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दुबई-शारजाह में फंसे MP के 750 लोग: मोदी बोले- भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वापस लाएंगे, एयरलिफ्ट की तैयारी!

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Modi on Indian stranded Citizens इजराइल और ईरान के बीच छिड़ी जंग ने पूरी दुनिया की सांसें अटका दी हैं।

इसका सबसे बड़ा असर उन हजारों भारतीयों पर पड़ रहा है जो काम के सिलसिले में या घूमने के लिए इन देशों में मौजूद हैं।

ताजा जानकारी के मुताबिक, मध्यप्रदेश के करीब 750 से अधिक लोग इस वक्त मिडिल ईस्ट के अलग-अलग देशों में फंसे हुए हैं।

इनमें इंदौर के पूर्व विधायक संजय शुक्ला और कई बड़े कारोबारी भी शामिल हैं।

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मोदी की हाई-लेवल मीटिंग और सुरक्षा का भरोसा

हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में एक आपातकालीन बैठक बुलाई।

1 मार्च की रात को हुई इस सुरक्षा समिति की बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और सीडीएस जनरल अनिल चौहान शामिल हुए।

पीएम मोदी ने साफ कर दिया है कि उनकी सरकार की पहली प्राथमिकता वहां फंसे हर भारतीय की सुरक्षित घर वापसी है।

पीएम मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात की है।

उन्होंने कहा कि भारत शांति के पक्ष में है, लेकिन अपने नागरिकों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं करेगा।

भारत ने साफ तौर पर कहा है कि हिंसा तुरंत रुकनी चाहिए क्योंकि इससे लाखों निर्दोष लोगों की जान को खतरा है।

दुबई और शारजाह में दहशत का मंजर

इंदौर के मशहूर कारोबारी पिंटू छाबड़ा और पूर्व विधायक संजय शुक्ला दुबई में थे, जब वहां के हालात बिगड़े।

बताया जा रहा है कि उनके होटल के पास ही स्थित ‘पार्क जुमेरा होटल’ के करीब एक मिसाइल गिरी, जिससे पूरा इलाका दहल गया।

धमाके की आवाज सुनते ही इंदौर के इस समूह ने तुरंत वह इलाका छोड़ दिया और सुरक्षित स्थान पर शरण ली।

वहीं, अबू धाबी में फंसे सुमित टोंग्या ने बताया कि उन्होंने आसमान में मिसाइलों को उड़ते देखा।

शनिवार की रात खौफनाक थी, जब सरकार की तरफ से मोबाइल पर इमरजेंसी अलर्ट आए और धमाकों की आवाजें गूंजती रहीं।

फिलहाल, फ्लाइट्स कैंसिल होने की वजह से लोग एयरपोर्ट्स पर फंसे हुए हैं।

मध्यप्रदेश सरकार का प्लान

मध्यप्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय खुद इस पूरे मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

उन्होंने फंसे हुए लोगों से फोन पर बात की है। विजयवर्गीय ने सलाह दी है कि जो लोग दुबई या शारजाह में फंसे हैं, वे सड़क मार्ग से ओमान जाने की कोशिश करें।

चूंकि ओमान और भारत के बीच हवाई संपर्क अभी चालू है, इसलिए वहां से सुरक्षित वापसी की संभावना अधिक है।

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खिलाड़ी और छात्र भी फंसे

सिर्फ पर्यटक ही नहीं, बल्कि भारत की सीनियर पुरुष बास्केटबॉल टीम भी दोहा (कतर) में फंसी हुई है।

टीम में मध्यप्रदेश के तुशाल सिंह शामिल हैं।

उन्हें मैच के लिए लेबनान जाना था, लेकिन युद्ध के कारण एयरस्पेस बंद होने से वे वहां से निकल नहीं पा रहे हैं।

विमान सेवाओं पर बड़ा असर

मिडिल ईस्ट का आसमान बंद होने की वजह से भारत आने-जाने वाली उड़ानों पर ब्रेक लग गया है।

अकेले दिल्ली एयरपोर्ट पर 87 इंटरनेशनल फ्लाइट्स कैंसिल की गई हैं।

पिछले दो दिनों में कुल 760 विदेशी और 350 से ज्यादा घरेलू उड़ानें प्रभावित हुई हैं।

एयर इंडिया एक्सप्रेस की शारजाह-इंदौर फ्लाइट भी लगातार निरस्त हो रही है, जिससे यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है।

क्या कहता है विपक्ष और सरकार की राय?

पूर्व विधायक संजय शुक्ला ने सरकार से अपील की है कि केवल ‘इवेंट मैनेजमेंट’ से काम नहीं चलेगा, लोगों को जमीन पर सुरक्षित निकालने की जरूरत है।

वहीं केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू का कहना है कि मोदी सरकार का ट्रैक रिकॉर्ड रहा है कि वह युद्ध क्षेत्र से भी अपने नागरिकों को निकाल लाती है (जैसे यूक्रेन और सूडान से निकाला)।

भारतीय दूतावास (Embassies) 24 घंटे अलर्ट मोड पर हैं।

आंकड़ों में समझें स्थिति:

  • ईरान में: 10,000 भारतीय
  • इजराइल में: 40,000 भारतीय
  • पूरे गल्फ रीजन में: लगभग 90 लाख भारतीय
  • मध्यप्रदेश के प्रभावित लोग: 750+

पश्चिम एशिया में तनाव कब कम होगा, यह कहना मुश्किल है, लेकिन भारत सरकार ने अपनी पूरी मशीनरी को एक्टिव कर दिया है।

यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपने पास के भारतीय दूतावास के संपर्क में रहें और सोशल मीडिया पर आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

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