Homeलाइफस्टाइलSeptember Festival: जन्माष्टमी, हरतालिका तीज से गणेश उत्सव तक, जानें सितंबर महीने...

September Festival: जन्माष्टमी, हरतालिका तीज से गणेश उत्सव तक, जानें सितंबर महीने के सभी व्रत-त्योहारों के बारे में

और पढ़ें

Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

September 2026 Vrat Tyohar: सितंबर 2026 का महीना धार्मिक, आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से बहुत ही खास और फलदायी रहने वाला है।

हिंदू पंचांग के अनुसार, यह महीना भाद्रपद और आश्विन मास का पवित्र संगम है।

इस पूरे महीने देश के कोने-कोने में भक्ति, उमंग और उत्सव का माहौल देखने को मिलेगा।

सितंबर की शुरुआत भगवान श्री कृष्ण के बाल स्वरूप यानी बाल-गोपाल के जन्मोत्सव के साथ होगी, जिसके बाद घर-घर में प्रथम पूज्य विघ्नहर्ता भगवान गणेश का आगमन होगा।

lord ganesh, ganesh bhog, ganesh Priya bhog, laddu, ganesh chaturthi par kya bhog lagana chahiye, Ganesh Chaturthi 2025, Ganesh Chaturthi Bhog, Modak, Motichoor Ladoo, Bappa Prasad, Ganesh Chaturthi Puja Vidhi, Modak Recipe, Ganesh Chaturthi Prasad, Ganeshotsav 2025, What to offer to Ganesh Ji, Panchamrit,

इसके अलावा, शादीशुदा महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला हरतालिका तीज का व्रत रखेंगी, तो वहीं माताएं अपनी संतान की अच्छी सेहत और खुशहाली के लिए हल षष्ठी और बछ बारस का व्रत करेंगी।

जैन धर्म का सबसे पवित्र ‘पर्युषण पर्व’ और शिल्पकारों के देवता भगवान विश्वकर्मा की पूजा भी इसी महीने धूमधाम से की जाएगी।

महीने के अंत में पूर्वजों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का समय यानी ‘पितृपक्ष’ शुरू होगा।

आइए, सितंबर 2026 में आने वाले सभी प्रमुख व्रत, त्योहारों और ग्रहों के बदलाव (ग्रह गोचर) के बारे में विस्तार से जानते हैं।

Jyeshtha Month 2026, Jyeshtha Adhik Maas 2026, May 2026 Vrat Tyohar List, Bada Mangal 2026, Shani Jayanti 2026, Vat Savitri Vrat 2026, Ganga Dussehra 2026, Hindu Calendar May 2026, Religion News, Adhik Maas

सितंबर 2026: प्रमुख व्रत और त्योहारों की पूरी सूची

2 सितंबर (बुधवार): हल षष्ठी एवं रांधण छठ

संतान की लंबी उम्र और कल्याण के लिए माताएं हल षष्ठी (ललही छठ) का व्रत रखती हैं। इस दिन बिना हल जुते अनाज का सेवन किया जाता है।

वहीं गुजरात में रांधण छठ के दिन शीतला माता के लिए ठंडा भोजन तैयार करने की परंपरा है।

3 सितंबर (गुरुवार): शीतला सातम

इस दिन शीतला माता की बासोड़ा पूजा की जाती है। श्रद्धालु एक दिन पहले बना बासी या ठंडा खाना माता को भोग लगाते हैं। मान्यता है कि इससे शरीर निरोगी रहता है।

4 सितंबर (शुक्रवार): श्री कृष्ण जन्माष्टमी

भाद्रपद माह की अष्टमी तिथि को भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव पूरे देश में हरषोल्लास के साथ मनाया जाएगा।

इस दिन भक्त दिनभर उपवास रखते हैं और रात 12 बजे कान्हा के जन्म के बाद व्रत खोलते हैं।

5 सितंबर (शनिवार): दही हांडी एवं गोगा नवमी

जन्माष्टमी के अगले दिन युवाओं की टोलियां माखन चोरी की लीला को याद करते हुए दही हांडी फोड़ती हैं। इसी दिन गोगा देव की पूजा का विधान भी है।

