Dhar Varah March Police Action: मध्य प्रदेश के धार शहर में 15 सितंबर को प्रस्तावित ‘वराह मार्च’ को लेकर पुलिस और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
शहर में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
अनुमति निरस्त होने के बावजूद मार्च में शामिल होने पहुंच रहे लोगों पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने त्रिमूर्ति चौराहे से मुख्य आयोजकों समेत लगभग 40 लोगों को हिरासत में ले लिया है।

बिना इजाजत रैली की घोषणा, प्रशासन सख्त
सनातन प्रहरी समिति ने दोपहर 2 बजे शहर के पीजी कॉलेज ग्राउंड से विजय कीर्ति मंदिर तक एक विशाल बाइक रैली निकालने का ऐलान किया था।
हालांकि, शहर के संवेदनशील माहौल को देखते हुए प्रशासन ने इस यात्रा की अनुमति देने से इनकार कर दिया था।
इसके साथ ही मुस्लिम समाज द्वारा इसी दिन मांगी गई एक अन्य वाहन रैली की अनुमति को भी खारिज कर दिया गया था।
शहर में पहले से ही धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू है।
इसके बावजूद जब लोग रैली में शामिल होने के लिए जुटने लगे, तो पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया।

PG कॉलेज सील, परिसर में बनाई गई अस्थायी जेल
आयोजन स्थल को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन ने पीजी कॉलेज ग्राउंड को पूरी तरह से सील कर दिया है।
ग्राउंड के सभी रास्तों पर पुलिस का कड़ा पहरा है और किसी भी आम नागरिक या कार्यकर्ता को अंदर जाने की इजाजत नहीं दी जा रही है।
अप्रिय स्थिति से निपटने और हिरासत में लिए गए लोगों को रखने के लिए कॉलेज परिसर के अंदर ही एक अस्थायी जेल का निर्माण किया गया है।
त्रिमूर्ति चौराहे और अन्य इलाकों से पकड़े गए लोगों को तुरंत इसी अस्थायी जेल में भेजा जा रहा है।

पकड़े गए प्रमुख लोगों में सनातन प्रहरी समिति के आयोजक अंशुल शर्मा और आशीष बसु शामिल हैं।
1000 पुलिसकर्मी तैनात, ड्रोन और CCTV से निगरानी
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) विजय डावर ने बताया कि कानून व्यवस्था से जुड़ी किसी भी संभावित चुनौती से निपटने के लिए शहर में 800 से 1000 पुलिस जवानों को तैनात किया गया है।
शहर में प्रवेश करने वाले सभी मुख्य मार्गों और चौराहों पर पुलिस की नाकेबंदी है।
थानों के प्रभारी खुद सड़कों पर उतरकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं।

इसके अलावा, संवेदनशील इलाकों, ऊंची इमारतों (हाईराइज बिल्डिंगों) और संकरे रास्तों पर ड्रोन कैमरों से नजर रखी जा रही है।
पूरे शहर की सीसीटीवी निगरानी भी तेज कर दी गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल शहर में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में और सामान्य है।
विजय मंदिर (लाट मस्जिद) एहतियातन बंद
जिस ऐतिहासिक और संरक्षित स्थल तक यह ‘वराह मार्च’ ले जाने की योजना थी, उसे हिंदू पक्ष ‘विजय मंदिर’ और मुस्लिम पक्ष ‘लाट मस्जिद’ के नाम से जानता है।
यह स्थल भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के संरक्षण में है।
यहां सामान्य दिनों में मुस्लिम समाज नमाज अदा करता है और हिंदू समाज दशहरा पर्व पर मिलन समारोह आयोजित करता है।

जगह की संवेदनशीलता को देखते हुए एएसआई ने मंगलवार को इस इमारत को पर्यटकों और आम जनता के लिए पूरी तरह बंद रखने का फैसला किया है।
प्रशासन की अपील और सख्त चेतावनी
प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए शहर में लगाए गए वराह मार्च से जुड़े सभी पोस्टर, बैनर और झंडे पहले ही हटवा दिए थे।
इसके साथ ही आसपास के जिलों और बाहरी क्षेत्रों से आने वाले लोगों से अपील की गई है कि वे फिलहाल धार शहर की यात्रा न करें।

पुलिस प्रशासन ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि किसी ने भी कानून व्यवस्था को हाथ में लेने, किसी संरक्षित इमारत को नुकसान पहुंचाने या धारा 163 का उल्लंघन करने की कोशिश की, तो उसके खिलाफ बिना किसी ढील के सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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