Rambhadracharya vs Charandas Mahant: छत्तीसगढ़ की राजनीति में इस समय भगवान, धर्म और संतों को लेकर एक नया और बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।
सूबे के बड़े कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने देश के दो बेहद चर्चित संतों—जगद्गुरु रामभद्राचार्य और बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री—को लेकर एक विवादित बयान दे दिया है।
महंत ने इन संतों को ‘फर्जी’ और ‘ज्ञान के नाम पर ठगने वाला’ बताया है।
इस बयान के बाद छत्तीसगढ़ का सियासी और धार्मिक पारा अचानक सातवें आसमान पर पहुंच गया है।

जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने इस पर पलटवार करते हुए कांग्रेस नेता को खुली चुनौती दे डाली है।
क्या कहा था चरणदास महंत ने?
पूरा मामला छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले का है।
चिरमिरी में 17 मई से 26 मई तक जगद्गुरु रामभद्राचार्य की ‘श्रीराम कथा’ का भव्य आयोजन चल रहा है, जिसमें हजारों श्रद्धालु उमड़ रहे हैं।
इसी दौरान मनेंद्रगढ़ पहुंचे कांग्रेस नेता चरणदास महंत से जब मीडिया ने इस कथा के बारे में पूछा, तो उन्होंने साफ कह दिया कि वे रामभद्राचार्य को “जगद्गुरु” मानते ही नहीं हैं और न ही वे उनकी कथा में शामिल होने जाएंगे।

महंत यहीं नहीं रुके, उन्होंने बेहद तल्ख लहजे में आरोप लगाया कि कुछ धार्मिक गुरु आजकल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रचारक की तरह काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “ऐसे बाबा लोग जनता को बेवकूफ बना रहे हैं और अपने ज्ञान के जाल में फंसाकर लोगों को ठग रहे हैं। धीरेंद्र शास्त्री जैसे जितने भी बाबा हैं, ये सब के सब फर्जी हैं।”
महंत ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं से भी अपील की कि वे ऐसे आयोजनों और बाबाओं से दूरी बनाकर रखें।
उन्होंने कहा कि वे खुद भगवान को मानते हैं, लेकिन उनका मानना है कि भगवान किसी बाबा की कथा में नहीं बल्कि ‘कण-कण’ में मौजूद हैं।

व्यासपीठ से जगद्गुरु का करारा जवाब— ‘दम है तो आकर टेस्ट ले लो’
चरणदास महंत के इस बयान की गूंज जैसे ही चिरमिरी के लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में चल रही रामकथा तक पहुंची, जगद्गुरु रामभद्राचार्य का गुस्सा फूट पड़ा।
कथा के आखिरी दिनों में व्यासपीठ (मंच) से जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने चरणदास महंत को सीधी और खुली चुनौती दे दी।

रामभद्राचार्य जी ने कहा, “मुझे लोगों की हर बात स्वीकार है, लेकिन अगर कोई मेरे ‘जगद्गुरु’ होने की योग्यता पर उंगली उठाएगा, तो मैं इसे कभी बर्दाश्त नहीं करूंगा।
डॉ. महंत को मेरी खुली चुनौती है कि वे आएं और मेरे ज्ञान का पूरा परीक्षण (टेस्ट) कर लें। मैं हर कसौटी पर खरा उतरने के लिए तैयार हूं।”
अपनी योग्यता का प्रमाण देते हुए उन्होंने कहा कि सनातनी परंपरा में जगद्गुरु बनने के लिए तीन प्रमुख हिंदू ग्रंथों पर भाष्य (गहन व्याख्या और टीका) लिखना जरूरी होता है, जो उन्होंने किया है।

उन्होंने गर्व से कहा, “देश के सभी अखाड़े मेरा समर्थन करते हैं। मैं ऐसा जगद्गुरु नहीं हूं जिसे राह चलता कोई भी चुनौती दे दे। मैं 22 भाषाओं में बिना रुके धाराप्रवाह बोल सकता हूं।”
रामभद्राचार्य ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के नेताओं को उनकी रामकथा से ‘मिर्ची’ लग रही है।
उन्होंने साफ किया कि जो राम जी से सच्चा प्रेम करेगा, उसे मेरा आशीर्वाद हमेशा मिलता रहेगा।
अजीत जोगी की तारीफ, आज के नेताओं पर उठाए सवाल
जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने मंच से कांग्रेस की पुरानी सरकारों और आज की राजनीति पर भी तीखा हमला बोला।
उन्होंने राम जन्मभूमि आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि रामभक्तों पर लाठियां और गोलियां बरसाने वालों को आज संतों पर टिप्पणी करने का कोई हक नहीं है।
उन्होंने पूछा कि जब वे राम मंदिर के लिए जेल जा रहे थे, तब कांग्रेस के इन नेताओं ने क्या योगदान दिया था?

उन्होंने छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री स्वर्गीय अजीत जोगी को याद करते हुए कहा कि वे फिर भी बेहतर थे, लेकिन आज के कांग्रेसी नेताओं में संतों के प्रति सम्मान की भावना ही खत्म हो गई है।
उनके पास संतों से बात करने का ‘कॉमन सेंस’ (सामान्य समझ) भी नहीं बचा है।
भाजपा भी कूदी विवाद में, कहा— ‘सनातनी विरोधी है कांग्रेस’
इस बयानबाजी के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है।
भाजपा के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता और सांसद संतोष पांडेय ने कहा कि चरणदास महंत का यह बयान दिखाता है कि कांग्रेस के अंदर सनातन धर्म के प्रति कितनी नफरत भरी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल तुष्टीकरण और गांधी परिवार को खुश करने की राजनीति करती है, इसीलिए देश के करोड़ों हिंदुओं की आस्था के प्रतीक संतों को ‘फर्जी’ कह रही है।
भाजपा ने कहा कि जो लोग खुद भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाते थे, आज वे संतों को ज्ञान बांट रहे हैं, जिसे छत्तीसगढ़ की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।

बता दें कि जिस कथा को लेकर यह पूरा बवाल खड़ा हुआ है, उसमें राज्य के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल जैसी बड़ी हस्तियां भी आशीर्वाद लेने पहुंच चुकी हैं।
फिलहाल यह मामला शांत होता नहीं दिख रहा है और आने वाले दिनों में इस पर सियासत और गरमाने के आसार हैं।
#Rambhadracharya #CharandasMahant #DhirendraShastri #ChhattisgarhPolitics #BageshwarDham #SanatanDharma #CongressVsBJP #ChirmiriRamKatha