7 सितंबर (सोमवार): बछ बारस और अजा एकादशी

बछ बारस पर गाय और बछड़े की पूजा करके संतान की समृद्धि की प्रार्थना की जाती है। वहीं अजा एकादशी का व्रत करने से अनजाने में हुए पापों का नाश होता है।

8 सितंबर (मंगलवार): पर्युषण पर्व आरंभ एवं भौम प्रदोष

जैन समाज का सबसे बड़ा धार्मिक पर्व ‘पर्युषण’ आज से शुरू होगा, जिसमें उपवास और आत्म-शुद्धि पर जोर दिया जाता है।

साथ ही भगवान शिव की कृपा पाने के लिए भौम प्रदोष का व्रत रखा जाएगा।

9 सितंबर को मासिक शिवरात्रि का व्रत रहेगा।

10 और 11 सितंबर को भाद्रपद अमावस्या मनाई जाएगी।

इसी दौरान महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में किसानों का मुख्य त्योहार ‘पोला’ मनाया जाता है, जिसमें बैलों की विशेष पूजा होती है।

13 सितंबर (रविवार): वराह जयंती

भगवान विष्णु के तीसरे अवतार ‘श्री वराह देव’ की पूजा इस दिन की जाएगी। उन्होंने जल में डूबी पृथ्वी का उद्धार किया था।

14 सितंबर (सोमवार): हरतालिका तीज एवं गणेश उत्सव की शुरुआत

यह दिन बेहद महत्वपूर्ण है। सुहागिन महिलाएं शिव-पार्वती की पूजा कर पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखेंगी।

Hartalika Teej Mehndi, Hartalika Teej significance, Teej Puja vidhi, nirjala vrat, Karva Chauth 2025, four prahar puja, Hartalika Teej, Hartalika Teej katha, Hartalika Teej Puja, Hartalika Teej Puja Muhurta, Hartalika Teej katha, Hartalika Teej Vrat, Happy Hartalika Teej, hartalika vrat, Karva Chauth, religion news, Shiv Parvati, When is Hartalika Teej, Special Story

इसी दिन रिद्धि-सिद्धि के दाता गणपति बप्पा का घर-घर में आगमन होगा और 10 दिवसीय गणेशोत्सव शुरू होगा।

15 सितंबर (मंगलावर): ऋषि पंचमी

सप्तऋषियों के पूजन और स्मरण का यह पावन दिन है। महिलाएं जाने-अनजाने में हुई भूल-चूक की माफी के लिए नदियां-तालाबों में स्नान कर यह व्रत रखती हैं।

17 सितंबर (गुरुवार): विश्वकर्मा पूजा

सृष्टि के प्रथम शिल्पकार और वास्तुकार भगवान विश्वकर्मा की पूजा इस दिन होगी। दुकानों, फैक्ट्रियों और मशीनों की विशेष सफाई और पूजन किया जाता है।

19 सितंबर (शनिवार): राधा अष्टमी और महालक्ष्मी व्रत की शुरुआत

बरसाने की लाडली श्री राधा रानी का जन्मोत्सव मनाया जाएगा।

इसी दिन से धन-धान्य की प्राप्ति के लिए 16 दिनों तक चलने वाला महालक्ष्मी व्रत भी शुरू होगा।

22 सितंबर (मंगलवार): परिवर्तिनी (जलझूलनी) एकादशी

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चातुर्मास के दौरान भगवान विष्णु योगनिद्रा में रहते हुए इस दिन अपनी करवट बदलते हैं, इसलिए इसे परिवर्तिनी एकादशी कहते हैं।

23 सितंबर (बुधवार): वामन जयंती

भगवान विष्णु के पांचवें अवतार ‘वामन देव’ की पूजा-अर्चना और दान-पुण्य करने का यह विशेष दिन है।

24 सितंबर (गुरुवार): गुरु प्रदोष व्रत

गुरुवार को पड़ने वाला प्रदोष व्रत अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन महादेव और माता पार्वती की पूजा से मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

