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चित्रकूट में मंदाकिनी का रौद्र रूप: रामघाट डूबा, नाव बही; MP के कई जिलों में भारी बारिश से हाहाकार

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

MP Weather Update: मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में इन दिनों मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं और निचले इलाकों में पानी भर गया है।

सबसे ज्यादा खराब स्थिति सतना और चित्रकूट क्षेत्र में देखने को मिल रही है।

चित्रकूट में बहने वाली मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से लगभग 2 मीटर ऊपर बह रही है।

नदी के तेज बहाव और बढ़ते जलस्तर की वजह से आसपास के इलाकों में हड़कंप मचा हुआ है।

बाढ़ के इस भीषण रूप के बीच चित्रकूट में एक दुखद हादसा सामने आया है। यहां मंदाकिनी नदी के तेज बहाव में एक नाविक बह गया।

घटना के समय वह मदद के लिए चिल्लाता रहा, जिसका वीडियो भी सामने आया है।

राहत और बचाव दल लगातार नाविक की तलाश में जुटा हुआ है, लेकिन अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिल सका है।

रामघाट जलमग्न, श्रद्धालुओं और व्यापारियों की बढ़ीं मुश्किलें

मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ का सबसे बड़ा असर चित्रकूट के प्रसिद्ध रामघाट पर देखने को मिल रहा है।

रामघाट स्थित करीब 400 दुकानें और 20 से 25 छोटे-बड़े होटल पूरी तरह से पानी में डूब चुके हैं।

पानी दुकानों और मकानों के अंदर तक घुस गया है, जिससे व्यापारियों का काफी नुकसान हुआ है।

प्रसिद्ध कामदगिरि परिक्रमा पथ भी पानी से लबालब भर गया है।

स्थिति यह है कि परिक्रमा करने आ रहे श्रद्धालुओं को पानी पार करने के लिए हाथ ठेलों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिसके लिए उन्हें शुल्क देना पड़ रहा है।

सतना जिले की बात करें तो यहां की सिमरावल नदी में भी जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नदी के उफान को देखते हुए प्रशासन ने आसपास के 36 गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है।

मझगवां के पालदेव क्षेत्र में भी सड़कों और घरों में पानी भर गया है। इसके अलावा, डेंगरहट-खोड़री पुल के धंसने और मझगवां-पहाड़ीखेड़ा मार्ग के बंद होने से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है।

प्रशासन की सतर्कता और मैहर में स्कूलों की छुट्टी

हालातों की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। चित्रकूट में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने के लिए कलेक्टर सतीश कुमार एस. ने खुद मोर्चा संभाला।

उन्होंने राहत शिविरों, भोजन व्यवस्था और पीने के साफ पानी के इंतजामों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए।

राहत की बात यह है कि बारिश रुकने के बाद मंदाकिनी के जलस्तर में मामूली कमी दर्ज की गई है, हालांकि बहाव अब भी बेहद तेज है।

वहीं, मैहर जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने सुरक्षा के लिहाज से 1 सितंबर को जिले के सभी शासकीय और अशासकीय शैक्षणिक संस्थानों (नर्सरी से 12वीं तक) में छुट्टी घोषित कर दी।

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे उफनते नदी-नालों और पुल-पुलियों से दूर रहें।

खजुराहो में रानेह फॉल्स बना आकर्षण का केंद्र

एक तरफ जहां बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है, वहीं खजुराहो के प्रसिद्ध रानेह फॉल्स से खूबसूरत तस्वीरें सामने आ रही हैं।

तेज बारिश के कारण रानेह फॉल्स में पानी का बहाव इतना बढ़ गया है कि यह ‘मिनी नियाग्रा फॉल्स’ जैसा नजर आ रहा है।

बहते पानी और रंग-बिरंगी क्रिस्टल चट्टानों का नजारा देखने के लिए पर्यटक पहुंच रहे हैं, हालांकि सुरक्षाबल लोगों को बहाव के करीब जाने से रोक रहे हैं।

अगले 4 दिनों का मौसम पूर्वानुमान

मौसम केंद्र (IMD) भोपाल के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) और मानसून ट्रफ की वजह से राज्य में बारिश का यह दौर अभी बना रहेगा।

* अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट: उमरिया और बालाघाट।

 * भारी बारिश का अलर्ट: सतना, मैहर, पन्ना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, कटनी, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, जबलपुर, मंडला, सिवनी और छिंदवाड़ा।

 * हल्की से मध्यम बारिश: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, सागर, जबलपुर और नर्मदापुरम संभाग के कई जिले।

मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक औसतन 27.7 इंच (लगभग 74%) बारिश हो चुकी है।

मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले 4 दिनों की बारिश से प्रदेश का औसत कोटा (37.3 इंच) आसानी से पूरा हो सकता है।

देश के अन्य राज्यों का हाल

बारिश का यह दौर केवल मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं है:

* उत्तर प्रदेश: चित्रकूट के उत्तर प्रदेश वाले हिस्से में बाढ़ के कारण 80 से ज्यादा कच्चे मकान गिर गए हैं।

* उत्तराखंड: देहरादून में बरसाती नदी में कार बहने से 2 लोगों की जान चली गई, जबकि अल्मोड़ा में भूस्खलन के कारण एक घर में मलबा घुसने से 3 लोगों की मौत हो गई। हालांकि, केदार घाटी में मौसम सुधरने के बाद केदारनाथ यात्रा दोबारा शुरू कर दी गई है।

* बिहार: जहानाबाद की दरधा नदी उफान पर है और जाफरगंज पुल के ऊपर पानी बह रहा है, जिससे यातायात बाधित है।

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