Weathar Update: देश में भारत में अभी ‘नौतपा’ (मई के महीने में नौ दिनों की सबसे भीषण गर्मी का समय) शुरू भी नहीं हुआ है, लेकिन सूरज के तेवरों ने देशवासियों को बेहाल कर दिया है।
25 मई से नौतपा की शुरुआत होने वाली है, मगर उससे पहले ही उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में पारा 48 डिग्री को पार कर गया है।
इस रिकॉर्ड तोड़ तापमान के साथ बांदा 20 मई को पूरी दुनिया का तीसरा सबसे गर्म शहर दर्ज किया गया।
पूरी दुनिया की बात करें, तो बांदा से ज्यादा गर्मी सिर्फ मिस्र (Egypt) के असवान (49.4 डिग्री) और सऊदी अरब के अराफात (48.4 डिग्री}) में रही।
इस लिस्ट में मध्य प्रदेश का मशहूर पर्यटन स्थल खजुराहो भी पीछे नहीं रहा; वह (47.4*डिग्री} तापमान के साथ दुनिया में चौथे और भारत में दूसरे नंबर पर सबसे गर्म जगह रहा।
मध्य प्रदेश के खजुराहो में टूटा 33 साल का रिकॉर्ड
मध्य प्रदेश में गर्मी इस समय अपने चरम (Peak) पर है। खजुराहो में पिछले 33 सालों का गर्मी का रिकॉर्ड टूट गया है।
इससे पहले, यहां 29 अप्रैल 1993 को सबसे ज्यादा 46.9 डिग्री तापमान दर्ज किया गया था।
एमपी के कई शहर जैसे नौगांव, निवाड़ी, दतिया और राजगढ़ इस समय आग की भट्ठी की तरह तप रहे हैं।
बुधवार को राज्य के 16 शहरों में तापमान 44 डिग्री के पार चला गया।
देश के अन्य राज्यों का हाल भी बुरा है। बुधवार को उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, ओडिशा और महाराष्ट्र के करीब 16 शहरों में पारा 46*C के ऊपर बना रहा।
आखिर क्यों आ रही है इतनी भीषण गर्मी?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय भारत के मैदानी इलाकों में जो भयंकर गर्मी पड़ रही है, उसका सीधा कनेक्शन सरहद पार से है।
पाकिस्तान के बलूचिस्तान और थार मरुस्थल (रेगिस्तान) से बेहद सूखी और गर्म हवाएं (लू) सीधे उत्तर भारत के मैदानी इलाकों की तरफ आ रही हैं।
इसी वजह से जो गर्मी अमूमन मई के आखिरी हफ्ते या जून में पड़ती थी, वह अभी से ही लोगों को झेलनी पड़ रही है।
बांदा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिनेश ने बताया कि बांदा के सबसे ज्यादा तपने के पीछे कई स्थानीय और भौगोलिक कारण हैं:
कर्क रेखा के नजदीक होना: बांदा की भौगोलिक स्थिति कर्क रेखा के काफी पास है, जिससे यहां सूरज की किरणें बिल्कुल सीधी पड़ती हैं।
पठारी इलाका और सूखी मिट्टी: यहां की मिट्टी में नमी की भारी कमी है और यह एक पठारी क्षेत्र है जो जल्दी गर्म होता है।
पर्यावरण का नुकसान: जंगलों की अंधाधुंध कटाई, लगातार हो रहा अवैध खनन और नदियों का सूखना भी इस भयंकर तापमान के लिए जिम्मेदार है।
मौसम विभाग का ‘रेड और ऑरेंज अलर्ट’
मौसम केंद्र (IMD) भोपाल ने आने वाले दिनों के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है।
मध्य प्रदेश के 7 जिलों में ‘तीव्र लू’ (Severe Heatwave) का रेड अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में शामिल हैं:
भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना। यहां तापमान 45 डिग्री या उससे भी ऊपर रहने की आशंका है।
इसके अलावा भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, रीवा और सागर सहित करीब 19 शहरों में लू का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 4 दिनों तक यानी 23 मई तक पूरे प्रदेश को इस भीषण गर्मी से कोई राहत नहीं मिलने वाली है।
इसके तुरंत बाद नौतपा शुरू हो जाएगा, जिससे तापमान और बढ़ सकता है।
एक तरफ आग, दूसरी तरफ मानसून अटका
जहां एक तरफ उत्तर और मध्य भारत गर्मी से उबल रहा है, वहीं दूसरी तरफ मानसून की रफ्तार सुस्त पड़ गई है।
मानसून पिछले तीन दिनों से अंडमान-निकोबार और कोलंबो के पास एक ही जगह पर अटका हुआ है, क्योंकि उसे आगे बढ़ने के लिए जरूरी हवा का दबाव (Force) नहीं मिल पा रहा है।
हालांकि, मौसम विभाग का कहना है कि पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में मौसम करवट लेने वाला है।
अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भारी से भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
वहीं तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक में 24 मई तक अच्छी बारिश होने की संभावना है, जिससे वहां के लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।
अगले दो दिनों के मौसम का पूर्वानुमान
22 मई: राजस्थान, यूपी, एमपी, बिहार, दिल्ली और पंजाब सहित 10 राज्यों में हीटवेव का अलर्ट है।
हालांकि, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बारिश और ओले गिरने की संभावना है। बिहार में बारिश का ऑरेंज अलर्ट है।
23 मई: राजस्थान में रातें भी बेहद गर्म रहेंगी और वहां गंभीर हीटवेव का अलर्ट है।
इसके विपरीत असम, मेघालय, केरल और कर्नाटक में भारी बारिश की उम्मीद है।
डॉक्टरों की सलाह: प्यास न लगे, तब भी पिएं पानी
एम्स (AIIMS) दिल्ली के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. नीरज निश्चल ने इस जानलेवा गर्मी से बचने के लिए कुछ बेहद जरूरी टिप्स दिए हैं:
- सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच जब धूप सबसे तेज होती है, तब बिना जरूरी काम के घर से बाहर न निकलें।
- बच्चे, बुजुर्ग और जो लोग पहले से किसी बीमारी से पीड़ित हैं, उन्हें इस मौसम में खास ख्याल रखने की जरूरत है।
- शरीर में पानी की कमी न होने दें। भले ही आपको प्यास न लगे या गला न सूखे, फिर भी थोड़े-थोड़े अंतराल पर पानी पीते रहे। दिनभर में कम से कम 4 लीटर पानी जरूर पिएं।
- तेज धूप के दौरान कोई भी मेहनत या भारी शारीरिक काम करने से बचें। हमेशा सूती, ढीले और हल्के रंग के कपड़े पहनें ताकि शरीर का तापमान सामान्य रहे।
