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मिडिल ईस्ट में महायुद्ध का आगाज! अमेरिका-इजरायल ने मिलकर किया ईरान पर भीषण हमला

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Israel Iran War 2026: शनिवार, 28 जनवरी की सुबह मध्य पूर्व (Middle East) में एक बार फिर महायुद्ध की शुरुआत हुई।

इजरायल और अमेरिका की संयुक्त सेनाओं ने ईरान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई प्रमुख शहर जोरदार धमाकों से दहल उठे हैं।

यह केवल एक सीमाई झड़प नहीं, बल्कि एक सीधा और भीषण सैन्य हमला है जिसने पूरी दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध की आहट सुना दी है।

हमले की बड़ी बातें और खामेनेई की सुरक्षा

इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने इसे एक ‘प्रिवेंटिव अटैक’ यानी बचाव में किया गया हमला करार दिया है।

खबर है कि यह हमला इतना सटीक था कि ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के दफ्तर के बेहद करीब मिसाइलें गिरीं।

सुरक्षा प्रोटोकॉल को देखते हुए खामेनेई को तुरंत किसी गुप्त और सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है।

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तेहरान के आसमान में धुएं के ऊंचे गुबार देखे जा रहे हैं और हर तरफ सायरन की आवाजें गूंज रही हैं।

अमेरिका और इजरायल का ‘जॉइंट ऑपरेशन’ 

हैरानी की बात यह है कि कुछ समय पहले तक ओमान के जरिए अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते को लेकर बातचीत की खबरें आ रही थीं। लेकिन अचानक हुए इस हमले ने सबको चौंका दिया।

अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि यह एक ‘जॉइंट ऑपरेशन’ है।

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी दी थी और अमेरिकी नागरिकों को इजरायल छोड़ने की सलाह दी गई थी।

अब यह साफ हो गया है कि वह चेतावनी इस बड़े हमले की तैयारी थी।

इजरायल में भी युद्ध जैसा माहौल

सिर्फ ईरान ही नहीं, इजरायल के भीतर भी स्थिति तनावपूर्ण है।

इजरायल ने अपने पूरे एयरस्पेस (हवाई क्षेत्र) को नागरिक उड़ानों के लिए बंद कर दिया है।

परिवहन मंत्री मिरी रेगेव ने साफ कहा है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है।

इजरायल के हर नागरिक के मोबाइल पर सीधे अलर्ट भेजे जा रहे हैं, जिसमें उन्हें बंकरों और सुरक्षित स्थानों के पास रहने को कहा गया है।

यह ‘प्रोएक्टिव अलर्ट’ इसलिए जारी किया गया है क्योंकि ईरान की ओर से किसी भी वक्त जवाबी मिसाइल हमले (Retaliation) की संभावना है।

मोसाद का मनोवैज्ञानिक युद्ध

इजरायल की खुफिया एजेंसी ‘मोसाद’ ने फारसी भाषा में ईरान के आम नागरिकों के लिए एक संदेश जारी किया है।

मोसाद ने कहा, “ईरानी भाइयों और बहनों, आप अकेले नहीं हैं।”

उन्होंने एक सुरक्षित टेलीग्राम चैनल भी बनाया है और ईरानियों से वहां की स्थिति के वीडियो साझा करने को कहा है।

यह ईरान सरकार के खिलाफ वहां की जनता को साथ लेने की एक बड़ी रणनीतिक चाल मानी जा रही है।

दुनिया पर क्या होगा असर?

इस हमले के बाद कतर और ओमान जैसे पड़ोसी देश भी अलर्ट पर हैं।

कतर ने अपने दूतावास के कर्मचारियों को सुरक्षित रहने के निर्देश दिए हैं।

वहीं, ओमान जो कल तक शांति की वकालत कर रहा था, अब इस सैन्य कार्रवाई से सकते में है।

विशेषज्ञ मान रहे हैं कि अगर ईरान ने जवाबी हमला किया, तो कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका बेहद बुरा असर पड़ेगा।

इजराइल में भारतीयों के लिए अलर्ट

इजराइल में भारतीय दूतावास ने कहा है कि वहां रह रहे सभी भारतीय सावधान और सतर्क रहें।

अपने घर या ऑफिस के पास बने सुरक्षित शेल्टर (सुरक्षित जगह) की जानकारी रखें और उनके पास ही रहें।

अभी के लिए इजराइल के अंदर गैर-जरूरी यात्रा से बचें। स्थानीय खबरें और सरकारी अलर्ट नियमित रूप से देखते रहें।

किसी भी आपात स्थिति में दूतावास की 24 घंटे हेल्पलाइन +972-54-7520711 पर संपर्क करें।

ईमेल के जरिए भी मदद ले सकते हैं-cons1.telaviv@mea.gov.inदूतावास स्थिति पर नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर नई जानकारी जारी करेगा।

फिलहाल तेहरान और यरूशलेम, दोनों तरफ सांसें थमी हुई हैं।

जहां एक तरफ धुआं और धमाके हैं, वहीं दूसरी तरफ जवाबी कार्रवाई का खौफ।

क्या यह युद्ध यहीं थमेगा या पूरी दुनिया को अपनी चपेट में लेगा, यह आने वाले कुछ घंटे तय करेंगे।

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