Bhopal Bada Talab Shikara भोपाल की पहचान बड़े तालाब (भोज वेटलैंड) अब श्रीनगर की डल झील जैसा अनुभव देने के लिए तैयार है।
मध्य प्रदेश पर्यटन निगम ने बड़े तालाब में बुधवार को एक साथ 20 शिकारे लॉन्च कर दिए हैं।
इन शिकारों का उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हरी झंडी दिखाकर किया।
इस मौके पर सीएम यादव खुद शिकारे में बैठकर सैर करने के साथ-साथ फ्लोटिंग मार्केट से साड़ी और जैकेट भी खरीदी।
#WATCH | Bhopal: Madhya Pradesh CM Mohan Yadav says,” ‘Shikara’ boats, on the lines of Dal Lake, have been introduced at Bada Talab here. A market on boats is also introduced today.” pic.twitter.com/9PcbrMvJIL
— ANI (@ANI) December 4, 2025
पर्यटन को नई दिशा: भोपाल में डल झील जैसा अनुभव
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस परियोजना का शुभारंभ करते हुए कहा कि इन शिकारों को कश्मीर की डल झील के मॉडल पर तैयार किया गया है।
इसका उद्देश्य भोपाल में वाटर टूरिज्म को बढ़ावा देना और स्थानीय उत्पादों को एक नया बाजार उपलब्ध कराना है।
उन्होंने शिकारों में पर्यटकों के लिए बनाई गई विभिन्न सुविधाओं की सराहना भी की।
कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, राज्य बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
हालांकि, सरकार द्वारा सभी विधायकों को आमंत्रित किए जाने के बावजूद कांग्रेस से केवल नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ही इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
आज भोपाल स्थित बोट क्लब, बड़ी झील पर जल पर्यटन की 20 शिकारा नावों के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल हुआ।
इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री डॉ. @DrMohanYadav51, विधानसभा अध्यक्ष श्री @nstomar, पर्यटन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी सहित विधायक श्री दिनेश जैन, श्री… pic.twitter.com/uXOLgBy9ie
— Umang Singhar (@UmangSinghar) December 4, 2025
पर्यटन के अब नए केंद्र के रूप में उभरेगी मध्यप्रदेश की राजधानी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने #भोपाल को दी #शिकारा की सौगात
बोट क्लब पर आने वाले लोग होंगे और अधिक रोमांचित@DrMohanYadav51 @MPTourism #CMMadhyaPradesh #CMUpdate pic.twitter.com/nl5bwx3SaM— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) December 4, 2025
क्या है शिकारे की सवारी का किराया और अनुभव?
अब आम पर्यटक भी इन रंग-बिरंगे शिकारों की सवारी का लुत्फ उठा सकेंगे।
हर शिकारे में 4 से 6 लोग एक साथ बैठ सकते हैं।
20 मिनट की सैर के लिए 4 लोगों का किराया 300 रुपये जबकि 6 लोगों का किराया 450 रुपये रखा गया है।
यह सेवा सुबह 9 बजे से सूर्यास्त तक उपलब्ध रहेगी।
“मध्यप्रदेश वन्य संपदा, धार्मिक पर्यटन और देवस्थानों के साथ अब वॉटर टूरिज्म में भी नए आयाम स्थापित करेगा’@DrMohanYadav51 @tourismdeptmp @MPTourism@MP_DSYW #CMMadhyaPradesh pic.twitter.com/GcMbRMoTQ0
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सैर के दौरान नाविक पर्यटकों को बड़े तालाब और भोपाल की ऐतिहासिक विरासत के बारे में जानकारी भी देंगे।
इसके अलावा, शिकारे की सवारी को और भी यादगार बनाने के लिए बर्ड वॉचिंग के लिए दूरबीन, हैंडीक्राफ्ट उत्पादों की बिक्री, ऑर्गेनिक सब्जियों व फलों के स्टॉल और स्थानीय व्यंजनों जैसे पोहा-समोसे की व्यवस्था भी की गई है।
मुख्यमंत्री ने भी सैर के दौरान शिकारा-बोट रेस्तरां से चाय-नाश्ता किया और फ्लोटिंग मार्केट से खरीदारी की।
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में पर्यटकों का लगातार आवागमन रहता है। आज बोट क्लब पर शिकारा नौकाओं का शुभारंभ किया गया है, जिससे जल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे : CM@DrMohanYadav51 @tourismdeptmp@MPTourism @MP_DSYW#CMMadhyaPradesh pic.twitter.com/6zFyP11Fkj
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पर्यावरण के अनुकूल तकनीक से निर्मित हैं शिकारे
एक बड़ी बात यह है कि इन सभी 20 शिकारों का निर्माण प्रदूषण रहित और आधुनिक तकनीक से किया गया है।
इन्हें ‘फाइबर रीइन्फोर्स्ड पॉलीयूरिथेन’ (FRP) और उच्च गुणवत्ता वाली नॉन-रिएक्टिव सामग्री से बनाया गया है, जो पानी के साथ कोई रासायनिक प्रतिक्रिया नहीं करती।
इससे तालाब का पारिस्थितिकी तंत्र और पानी की शुद्धता सुरक्षित रहेगी।
इन शिकारों को एक अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संस्था ने तैयार किया है, जिसने केरल, बंगाल और असम में भी ऐसे ही शिकारे बनाए हैं।
भोपाल के सबसे सुंदर बड़े तालाब पर शिकारा नावों का शुभारंभ हुआ है, इससे यहां के पर्यटन को नया आयाम मिलेगा : CM@DrMohanYadav51 @tourismdeptmp@MPTourism #CMMadhyaPradesh pic.twitter.com/al5tDVAbbL
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एनजीटी के आदेश के बाद क्रूज का विकल्प बने शिकारे
इन शिकारों के लॉन्च का एक महत्वपूर्ण पृष्ठभूमि यह है कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने करीब 10 महीने पहले बड़े तालाब सहित प्रदेश की सभी जल निकायों में डीजल/मोटर से चलने वाले क्रूज और मोटर बोट पर रोक लगा दी थी।
एनजीटी ने इनसे होने वाले प्रदूषण और जलीय जीवन व मनुष्यों के लिए खतरे को देखते हुए यह आदेश दिया था।
इसके चलते बड़े तालाब में चलने वाली ‘लेक प्रिंसेज’ क्रूज और ‘जलपरी’ मोटरबोट बंद हो गई थीं, जिससे पर्यटकों की संख्या में कमी आ गई थी।
अब इन पर्यावरण-हितैषी शिकारों के चलने से न सिर्फ पर्यटकों को फिर से आकर्षित करने की उम्मीद है, बल्कि तालाब का पारिस्थितिकी संतुलन भी बना रहेगा।
झीलों की नगरी को मिली “शिकारा” की सौगात
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज भोपाल के बोट क्लब पर शिकारा नावों का शुभारंभ हरी झंडी दिखाकर किया।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष श्री @nstomar , हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष श्री हरविंदर कल्याण, कैबिनेट मंत्री श्री @KailashOnline, नेता… pic.twitter.com/VYgqsLM9ig
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यह परियोजना भोपाल को एक वाटर-टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
