Madhya Pradesh Weather: मध्य प्रदेश में एक तरफ जहां सूरज की तपिश लोगों को झुलसा रही है, वहीं दूसरी ओर अचानक हो रही बारिश और ओलावृष्टि ने लोगों को हैरान कर रखा है।
मौसम विभाग (IMD) ने ताजा चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि प्रदेश का मालवा-निमाड़ क्षेत्र अगले चार दिनों तक भीषण लू (Heat Wave) की चपेट में रहने वाला है।

मालवा-निमाड़ में गर्मी का ‘टॉर्चर‘
इंदौर और उज्जैन संभाग के 15 जिलों में से 11 जिलों में भीषण गर्मी को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।
मंगलवार को रतलाम प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां पारा रिकॉर्ड 46.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
यह तापमान इतना अधिक है कि दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।
रतलाम के बाद धार और उज्जैन में भी तापमान 44 डिग्री के पार निकल गया है।

भोपाल में बादलों का पहरा, इंदौर में कूलर वाली बारात
राजधानी भोपाल की बात करें तो यहाँ सुबह से ही बादल छाए हुए हैं, जिससे लोगों को सीधी धूप से थोड़ी राहत तो मिली है, लेकिन उमस बढ़ गई है।
वहीं, इंदौर में गर्मी का आलम यह था कि एक अनोखी बारात चर्चा का विषय बन गई।
सयाजी होटल पहुंची इस बारात में दूल्हे और बारातियों को गर्मी से बचाने के लिए 20 से ज्यादा जंबो कूलर लगाए गए थे और ऊपर से टेंट (शामियाना) तानकर बारात निकाली गई।
एक तरफ लू, दूसरी तरफ ओले
अजीब बात यह है कि जहां कई जिले लू से तप रहे हैं, वहीं निमाड़ और महाकौशल के कुछ हिस्सों में मौसम ने पलटी मारी।
मंगलवार शाम को निवाड़ी और बालाघाट में ओले गिरे, जबकि सीहोर, रायसेन और छिंदवाड़ा में तेज आंधी के साथ बारिश हुई।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) और टर्फ लाइन एक्टिव होने की वजह से मौसम में यह उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।
अगले 4 दिन कैसे रहेंगे?
बुधवार को इंदौर, उज्जैन, रतलाम, धार, खरगोन और खंडवा जैसे जिलों में पारा 45 डिग्री तक पहुंचने की उम्मीद है।
इन इलाकों में गर्म हवाएं (लू) चलेंगी।
भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में भी तापमान ऊंचा रहेगा, लेकिन यहाँ हल्के बादल छाए रहने की संभावना है।

राहत की बात यह है कि बुधवार को कहीं भी भारी बारिश या ओलावृष्टि का अलर्ट नहीं है, जिसका मतलब है कि अब गर्मी अपने तीखे तेवर दिखाएगी।
मई का अब तक का हाल
इस साल मई का महीना काफी मिला-जुला रहा है।
30 अप्रैल से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला लगातार 11 मई तक चला।
इस दौरान पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी-तूफान आया।
मई के शुरुआती 12 दिनों में से 11 दिन कहीं न कहीं पानी गिरा है, जो कि इस मौसम में काफी दुर्लभ है।
