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PM पर भड़के राहुल गांधी: बोले- देश में आने वाला है भयंकर ‘आर्थिक तूफान’, मोदी फिर TV पर आकर रोएंगे

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Rahul Gandhi on PM Modi: कांग्रेस  नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अपने दो दिवसीय दौरे पर उत्तर प्रदेश के रायबरेली और अमेठी पहुंचे।

लोकसभा चुनाव 2024 के बाद यह उनका सातवां रायबरेली दौरा है, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि वे 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए अभी से जमीन मजबूत करने में जुट गए हैं।

बुधवार, 20 मई 2026 को राहुल गांधी ने रायबरेली के लोधवारी गांव में आयोजित ‘बहुजन स्वाभिमान सभा’ को संबोधित किया और इसके बाद वे अमेठी के गौरीगंज में कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल हुए।

अपने इस दौरे में राहुल गांधी के तेवर बेहद आक्रामक नजर आए और उन्होंने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक हमला बोला।

‘आर्थिक तूफान’ की चेतावनी: वैश्विक संकट और घरेलू महंगाई

राहुल गांधी ने अपने भाषण में देश की जनता को आगाह करते हुए कहा कि भारत के सिर पर एक बहुत बड़ा ‘आर्थिक तूफान’ मंडरा रहा है।

उन्होंने वैश्विक हालातों का हवाला देते हुए समझाया कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण ईरान ने ‘होर्मुज स्ट्रेट’ (Hormuz Strait) को बंद कर दिया है।

इसके चलते दुनिया भर में समुद्री रास्ते से होने वाली माल की आवाजाही रुक गई है।

राहुल गांधी ने कहा कि आने वाले कुछ ही महीनों में देश के भीतर महंगाई आसमान छूने वाली है।

पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस, खाने का तेल, दाल और चावल जैसी बुनियादी चीजों के दाम बहुत ज्यादा बढ़ जाएंगे।

उन्होंने किसानों को चेतावनी दी कि आने वाले समय में उन्हें खाद (फर्टिलाइजर) की भारी किल्लत का सामना करना पड़ सकता है।

राहुल ने तंज कसते हुए कहा, “एक तरफ प्रधानमंत्री देश की जनता से कहते हैं कि सोना मत खरीदें, विदेश मत जाएं और इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदें, वहीं दूसरी तरफ वे खुद हजारों करोड़ रुपये के आलीशान निजी जहाज में बैठकर विदेशों की यात्राएं करते हैं।”

‘जैसे कोरोना काल में रोए थे, वैसे ही फिर टीवी पर आकर रोएंगे पीएम’

आर्थिक संकट पर बात करते हुए राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा निशाना साधा।

उन्होंने कहा कि जब यह आर्थिक संकट पूरी तरह से देश को अपनी चपेट में ले लेगा, तब प्रधानमंत्री मोदी जनता को इससे बचा नहीं पाएंगे।

वे अडानी और अपने अन्य अमीर मित्रों के साथ महलों में सुरक्षित बैठे रहेंगे, जबकि देश का आम नागरिक, गरीब, किसान और मजदूर परेशान होगा।

राहुल ने अतीत की घटनाओं जैसे नोटबंदी और कोविड-19 महामारी का जिक्र करते हुए कहा, “याद रखना, जैसे कोरोना और नोटबंदी के समय प्रधानमंत्री टीवी पर आकर रोए थे और कहा था कि मुझे चौराहे पर फांसी पर लटका देना, ठीक वैसे ही वे आने वाले समय में फिर से टीवी पर दिखाई देंगे। वे हाथ जोड़ेंगे, रोएंगे और कहेंगे कि इसमें मेरी कोई गलती नहीं है।”

राहुल ने साफ शब्दों में कहा कि इस आने वाले संकट के लिए सिर्फ और सिर्फ नरेंद्र मोदी, अमित शाह और RSS जिम्मेदार हैं क्योंकि इन्होंने देश की आर्थिक और संवैधानिक नींव को कमजोर कर दिया है।

RSS और भाजपा पर ‘गद्दारी’ का आरोप: संविधान की रक्षा का संकल्प

हाथ में संविधान की लाल किताब लहराते हुए राहुल गांधी ने जनसभा में मौजूद लोगों से एक बेहद गंभीर और तीखी बात कही।

उन्होंने कहा, “नारों से कुछ नहीं होने वाला है, जो कुछ भी होगा इस संविधान की रक्षा करने से होगा।”

उन्होंने जनता से अपील की कि जब भी आरएसएस के कार्यकर्ता उनके सामने आएं और मोदी-शाह की बातें करें, तो उनसे खुलकर कहें कि आपका प्रधानमंत्री, आपका गृहमंत्री और आपका संगठन गद्दार है, क्योंकि इन्होंने देश को और देश के संसाधनों को बेचने का काम किया है।

राहुल ने भावुक होते हुए कहा कि आरएसएस के लोग एक तरफ बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर और महान स्वतंत्रता सेनानी वीरा पासी जी की मूर्तियों के सामने हाथ जोड़ते हैं, लेकिन पीठ पीछे वे संविधान को फाड़कर फेंक देते हैं।

वे देश की जनता के सामने तो संविधान का सम्मान करने का नाटक करते हैं, लेकिन असल में वे इसके अधिकारों पर लगातार आक्रमण कर रहे हैं।

