Monsoon Update 2026: इस समय देश का मौसम दो अलग-अलग रंगों में नजर आ रहा है।
इसरो (ISRO) की सैटेलाइट से मिली तस्वीरों की मानें तो देश के लगभग 70% हिस्से में मानसूनी बादल छाए हुए हैं।
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 25 जुलाई तक उत्तर, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के बड़े हिस्से में अच्छी-खासी बारिश हो सकती है।
हालांकि, अगर इस पूरे मानसून सीजन की बात करें, तो अब तक देशभर में औसतन 24% कम पानी गिरा है।
यूपी में नदियाँ उफान पर, राजस्थान में फिर लौटी गर्मी
* उत्तर प्रदेश का हाल: यूपी के कई इलाकों में बारिश की वजह से नदियाँ तेजी से उफान मार रही हैं। वाराणसी और प्रयागराज में गंगा के घाटों की सीढ़ियाँ पूरी तरह पानी में समा चुकी हैं।
काशी के विश्व प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट से लेकर पंचगंगा घाट तक का इलाका जलमग्न है।
ऐतिहासिक रत्नेश्वर महादेव मंदिर समेत लगभग 40 छोटे-बड़े मंदिर पानी में डूब चुके हैं।
* राजस्थान का हाल: राजस्थान में मानसून पर अचानक ब्रेक लग जाने से लोग गर्मी और उमस से परेशान हैं।
बीकानेर संभाग के तीन जिलों में रविवार को पारा 41 डिग्री सेल्सियस के पार निकल गया।
हालांकि, मौसम विभाग (IMD) ने सोमवार से राज्य के 24 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है, जहाँ तेज हवाओं और बिजली चमकने के साथ हल्की से मध्यम बारिश की उम्मीद है।
मध्य प्रदेश: 16% कम हुई बारिश, जानिए अगले 4 दिन का अपडेट
मध्य प्रदेश में इस बार मानसून का मिजाज थोड़ा धीमा नजर आ रहा है। राज्य में अब तक सामान्य से 16% कम बारिश हुई है।
प्रदेश के पूर्वी हिस्से में तो हालत और भी चिंताजनक है, जहाँ सामान्य से 23% कम पानी गिरा है, जबकि पश्चिमी हिस्से में 10% की कमी दर्ज की गई है।
मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक, जुलाई के पिछले 12 दिनों से कोई बड़ा या मजबूत सिस्टम न बनने के कारण राज्य के 90% हिस्से में झमाझम बारिश नहीं हो सकी है।
अगले 4 दिन कैसा रहेगा MP का मौसम?
अगले 4 दिनों (23 जुलाई तक) प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में हल्की बारिश और बूंदाबांदी का दौर जारी रहेगा।
दमोह, मंडला और डिंडौरी जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
वहीं, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर समेत करीब 47 जिलों में आंधी-तूफान के साथ हल्की फुहारें पड़ने के आसार हैं।
नीमच, मंदसौर और रतलाम जैसे जिलों में बादल तो छाएंगे, लेकिन बारिश की संभावना कम है।
मौसम एक्सपर्ट की राय: क्यों बदला मौसम का मिजाज?
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार, मानसून की मुख्य रेखा (Monsoon Trough) इस समय उत्तर-पश्चिम भारत से लेकर बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है।
इसके साथ ही बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के ऊपर हवा का एक चक्रवाती घेरा (Cyclonic Circulation) बना हुआ है।
इस मौसमी तंत्र के चलते बंगाल की खाड़ी से नमी भरी हवाएं लगातार मध्य भारत की तरफ आ रही हैं। यही वजह है कि बादलों की आवाजाही बनी हुई है।
जैसे ही यह सिस्टम थोड़ा पश्चिम की तरफ खिसकेगा, बारिश का दायरा भी बढ़ जाएगा।
21 और 22 जुलाई के लिए देशभर का अलर्ट
* 21 जुलाई: जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट है।
दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और पश्चिमी यूपी में ऑरेंज अलर्ट रहेगा।
इसके अलावा बिहार, बंगाल, असम, राजस्थान और मध्य प्रदेश में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।
* 22 जुलाई: पहाड़ी राज्यों (जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड) में रेड अलर्ट बरकरार रहेगा।
दिल्ली, यूपी, बिहार और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
#MonsoonUpdate #RainAlert #WeatherForecast #UPRains #MPWeather #IndiaMonsoon #IMDAlert
