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भोपाल के कोलार में थमा कारोबार: सीलिंग के विरोध में बंद रहे D-Mart, मेगामार्ट और शराब दुकानें, सड़कों पर उतरे व्यापारी

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Bhopal Kolar Market Closed: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र कोलार बुधवार को पूरी तरह से बंद रहा।

नगर निगम द्वारा चलाई जा रही सीलिंग की कार्रवाई से नाराज व्यापारियों ने अपनी दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रखकर विरोध दर्ज कराया।

कोलार तिराहे से लेकर गोल जोड़ तक पूरा बाजार पूरी तरह ठप्प दिखाई दिया।

आम दिनों में गुलजार रहने वाले इस इलाके में सन्नाटा पसरा रहा और खरीद-बिक्री का काम पूरी तरह थमा रहा।

बड़े शॉपिंग मॉल्स से लेकर शराब दुकानें तक बंद

कोलार व्यापारी महासंघ के आह्वान पर किए गए इस बंद का असर इतना व्यापक था कि क्षेत्र के लगभग सभी छोटे-बड़े व्यावसायिक केंद्र बंद रहे।

आमतौर पर हर स्थिति में खुले रहने वाले डी-मार्ट, वी-मार्ट और विशाल मेगामार्ट जैसे बड़े रिटेल आउटलेट्स के शटर भी गिरे रहे।

इसके अलावा मंदाकिनी चौराहा और डी-मार्ट चौराहे पर स्थित शराब दुकानें भी पूरी तरह बंद रखी गईं।

बंद को सफल बनाने के लिए महासंघ के पदाधिकारी खुद सड़कों पर उतरे और खुली दुकानों को बंद कराया।

हालांकि, आम जनता की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए मेडिकल स्टोर और पेट्रोल पंप जैसी आवश्यक सेवाओं को बंद के दायरे से बाहर रखा गया।

थाली-मंजीरा बजाकर प्रदर्शन, सड़कों पर उतरे संगठन

सीलिंग की कार्रवाई को लेकर व्यापारियों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है।

इससे पहले मंगलवार को व्यापारियों ने अनोखे अंदाज में रोशनपुरा चौराहे पर लगभग चार घंटे तक प्रदर्शन किया था, जहां उन्होंने थाली और मंजीरे बजाकर अपना विरोध जताया।

व्यापारियों का स्पष्ट कहना है कि नगर निगम की यह कार्रवाई अनुचित है और इससे कई छोटे-मंझले दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

इस आंदोलन को सामाजिक और क्षेत्रीय संगठनों का भी समर्थन मिल रहा है। करणी सेना परिवार व्यापारियों के समर्थन में मैदान में उतर आई है।

संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष चेतन सिंह राजपूत ने कहा कि बिना किसी ठोस नीति के की जा रही सीलिंग की कार्रवाई से लाखों लोग प्रभावित हो रहे हैं।

उन्होंने प्रशासन से मांग की कि नियमों का पालन कराने के साथ-साथ दुकानदारों और कर्मचारियों के हितों का भी ध्यान रखा जाए।

170 से ज्यादा प्रतिष्ठान सील, भेदभाव के आरोप

नगर निगम की ओर से लगातार तीसरे दिन भी व्यावसायिक परिसरों को सील करने की प्रक्रिया जारी रही।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार अब तक 170 से अधिक प्रतिष्ठानों को बंद या सील कराया जा चुका है।

दूसरी ओर, इस मामले को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ रहे रहवासी और याचिकाकर्ता विवेक त्रिपाठी ने नगर निगम की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

उनका आरोप है कि निगम प्रशासन सिर्फ छोटे और मध्यम स्तर के कारोबारियों को निशाना बनाकर दिखावे की कार्रवाई कर रहा है, जबकि बड़े और प्रभावशील रसूखदारों को छोड़ दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि निगम की इस पक्षपातपूर्ण कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पेश की जाएगी ताकि अदालत को जमीनी हकीकत से अवगत कराया जा सके।

बातचीत से हल निकालने की अपील

बाजार बंद रहने के कारण कोलार क्षेत्र में खरीदारी करने पहुंचे आम नागरिकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

व्यापारी संगठनों का कहना है कि वे कार्रवाई के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन जिस तरह से बिना किसी स्पष्ट विकल्प के सीलिंग की जा रही है, वह व्यापारियों को सड़क पर ले आई है।

महासंघ और क्षेत्रीय दुकानदारों ने शासन-प्रशासन से अपील की है कि सीलिंग की कार्रवाई पर तुरंत पुनर्विचार किया जाए और टेबल पर बैठकर बातचीत के जरिए इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए।

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