राहुल गांधी ने मंच से दहाड़ते हुए कहा, “आरएसएस के लोग सुन लें, उन्होंने मुझसे माफी मांगने को कहा था। मैं साफ कह रहा हूं कि मैं माफी नहीं मांगूंगा। मैं फिर खुलकर कह रहा हूं कि मोदी और अमित शाह ने संविधान को बदलकर रख दिया है।”

‘अमित शाह और मोदी ने जनता की जेब से निकाला पैसा’

राहुल गांधी ने देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं और सार्वजनिक संपत्तियों के निजीकरण का मुद्दा भी पुरजोर तरीके से उठाया।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने देश के युवाओं और गरीबों के हक को पूरी तरह छीन लिया है।

संविधान हमें नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण की गारंटी देता है, न्यायपालिका में निष्पक्ष न्याय की बात करता है और एक स्वतंत्र मीडिया की वकालत करता है, लेकिन मोदी और शाह की जोड़ी ने इन सभी संस्थाओं को पंगु बना दिया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने आम जनता की जेब से पैसा निकालकर अपने कुछ चुनिंदा उद्योगपति मित्रों के हवाले कर दिया है।

देश की बड़ी-बड़ी सार्वजनिक संपत्तियों (Public Sector Undertakings) को कौड़ियों के दाम निजी हाथों में बेच दिया गया है।

राहुल ने शिक्षा व्यवस्था पर चोट करते हुए कहा कि आज देश की बड़ी-बड़ी यूनिवर्सिटीज में आरएसएस की विचारधारा वाले वाइस चांसलर (VC) बिठा दिए गए हैं, जिन्हें न तो इतिहास (History) की समझ है और न ही भूगोल (Geography) की।

वे सिर्फ एक खास एजेंडे के तहत काम कर रहे हैं और शिक्षा के स्तर को बर्बाद कर रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि इस सरकार ने गरीबों का सहारा माने जाने वाली ‘मनरेगा’ (MGNREGA) योजना को भी लगभग बंद कर दिया है।

पीएम मोदी के इटली दौरे और रील्स पर तीखा तंज

अमेठी के गौरीगंज में कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे प्रधानमंत्री मोदी के वीडियो और इटली दौरे पर तीखा हमला बोला।

उन्होंने कहा, “एक तरफ देश के सिर पर आर्थिक तूफान खड़ा है, देश का किसान, युवा, महिलाएं, मजदूर और छोटे व्यापारी रो रहे हैं, और दूसरी तरफ हमारे प्रधानमंत्री इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी के साथ हंस-हंसकर रील बना रहे हैं, वीडियो डाल रहे हैं और भाजपा के लोग इस पर तालियां बजा रहे हैं।”

राहुल ने गुस्से में कहा, “यह देश में क्या मजाक चल रहा है? जो आर्थिक सुरक्षा की दीवार उन्हें देश के छोटे व्यापारियों और उद्योगों के लिए खड़ी करनी चाहिए थी, वो उन्होंने नहीं की। अब वे मेलोनी के साथ वीडियो बनाकर देश का ध्यान भटका रहे हैं। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि यह टॉफी बांटना और रील बनाना बंद कीजिए और देश की समस्याओं पर एक्शन लेना शुरू कीजिए।”

उन्होंने आगे कहा कि पहले देश का युवा फैक्ट्रियों में, सरकारी कंपनियों में मेहनत करता था, जो देश की असली ताकत थी। लेकिन सरकार ने उन सभी से रोजगार छीनकर उनके हाथ बांध दिए हैं।

‘अम्बानी देश का तेल बाहर सप्लाई कर रहे हैं’

प्रधानमंत्री मोदी और देश के बड़े कॉर्पोरेट घरानों के बीच के रिश्तों पर हमला जारी रखते हुए राहुल गांधी ने सीधे उद्योगपति मुकेश अंबानी का नाम लिया।

उन्होंने कहा, “आपका दोस्त अंबानी आज भी हिंदुस्तान का तेल देश से बाहर सप्लाई कर रहा है। करोड़ों-अरबों रुपये का तेल आज भी देश से बाहर भेजा जा रहा है। जबकि यह तेल हिंदुस्तान की जनता का है, हमारे लोगों का है। प्रधानमंत्री को चाहिए कि वे यह तेल बाहर भेजने के बजाय देश की जनता को सस्ते दामों पर उपलब्ध कराएं।”

’21वीं सदी के अंबेडकर और गांधी आसमान से नहीं आएंगे’

भाषण के आखिरी हिस्से में राहुल गांधी ने देश के भविष्य और बदलाव को लेकर एक बड़ा आह्वान किया।

उन्होंने मंच से कहा कि यह देश किसी एक जाति, धर्म या संगठन का नहीं है, बल्कि यह देश हर एक नागरिक का है।

बाबासाहेब अंबेडकर और महात्मा गांधी ने यही सिखाया था कि देश के हर व्यक्ति को उसकी मेहनत का सही फल मिलना चाहिए और सभी को समान अधिकार मिलने चाहिए।

राहुल ने अपील करते हुए कहा, “मैं चाहता हूं कि अब देश में 21वीं सदी के महात्मा गांधी और बाबासाहेब अंबेडकर दिखाई दें। लेकिन ये महापुरुष अब विदेश से या आसमान से नहीं आएंगे। ये आप लोगों के बीच से ही निकलेंगे। जब देश का युवा, गरीब और शोषित अपने अधिकारों के लिए खड़ा होगा, तभी इस देश का असली कल्याण होगा।”

उन्होंने जनता से अपील की कि वे मूकदर्शक न बनें और जब भी संविधान पर हमला हो, तो एकजुट होकर उसका विरोध करें।

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