘All is Good’ का संदेश दिया था।

प्रतीक यादव भले ही राजनीति में सक्रिय नहीं थे, लेकिन यादव परिवार के हर छोटे-बड़े आयोजन में उनकी उपस्थिति महत्वपूर्ण मानी जाती थी।
उनका असमय जाना परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
