Eternal Dark AI app: फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो (Zomato) और क्विक-कॉमर्स सर्विस ब्लिंकइट (Blinkit) की पैरेंट कंपनी एटरनल (Eternal) अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में कदम रखने जा रही है।
कंपनी के फाउंडर और सीईओ दीपिंदर गोयल ने एक नए AI एप्लीकेशन Dark.AI की घोषणा की है।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर इस नए AI ऐप के इंटरफेस की पहली झलक भी साझा की है।

क्या खास है Dark.ai में?
मौजूदा दौर में जब लोग ChatGPT, Copilot या Gemini जैसे AI टूल्स का इस्तेमाल करते हैं, तो अक्सर उनके मन में प्राइवेसी और डेटा सिक्योरिटी को लेकर एक डर बना रहता है।
लोगों को लगता है कि उनके निजी विचार, कंपनी के सीक्रेट्स या रिसर्च डेटा बैकएंड पर पढ़े या इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
दीपिंदर गोयल के मुताबिक, Dark.ai इसी अविश्वास और डर को खत्म करने के लिए बनाया जा रहा है।
इस ऐप में यूजर बिना किसी झिझक के अपनी सीक्रेट बातें, बिजनेस आइडिया और कठिन रिसर्च सवाल शेयर कर सकेंगे।

इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें चैट कहीं भी सेव नहीं होगी और यूजर का डेटा पूरी तरह से प्राइवेट रहेगा- यहाँ तक कि ऐप बनाने वाली कंपनी भी आपकी बातचीत को नहीं पढ़ सकेगी।
एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन और यूजर के हाथ में कंट्रोल
Dark.ai को एटरनल कंपनी अपने खुद के सुरक्षित कंप्यूटर सिस्टम पर चलाएगी।
इसमें आधुनिक एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।
इसके अलावा, इसमें एक कस्टमाइज़ेबल मेमोरी सिस्टम होगा जो पूरी तरह से यूजर के नियंत्रण में रहेगा।
इसका मतलब यह है कि अगर आप चाहें तो अपनी पुरानी बातचीत को AI की यादों में सुरक्षित रख सकते हैं, और जब चाहें एक क्लिक में उसे मिटा भी सकते हैं।

किसे होगा इसका सबसे ज्यादा फायदा?
यह AI टूल खास तौर पर उन लोगों और संस्थानों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिन्हें अपने काम में गोपनीयता (Confidentiality) बनाए रखनी होती है। इनमें शामिल हैं:
* स्टार्टअप फाउंडर्स: जो अपने नए बिजनेस आइडिया और रणनीतियों पर काम कर रहे हैं।
* वैज्ञानिक और रिसर्चर्स: जिन्हें अपनी नई खोज और डेटा की सुरक्षा की चिंता होती है।
* बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियां और सरकारी दफ्तर: जो अपने गोपनीय दस्तावेजों और बातचीत को सुरक्षित रखना चाहते हैं।
दीपिंदर गोयल ने यह भी साफ किया कि यह AI उपयोगकर्ताओं को सिर्फ खुश करने के लिए मीठी या झूठी बातें नहीं करेगा, बल्कि इसे इस तरह ट्रेन किया जा रहा है कि यह पूरी तरह से तथ्यात्मक और सच जानकारी ही सामने रखे।

कब होगा लॉन्च और क्या होगी कीमत?
दीपिंदर गोयल के अनुसार, वर्तमान में एटरनल के कर्मचारी ही इस ऐप का अंदरूनी स्तर पर इस्तेमाल और टेस्टिंग कर रहे हैं।
इसे इसी साल आधिकारिक तौर पर सभी के लिए लॉन्च किया जाएगा।
हालांकि, कंपनी ने अभी तक यह साफ नहीं किया है कि Dark.ai इस्तेमाल करने के लिए मुफ्त होगा या इसके लिए कोई सब्सक्रिप्शन फीस देनी होगी।
भोजन और किराना डिलीवरी के बाद AI सॉफ्टवेयर के क्षेत्र में एटरनल का यह कदम भारतीय टेक जगत के लिए एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।
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