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त्योहारी सीजन में आम आदमी को बड़ा झटका: अमूल ने बढ़ाए घी और बटर के दाम, जानें नई कीमतें और किल्लत की वजह

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Amul ghee price hike: त्योहारों का सीजन चल रहा है और इस बीच आम आदमी की रसोई का बजट थोड़ा और बढ़ गया है।

मशहूर डेयरी ब्रांड अमूल ने अपने घी और मक्खन (बटर) की कीमतों में अचानक इजाफा कर दिया है।

अमूल ने इन उत्पादों की कीमतों में 3 रुपये से लेकर 50 रुपये तक की बढ़ोतरी की है।

क्या हैं नई कीमतें

नई कीमतों के मुताबिक, अब एक किलो घी का डिब्बा, जो पहले 630 रुपये में आता था, 680 रुपये का हो गया है।

वहीं, 100 ग्राम बटर का पैकेट अब 63 रुपये की बजाय 66 रुपये में मिलेगा।

इसके अलावा आधा किलो (500 ग्राम) प्योर घी का पाउच 325 रुपये से बढ़कर 345 रुपये का और 500 ग्राम बटर का पैकेट 310 रुपये की जगह 325 रुपये का हो गया है।

आखिर दाम क्यों बढ़े?

इसकी सबसे बड़ी वजह है नकली घी पर हुई सख्त कार्रवाई। हाल ही में गुजरात और राजस्थान में बड़े पैमाने पर मिलावटी घी पकड़ा गया था।

पिछले छह महीनों में ही इन दोनों राज्यों से करीब दो लाख किलो नकली घी जब्त किया गया है।

इस कार्रवाई के बाद लोगों में डर बैठ गया और उन्होंने खुले या अनजान ब्रांड का घी छोड़कर अमूल जैसे भरोसेमंद ब्रांड्स की तरफ रुख किया।

अमूल से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि अचानक से ब्रांडेड घी की डिमांड इतनी बढ़ गई कि सप्लाई पर भारी दबाव बन गया।

मांग बढ़ने से हुई कमी

मांग बढ़ने का असर सिर्फ कीमतों पर ही नहीं दिखा, बल्कि कई जगह इसकी कमी भी हो गई है।

गुजरात के वडोदरा और अहमदाबाद जैसे शहरों में दुकानदारों का कहना है कि घी का स्टॉक बहुत कम आ रहा है।

खासकर ‘काउ घी’ (गाय के घी) की सप्लाई गणेश उत्सव के बाद से ही प्रभावित चल रही है।

यहां तक कि कई बड़े सुपरमार्केट में भी अमूल घी और बटर के शेल्फ खाली नजर आ रहे हैं।

यह समस्या सिर्फ गुजरात की नहीं है, बल्कि कुछ महीने पहले पुणे और कोलकाता से भी सप्लाई रुकने की शिकायतें आई थीं।

त्योहारों पर किल्लत से आम आदमी परेशान

पूरे साल में बिकने वाले कुल घी का लगभग 45 प्रतिशत हिस्सा सिर्फ त्योहारी सीजन में इस्तेमाल होता है, जिससे यह किल्लत और ज्यादा महसूस हो रही है।

आपको याद होगा कि सितंबर 2025 में जब डेयरी उत्पादों पर जीएसटी (GST) 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किया गया था, तब अमूल ने अपने 700 से ज्यादा प्रोडक्ट्स सस्ते किए थे।

उस वक्त एक किलो घी 650 रुपये से गिरकर 610 रुपये और 100 ग्राम बटर 62 से 58 रुपये का हो गया था।

लेकिन अब त्योहारी सीजन में बढ़ी हुई मांग और नई कीमतों के चलते ग्राहकों को मिला वह फायदा लगभग खत्म सा हो गया है।

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