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Big Breaking: युवाओं के दबाव में झुकी सरकार! NEET विवाद के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Dharmendra Pradhan Resignation: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG में हुई गड़बड़ी और पेपर लीक विवाद के बीच एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

नीट परीक्षा में हुई धांधली को लेकर देश के युवा और छात्र संगठन पिछले 36 दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।

आंदोलनकारी छात्रों की मांग थी कि जब तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते, तब तक उनका धरना खत्म नहीं होगा।

छात्रों के नाम जारी संदेश में क्या कहा?

इस्तीफे के साथ ही एक भावुक संदेश जारी करते हुए उन्होंने कहा कि वे पिछले चार दशकों से अधिक समय से छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा व्यवस्था के सुधार के लिए काम करते आए हैं।

वे देश के युवाओं के सपनों और उनकी न्याय की मांग का पूरा सम्मान करते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि देश सेवा का मौका मिलना उनके लिए गर्व की बात रही।

3 मई की परीक्षा और उसके बाद के बड़े फैसले

अपने बयान में उन्होंने स्वीकार किया कि 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा में गंभीर अनियमितताएं पाई गई थीं।

मामला सामने आते ही सरकार ने इसे गंभीरता से लिया और जांच CBI को सौंप दी थी। इसके बाद विवादित परीक्षा को रद्द करके नए सिरे से परीक्षा की तारीख घोषित की गई थी।

भविष्य में ऐसी गड़बड़ी रोकने के लिए सरकार ने फैसला लिया है कि अगले साल से यह परीक्षा पूरी तरह से कंप्यूटर बेस्ड (CBT मोड) में आयोजित की जाएगी।

20 लाख छात्रों के भविष्य का सवाल

उन्होंने बताया कि 20 लाख से ज्यादा छात्रों का साल बर्बाद न हो, इसके लिए केंद्र और राज्य सरकारों ने मिलकर काम किया।

जिला प्रशासन, माता-पिता और छात्रों के सहयोग से 21 जून 2026 को दोबारा परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से पूरी कराई गई।

16 जुलाई को जारी नतीजों में कई गरीब और होनहार बच्चों को सफलता मिली।

उन्होंने कहा कि शुरुआत से ही उन्होंने इस पूरी घटना की नैतिक जिम्मेदारी ली और कभी पीछे नहीं हटे।

हालांकि, कुछ लोगों द्वारा इस संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति करने और छात्रों को गुमराह करने से वे काफी आहत हुए हैं।

खबर अपडेट हो रही है….

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