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गैंगवार या रंजिश? राम मंदिर उड़ाने की साजिश रचने वाले आतंकी अब्दुल रहमान की फरीदाबाद जेल में हत्या

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Terrorist Abdul Rehman Killed: हरियाणा की फरीदाबाद स्थित नीमका सेंट्रल जेल से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है।

यहां बंद एक कथित आतंकी, अब्दुल रहमान की उसके ही बैरक में रहने वाले एक अन्य कैदी ने हत्या कर दी है।

यह घटना रविवार देर रात की बताई जा रही है।

सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बावजूद हुई इस वारदात ने जेल प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

Terrorist Abdul Rehman Killed

कैसे हुई वारदात?

जानकारी के मुताबिक, अब्दुल रहमान और अरुण चौधरी उर्फ ‘अब्बू जट’ नाम का कैदी एक ही हाई-सिक्योरिटी बैरक में बंद थे।

रविवार की रात दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ।

देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि अरुण चौधरी ने किसी नुकीली चीज (संभवतः सुआ या धारदार हथियार) से अब्दुल पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया।

हमले में अब्दुल बुरी तरह घायल हो गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही जेल अधिकारियों में हड़कंप मच गया और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल भेजा गया।

कौन था अब्दुल रहमान?

  • 20 साल का अब्दुल रहमान मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अयोध्या (मिल्कीपुर) का रहने वाला था।
  • उसे मार्च 2025 में गुजरात एटीएस (ATS), आईबी और हरियाणा एसटीएफ ने एक संयुक्त ऑपरेशन में फरीदाबाद के एक खंडहर से गिरफ्तार किया था।
  • अब्दुल कोई मामूली अपराधी नहीं था, बल्कि वह अलकायदा (AQIS) के नेटवर्क से जुड़ा था।
  • जांच में सामने आया था कि उसने अयोध्या के भव्य राम मंदिर और हनुमानगढ़ी को बम से उड़ाने की साजिश रची थी।
  • गिरफ्तारी के वक्त उसके पास से दो जिंदा हैंड ग्रेनेड बरामद हुए थे।
  • वह सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथ की ओर झुका और फिर डार्क वेब के जरिए आतंकियों के संपर्क में आया था।
  • उसे 4 अप्रैल को अयोध्या में बड़ी वारदात को अंजाम देने का निर्देश मिला था, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने उसे समय रहते दबोच लिया।

हत्यारा अरुण चौधरी: एक शातिर अपराधी

अब्दुल की हत्या करने वाला अरुण चौधरी जम्मू का रहने वाला है और वह खुद एक कुख्यात अपराधी है।

अरुण का नाम सांबा के चर्चित अक्षय शर्मा हत्याकांड में आया था।

वह पहले जम्मू की कठुआ जेल में बंद था, लेकिन वहां जेल प्रशासन पर रिश्वत के आरोप लगाने और वीडियो वायरल करने के बाद उसे अक्टूबर 2024 में फरीदाबाद की नीमका जेल शिफ्ट किया गया था।

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हैरानी की बात यह है कि एक आतंकी और एक शातिर हत्यारे को एक ही बैरक में क्यों रखा गया, इसकी जांच अब पुलिस कर रही है।

सुरक्षा पर सवाल

जेल की हाई सिक्योरिटी सेल में हथियार (नुकीली चीज) कहां से आया?

क्या यह किसी सोची-समझी रंजिश का नतीजा था या अचानक हुआ विवाद?

पुलिस ने हमलावर अरुण चौधरी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जेल के भीतर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।

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