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सिर्फ लाखों रुपए ही नहीं 5 करोड़ की सोने की रामचरितमानस भी गायब, राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद के बीच पूर्व IAS का बड़ा दावा

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Gold Ramcharitmanas theft: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे और दान की चोरी को लेकर चल रहे विवाद के बीच एक नया खुलासा हुआ है।

इस पूरे मामले में एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा दावा सामने आया है।

देश के पूर्व केंद्रीय गृह सचिव (IAS) लक्ष्मी नारायण ने आरोप लगाया है कि राम मंदिर ट्रस्ट को दान में दी गई उनकी सोने से मढ़ी ‘रामचरितमानस’ गायब हो गई है।

उन्होंने बताया कि इस बहुमूल्य रामायण को बनाने में लगभग 5 करोड़ रुपए की लागत आई थी, लेकिन मंदिर ट्रस्ट की ओर से आज तक उन्हें इसकी कोई रसीद (Receipt) भी नहीं दी गई।

पूर्व IAS अधिकारी ने मीडिया से बातचीत करते हुए अपना दर्द बयां किया।

उन्होंने कहा कि 8 अप्रैल 2024 को चैत्र नवरात्रि के पहले पवित्र दिन पर उन्होंने सवा क्विंटल (लगभग 155 किलोग्राम) वजन वाली यह रामचरितमानस राम मंदिर ट्रस्ट को सौंपी थी।

लेकिन इसके महज 3 से 4 महीने बाद ही जब उनके कुछ रिश्तेदार रामलला के दर्शन करने अयोध्या पहुंचे, तो उन्हें वहां वह रामचरितमानस कहीं दिखाई नहीं दी।

चंपत राय ने कराया 9 घंटे इंतजार, बोले- ‘जो मैं चाहूंगा, वही होगा’

लक्ष्मी नारायण ने बताया कि जब उन्हें रामचरितमानस के गायब होने का पता चला, तो वह खुद सच्चाई जानने अयोध्या पहुंचे।

वहां राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने उन्हें करीब 9 घंटे तक इंतजार कराया।

पूर्व आईएएस ने कहा, “मैंने चंपत राय जी के सामने हाथ जोड़े और कहा कि यह मेरी पूरी जिंदगी की कमाई है। मैंने अपनी मां के सारे गहने इस रामचरितमानस को बनवाने में लगा दिए हैं, कृपया इसे मंदिर में रखवा दीजिए।”

इस पर चंपत राय का रवैया बेहद उदासीन रहा। उन्होंने कहा, “मेरे पास हर रोज कई लोग आभूषण और कीमती चीजें लेकर आते हैं। क्या मैं यहाँ सिर्फ इन सब चीजों को दिखाने (Display) के लिए बैठा हूँ?”

 

लक्ष्मी नारायण के अनुसार, चंपत राय ने उनसे साफ कह दिया कि ‘जो मैं चाहूंगा, वही होगा। अब आप जाइए, जिसे जो करना है करे।’

इसके बाद पूर्व आईएएस ने मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा और ट्रस्ट के सदस्य गोपाल राव से भी गुहार लगाई।

उन्होंने चंपत राय को 50 से ज्यादा वॉट्सऐप मैसेज भेजे और 10-12 चिट्ठियां लिखीं, लेकिन कहीं से कोई मदद नहीं मिली।

यूपी सरकार के एक सलाहकार ने तो उन्हें यहाँ तक कह दिया कि ‘अब आपने दान दे दिया है, तो इसे भूल जाइए।’

जब लक्ष्मी नारायण ने अखबारों में राम मंदिर में वित्तीय गड़बड़ियों की खबरें देखीं, तो उन्होंने एक बार फिर अपनी आवाज उठाने का फैसला किया।

क्या है इस 5 करोड़ की रामचरितमानस की खासियत?

