Bhopal New Collectorate Building: भोपाल की प्रशासनिक कार्यप्रणाली में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है।
अब राजधानी के निवासियों को अपने जाति प्रमाण पत्र, जमीन के कागजात या पुलिस संबंधी कार्यों के लिए शहर के अलग-अलग कोनों में भटकने की जरूरत नहीं होगी।
राज्य सरकार ने 283 करोड़ रुपये की लागत से एक भव्य 7 मंजिला हाईटेक प्रशासनिक कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना को हरी झंडी दे दी है।
यह परिसर कोहेफिजा क्षेत्र में पुराने सचिवालय की 4.10 हेक्टेयर भूमि पर आकार लेगा।

क्यों पड़ रही है इस भव्य कॉम्प्लेक्स की जरूरत?
वर्तमान में भोपाल का कलेक्ट्रेट, कमिश्नर ऑफिस और आईजी ऑफिस अलग-अलग इमारतों में संचालित होते हैं।
इनमें से कई इमारतें दशकों पुरानी हो चुकी हैं और वहां पार्किंग से लेकर बैठने तक की उचित व्यवस्था नहीं है।
आम जनता को एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर जाने में समय और पैसा दोनों खर्च करना पड़ता है।
मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड के ‘रिडेवलपमेंट प्लान’ के तहत इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला गया है।
इस योजना के तहत पुराने और जर्जर हो चुके भवनों को तोड़कर एक आधुनिक ‘स्मार्ट बिल्डिंग’ बनाई जाएगी।

कैसा होगा यह 7 मंजिला हाईटेक भवन?
यह केवल एक सरकारी इमारत नहीं, बल्कि आधुनिक इंजीनियरिंग का नमूना होगा।
इसमें कलेक्ट्रेट, संभागायुक्त कार्यालय और आईजी ऑफिस (शहर व देहात) सहित दर्जनों महत्वपूर्ण विभाग एक साथ काम करेंगे।
फ्लोर-वार व्यवस्था कुछ इस तरह होगी:
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ग्राउंड फ्लोर: यहां एसडीएम बैरागढ़ (संत हिरदाराम नगर), एसडीएम सिटी और आईजी ऑफिस के प्रवेश द्वार होंगे। आम जनता के लिए एक कॉमन एंट्री पॉइंट बनाया गया है ताकि किसी को भटकना न पड़े।
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पहला फ्लोर (जनसुविधा केंद्र): इसे पूरी तरह जनता के लिए बनाया जाएगा। यहां जनसुनवाई, लोकसेवा केंद्र, लाइसेंस सेल और शस्त्र शाखा जैसे दफ्तर होंगे जहां सबसे ज्यादा भीड़ रहती है।
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दूसरा व तीसरा फ्लोर: यहां जिले के मुखिया यानी कलेक्टर का कार्यालय और एनआईसी (NIC) ऑफिस होगा। तीसरे फ्लोर पर भारत एवं राज्य निर्वाचन आयोग के दफ्तर और आईजी-डीआईजी के कार्यालय संचालित होंगे।
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चौथा से सातवां फ्लोर: इन मंजिलों पर गैस राहत विभाग, खनिज विभाग, महिला एवं बाल विकास, ई-गवर्नेंस सोसायटी और संभागायुक्त (कमिश्नर) कार्यालय के विभिन्न अनुभाग होंगे। सबसे ऊपरी मंजिल पर मीटिंग हॉल और रिकॉर्ड रूम की व्यवस्था होगी।

ट्रैफिक और पार्किंग की टेंशन होगी खत्म
सरकारी दफ्तरों के बाहर गाड़ियां खड़ी करने की जगह न होना एक बड़ी समस्या रही है।
इस नए कॉम्प्लेक्स में मल्टी-लेवल पार्किंग की व्यवस्था की गई है।
यहां 345 कारों के लिए मल्टी-लेवल पार्किंग, 112 कारों के लिए स्टिल्ट पार्किंग और 162 दोपहिया वाहनों के लिए अलग से जगह होगी।
इतना ही नहीं, बाहर की सड़क पर जाम न लगे इसके लिए कोहेफिजा जंक्शन पर एक अंडरपास बनाया जाएगा।
लालघाटी की ओर जाने वाली 54 मीटर चौड़ी सड़क को तीन हिस्सों में बांटा जाएगा, जिससे आम वाहन चालक और सरकारी दफ्तर आने वाले लोग बिना किसी रुकावट के आवाजाही कर सकें।

स्मार्ट गवर्नेंस और पारदर्शिता
इस प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा फायदा फाइलों के मूवमेंट में होगा।
जब सभी बड़े अधिकारी और विभाग एक ही कैंपस में होंगे, तो अंतर-विभागीय समन्वय बेहतर होगा।
इससे न केवल सरकारी काम में पारदर्शिता आएगी, बल्कि भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगेगी क्योंकि जनता को हर काम के लिए ‘सिंगल विंडो’ सुविधा मिलेगी।
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