25 सितंबर (शुक्रवार): अनंत चतुर्दशी एवं गणेश विसर्जन

10 दिनों तक चलने वाले गणेशोत्सव का समापन होगा।

बप्पा की प्रतिमा का विसर्जन कर उन्हें अगले साल जल्दी आने का न्योता दिया जाएगा। इस दिन हाथ में अनंत धागा भी बांधा जाता है।

26 सितंबर (शनिवार): पूर्णिमा श्राद्ध

भाद्रपद पूर्णिमा पर पूर्वजों और ऋषि-मुनियों के नाम तर्पण किया जाता है।

27 सितंबर: पितृपक्ष (श्राद्ध) की शुरुआत

27 सितंबर से आश्विन माह के ‘पितृपक्ष’ की शुरुआत हो जाएगी।

इस दौरान प्रतिपदा तिथि से लेकर पंचमी तिथि तक लोग अपने दिवंगत पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान, श्राद्ध और तर्पण करेंगे।

Pitru Paksha, feeding crow, Pitru Paksha katha, crow in Shraddha, Shri Ram and crow, mportance of crow, food of ancestors, crow feeding in shraddh, Pitru Paksha story in Hindi, Pitru Paksha 2025, कौआ को भोजन, पितृ पक्ष कथा, श्राद्ध में कौवा, श्रीराम और कौआ, कौए का महत्व, पितरों का भोजन, ram boon crow

सितंबर 2026 में 4 बड़े ग्रहों का चाल बदलना (ग्रह गोचर)

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सितंबर 2026 का महीना ग्रहों की चाल के लिहाज से बेहद खास रहने वाला है।

इस महीने 4 प्रमुख ग्रह अपनी राशि बदलेंगे, जिससे कई दुर्लभ और शुभ ‘राजयोग’ का निर्माण होगा:

* 2 सितंबर (शुक्र गोचर): शुक्र ग्रह अपनी स्वराशि तुला में प्रवेश करेंगे, जिससे अत्यंत शुभ ‘मालव्य राजयोग’ बनेगा।

 * 7 सितंबर (बुध गोचर): बुध अपनी उच्च राशि कन्या में प्रवेश करेंगे, जिससे ‘भद्र राजयोग’ का निर्माण होगा।

 * 17 सितंबर (सूर्य गोचर): सूर्य देव कन्या राशि में प्रवेश करेंगे और वहां पहले से मौजूद बुध के साथ मिलकर ‘बुधादित्य राजयोग’ बनाएंगे।

 * 18 सितंबर (मंगल गोचर): मंगल ग्रह कर्क राशि में प्रवेश करेंगे।

 * 26 सितंबर (बुध गोचर): बुध तुला राशि में जाकर शुक्र के साथ युति बनाएंगे, जिससे ‘लक्ष्मी नारायण राजयोग’ बनेगा।

Chandra Grahan 2026, Blood Moon 3 March, Lunar Eclipse in MP, Chandra Grahan Timing MP, सूतक काल 2026, चंद्र ग्रहण का समय, ज्योतिष उपाय चंद्र ग्रहण, Blood Moon Astrology Effects

आपकी राशि और जीवन पर प्रभाव:

* धन-दौलत और आर्थिक लाभ: मालव्य और लक्ष्मी नारायण राजयोग के प्रभाव से वृषभ, मिथुन, तुला और कर्क राशि के लोगों को अचानक धन लाभ होगा और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

 * करियर और बिजनेस में तरक्की: भद्र और बुधादित्य राजयोग के कारण नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन मिलने के योग हैं और कारोबारियों को नई डील्स से बड़ा मुनाफा मिलेगा।

कुल मिलाकर सितंबर 2026 का महीना भक्ति, उपवास, त्यौहारों की रौनक और ग्रह-नक्षत्रों के शुभ संयोग से भरा रहेगा, जो हर घर में खुशहाली और सकारात्मक ऊर्जा लेकर आएगा।

#September2026Festivals #FestivalCalendar2026 #Janmashtami2026 #GaneshUtsav2026 #HartalikaTeej #PitruPaksha2026 #GrahGochar2026 #HinduCalendar

- Advertisement -spot_img