यह रामचरितमानस कोई साधारण पुस्तक नहीं है। इसे बेहद खास तरीके से तैयार किया गया है:

  • कुल पन्ने और वजन: इस रामचरितमानस में कुल 1000 पन्ने हैं और इसका कुल वजन 155 किलोग्राम है।
  • सोने-तांबे का इस्तेमाल: इसे बनाने में 4 किलोग्राम शुद्ध 24 कैरेट सोना और 151 किलोग्राम तांबे का उपयोग किया गया है। पुस्तक के हर पन्ने पर सोने की परत चढ़ाई गई है।
  • सेंगोल बनाने वालों ने किया तैयार: इस आलीशान रामायण को चेन्नई के प्रसिद्ध ‘वुम्मिदी बंगारू ज्वैलर्स’ ने 3 महीने की कड़ी मेहनत से तैयार किया है। यह वही कंपनी है जिसने नए संसद भवन में स्थापितसेंगोल’ (राजदंड) को बनाया था।

चंपत राय के इस्तीफे पर आज फैसला

राम मंदिर में हुए इस कथित घोटाले और चढ़ावा चोरी के बाद राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में बड़ा हड़कंप मचा हुआ है।

ट्रस्ट की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है, जिसके एजेंडे में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और न्यासी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर अंतिम फैसला लिया जाना शामिल है।

इसके अलावा, इस बैठक में स्पेशल टास्क फोर्स (SIT) की शुरुआती जांच रिपोर्ट पर भी चर्चा होगी।

शंकराचार्य का तीखा हमला

इस पूरे मामले पर ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है।

उन्होंने उत्तर प्रदेश के लखीमपुर-खीरी में मीडिया से बात करते हुए कहा, “क्या इतने बड़े भगवान के दरबार में चोरी करने के बाद सिर्फ इस्तीफा दे देने से माफी मिल जाएगी? यह कैसा नाटक है? अगर सरकार ने इन लोगों को जेल नहीं भेजा और कड़ी सजा नहीं दी, तो जनता इन्हें बीच रास्ते पर पीटेगी।”

शंकराचार्य ने आगे कहा कि ये लोग ‘नकली हिंदू’ हैं जो सिर्फ हिंदुओं की भावनाओं पर कब्जा करके आए थे। इन्होंने न तो गाय की रक्षा की, न गंगा की और न ही मंदिरों की।

Avimukteshwaranand vs Prayagraj Administration, Shankaracharya Padvi Vivad

छोटे कर्मचारियों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग सिर्फ नोट सीधे करके उन पर रबर बैंड लगाते हैं, उनकी इतनी हिम्मत नहीं कि वे अकेले चोरी कर सकें। जब तक ऊपर के अधिकारियों का हाथ न हो, ऐसी चोरी मुमकिन नहीं है।

फ्लाइट में आरोपी को देखकर भड़के लोग

इस विवाद के बीच 2 जुलाई 2026 को राम मंदिर निर्माण के प्रभारी और मामले के आरोपी गोपाल राव जब लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट से बेंगलुरु जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट (6E0231) में सवार हुए, तो सह-यात्री उन्हें देखकर भड़क गए।

फ्लाइट के अंदर ही यात्रियों ने उनके खिलाफ ‘चंदा चोर’ और ‘चढ़ावा चोर’ के नारे लगाने शुरू कर दिए, जिसके बाद केबिन क्रू को बीच-बचाव करना पड़ा।

RSS ने पहली बार तोड़ी चुप्पी

दूसरी तरफ, इस पूरे विवाद पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने पहली बार अपनी आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है।

RSS के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा, “रामलला के दानपात्रों से राशि की चोरी होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। इससे करोड़ों रामभक्तों की आस्था को ठेस पहुंची है। एसआईटी (SIT) की जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसे कठोर से कठोर सजा मिलनी चाहिए।”

इस बीच राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दो पन्नों का पत्र लिखकर इस पूरे मामले की स्वतंत्र और फोरेंसिक जांच (Forensic Investigation) कराने की मांग की है।

वहीं, अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) ने मामले के मुख्य आरोपियों लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा के अवैध रूप से बने नए मकानों पर बुलडोजर चलाने के लिए नोटिस जारी कर दिया है।

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