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सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान डेथ केस में बड़ा मोड़: बॉम्बे हाईकोर्ट ने दिए CBI जांच के आदेश

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Disha Salian Death CBI Probe: बॉम्बे हाईकोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में एक बड़ा फैसला सुनाते हुए पूरी जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने का निर्देश दिया है।

अदालत ने स्पष्ट किया है कि एजेंसी इस मामले में तुरंत नई FIR दर्ज करे और अपनी छानबीन शुरू करे।

8 जून 2020 को मुंबई के मलाड स्थित एक बहुमंजिला इमारत की 14वीं मंजिल से गिरकर 28 वर्षीय दिशा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी।

इस घटना के महज छह दिन बाद ही सुशांत सिंह राजपूत भी अपने बांद्रा स्थित घर में मृत पाए गए थे, जिसके बाद से ही दोनों मामलों के आपस में जुड़े होने की चर्चाएं तेज हो गई थीं।

फैसले के बाद भावुक हुए पिता सतीश सालियान

हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान बेहद भावुक नजर आए।

पिछले छह सालों से लगातार अपनी बेटी के लिए इंसाफ की लड़ाई लड़ रहे सतीश सालियान ने कहा कि अपनी औलाद को खोने का गम कभी कम नहीं हो सकता, लेकिन आज कोर्ट के इस फैसले से उन्हें राहत जरूर मिली है।

उन्होंने अदालत के प्रति अपना आभार व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि अब सच्चाई दुनिया के सामने आ पाएगी।

गैंगरेप और हत्या का आरोप

दिशा के परिवार का शुरुआत से ही यह गंभीर आरोप रहा है कि यह केवल एक हादसा या आत्महत्या का मामला नहीं था, बल्कि उनकी बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) के बाद उसकी हत्या की गई थी।

परिवार का यह भी कहना है कि उस समय मामले को दबाने के लिए राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भारी दबाव बनाया गया था।

सतीश सालियान ने याचिका में मांग की थी कि निष्पक्ष जांच के लिए पूरी फाइल CBI को दी जाए और इसमें शामिल सभी संदिग्धों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं।

सालियान परिवार के वकील निलेश ओझा के अनुसार, CBI सबसे पहले शिकायतकर्ता सतीश सालियान का विस्तृत बयान दर्ज करेगी और उसी आधार पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।

FIR में कई बड़े नेताओं और हस्तियों के नाम की मांग

वकील ने बताया कि अपनी शिकायत में परिवार ने तत्कालीन सरकार और पुलिस प्रशासन से जुड़े कई प्रभावशाली व्यक्तियों के नाम शामिल किए हैं, जिनमें शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे, अभिनेता सूरज पंचोली, डिनो मोरिया, तत्कालीन पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और सचिन वाजे समेत पुरानी एसआईटी (SIT) के सदस्य शामिल हैं।

वकील ने साफ किया कि CBI केवल ठोस सबूतों के आधार पर ही किसी को आरोपी बनाएगी और यदि जांच एजेंसी की अंतिम रिपोर्ट से परिवार संतुष्ट नहीं होता है, तो उनके पास अदालत में विरोध याचिका (Protest Petition) दाखिल करने का कानूनी अधिकार सुरक्षित रहेगा।

पुलिस जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर उठे सवाल

सुनवाई के दौरान बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस द्वारा अब तक की गई जांच और मेडिकल रिपोर्ट पर कई गंभीर सवाल खड़े किए।

अदालत ने टिप्पणी की कि 14वीं मंजिल जैसी ऊंचाई से गिरने के बावजूद पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में दर्ज चोटों के विवरण में कई विरोधाभास हैं।

इसके अलावा नियमों के मुताबिक दो डॉक्टरों की टीम को पोस्टमॉर्टम करना चाहिए था, जबकि यह काम सिर्फ एक डॉक्टर से कराया गया।

CCTV फुटेज, चश्मदीदों के बयान और पंचनामे की तैयारी में भी कई खामियां पाई गईं।

सबसे बड़ा सवाल यह उठाया गया कि पीड़ित परिवार द्वारा बार-बार आशंका जताए जाने के बावजूद पुलिस ने शुरुआत में आपराधिक मामला (FIR) दर्ज करने के बजाय सिर्फ एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (ADR) दर्ज करके इतिश्री क्यों कर ली थी।

पुरानी SIT की रिपोर्ट: पुलिस की थ्योरी से अलग परिवार के दावे

दूसरी ओर, मुंबई पुलिस और पूर्व में गठित एसआईटी (SIT) का रुख यह रहा है कि जांच में किसी भी तरह की आपराधिक साजिश का सबूत नहीं मिला था।

पुलिस का दावा था कि घटना की रात दिशा मानसिक तनाव में थीं और उन्होंने अत्यधिक शराब का सेवन कर रखा था।

पुलिस ने उनके मंगेतर के बयानों का हवाला देते हुए इसे आत्महत्या करार दिया था।

हालांकि, राजनीतिक गलियारों में यह मुद्दा लगातार गरमाता रहा।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं और महायुति गठबंधन ने इस मामले में महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे पर सीधे आरोप लगाए थे और लगातार निष्पक्ष CBI जांच की मांग की थी।

सुशांत सिंह राजपूत डेथ केस से कनेक्शन:

दिशा सालियान की मौत और सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु के बीच का अंतर केवल छह दिनों का था।

14 जून 2020 को 34 वर्षीय सुशांत अपने अपार्टमेंट में मृत मिले थे।

सुशांत की मौत के बाद जब CBI, ED और NCB जैसी केंद्रीय एजेंसियों ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाया, तब दिशा सालियान का मामला भी बार-बार सुर्खियों में आया।

 

हालांकि उस समय पुलिस ने दोनों घटनाओं के बीच किसी भी सीधे आपराधिक संबंध से इनकार किया था, लेकिन अब हाईकोर्ट के सख्त रुख और CBI के मैदान में उतरने के बाद 2020 के इस रहस्यमयी घटनाक्रम की परतें एक बार फिर से खुलती नजर आ रही हैं।

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